सितम्बर 12, 2017

टीसीएस के आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस पर ग्लोबल ट्रेड अध्ययन ने 2020 तक उद्योग-व्यापी निवेश का खुलासा किया

  • आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस में सबसे साहसी निवेश करते हुए यात्रा, आतिथ्य तथा टेलीकॉम जैसे उद्योगों में काम किया
  • कंपनी राजस्व के एक प्रतिशत के रूप में एआई निवेश में उपभोक्ता पैकेज उत्पाद, जनोपयोगी सेवाएं तथा बीमा व अन्य उद्योग 

मुंबई: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (बीएसई: 532540, एनएसई: टीसीएस), एक अग्रणी आईटी सेवा, सलाहकार तथा व्यापार समाधान संगठन ने आज अपने वैश्विक रुझान अध्ययन के परिणामों को जारी किया जिसका शीर्षक “क्षेत्र के अनुसार स्मार्ट बनना: किस तरह से 13 उद्योगों ने आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस का उपयोग किया।” जो आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस (एआई) के वर्तमान व भविष्य के प्रभाव पर फोकस करता है, इस अध्ययन में दुनिया का चार क्षेत्रों के 13 वैश्विक उद्योग क्षेत्रों के 835 एक्जीक्यूटिव ने हिस्सा लिया, जिसमें उन्होने ये खुलासा किया कि वे सभी एआई को 2020 तक उनकी रणनीतिक प्रतिस्पर्धात्मकता में अधिकाधिक महत्व दे रहे हैं।

एक अध्ययन के अनुसार सभी 13 उद्योगों के 80 प्रतिशत एक्जीक्यूटिव इस समय एआई में निवेश कर रहे हैं और लगभग 100 प्रतिशत 2020 तक इसमें निवेश करने की योजना रखते हैं।  बीमा उद्योग ने सर्वेक्षण किए गए दूसरे 12 उद्योगों को व्यय में पीछे छोड़ दिया है, जिसने एआई प्रणालियों में औसत रूप से लगभग $124 मिलियन खर्च किया है, जबकि बाकी सारे उद्योगों का औसत $70 मिलियन है। उपभोक्ता पैकेज उत्पादों ने $95 मिलियन के साथ दूसरा सबसे महत्वपूर्ण निवेश किया है।

2020 की ओर देखते हुए, एआई को एक दीर्घकालीन रणनीतिक दांव के रूप में देखा जा रहा है जिसमें 13 उद्योगों में से 10 ने एआई में अपना निवेश बढ़ाने की योजना बना रखी है। वर्तमान न्यूनतम निवेश स्तरों के साथ उद्योगों में वृद्धि बहुत नाटकीय है, जिसमें यात्रा, परिवहन और आतिथ्य शामिल हैं जिनकी योजना अपने व्यय को 2015 में $4 मिलियन से 750 प्रतिशत बढ़ाते हुए 2020 तक $34 मिलियन तक ले जाने की योजना है। इसके बाद मीडिया, मनोरंजन तथा सूचना सेवाओं में (292 प्रतिशत), औद्योगिक विनिर्माण (74 प्रतिशत), स्वास्थ्य सेवा (44 प्रतिशत) और बैंकिंग तथा वित्त में (29 प्रतिशत) की वृद्धि का स्थान है।

“हमारे वैश्विक रुझान अध्ययन का दूसरा चरण दर्शाता है कि सभी उद्योग एआई प्रौद्योगिकी को 2020 तक अपनी व्यावसायिक प्रतिस्पर्धात्मकता पर एक प्रमुख गेम-चेंजर के रूप में देखते हैं,” के अनंत कृष्णन, मुख्य प्रोद्योगिकी अधिकारी, टीसीएस बताते हैं। “यह विचित्र है कि वे क्षेत्र जो आज और भविष्य के सबसे अधिक साहसी एआई निवेश कर रहे हैं और सबसे महत्वपूर्ण परिणाम को देख रहे हैं वे बीमा, यात्रा, आतिथ्य और टेलीकॉम जैसे क्षेत्र हैं जहां पर इसका प्रमुख प्रभाव पड़ रहा है और उपभोक्ता पैकेज उत्पाद उद्योग जैसे उपभोक्ता केन्द्रित क्षेत्र है जहां पर उपभोक्ता अनुभव एआई नवाचार द्वारा महत्वपूर्ण रूप से बढ़ सकता है।”

एआई निवेश, राजस्व व आरओआई के प्रतिशत रूप में
एआई में एक अग्रणी निवेशक, औसत कंपनी राजस्व के प्रतिशत के रूप में निर्धारित, जहां पर उपभोक्ता पैकेज उत्पाद (सीपीजी) उद्योग (0.66 प्रतिशत), जिसके बाद यूटिलिटीज (0.53 प्रतिशत), बीमा (0.52 प्रतिशत) और टेलीक्यूनिकेशंस (0.39 प्रतिशत). कंपनियों ने रिपोर्ट किया कि उनकी एआई पहल का उन विशिष्ट व्यवसाय क्षेत्रों में राजस्व सुधार और लागत कमी दोनो पर मजबूत प्रभाव पड़ा जहां पर उन्होने एआई में निवेश किया। उनकी औसत राजस्व वृद्धि सभी 13 उद्योगों में 17 प्रतिशत रही, जबकि औसत लागत कमी 12 प्रतिशत थी। टेलेकॉम कंपनियों ने 2015 में एआई निवेश से राजस्व सुधार के रूप में (औसत 25 प्रतिशत) और लागत कमी के रूप में (औसत 20 प्रतिशत) सबसे अधिक मूल्य पैदा किए।

आईटी फंक्शन में एआई सबसे अधिक बार उपयोग की गयी
एआई को सबसे अधिक बार उपयोग करने वाला फंक्शन बिना किसी आश्चर्य के आईटी था, जबकि हाई टेक और यूटिलिटी कंपनियां दूसरे 11 उद्योग क्षेत्रों की तुलना में अपने आईटी ऑपरेशंस में कॉग्निटिव प्रौद्योगिकी का अधिकाधिक उपयोग कर रही हैं। अध्ययन किए गए सभी 13 उद्योगों में केवल 29 प्रतिशत कंपनियां आज एआई का उपयोग कर रही हैं। हालांकि आधी से अधिक सीपीजी कंपनियां (52 प्रतिशत) और लगभग आधी (49 प्रतिशत) रिटेलर अपने बिक्री प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए एआई टूल्स का उपयोग कर रही हैं।

एआई अनुकूलन के संभावित प्रतिरोध
अधिकांश उद्योगों के लिए एआई प्रणालियों के सुरक्षा जोखिम का प्रभावी प्रबंधन सबसे अधिक महत्व का है, आटोमोटिव, बैंकिंग तथा वित्तीय सेवाओं, सीपीजी, प्रौद्योगिकी, औद्योगिक विनिर्माण तथा टेलीकॉम उद्योग की कंपनियां, सभी इसे एआई से वास्तविक मूल्य हासिल करने के लिए पहले नंबर का कारक बता रही हैं। इसके अलावा, सभी उद्योग क्षेत्रों ने एआई प्रणालियों द्वारा प्रदान की गयी सलाह पर मैनेजरों व कर्मचारियों द्वारा विश्वास किए जाने और एआई की जरूरतों वाली नई प्रक्रियाओं व प्रणालियों के बारे में सीखने व उनको अपनाने के महत्व को देखा।

लगभग सभी क्षेत्रों में लोगों के नौकरी खोन के भय को सबसे बड़ी बाधा के रूप मे रैंक किया गया है। इसे इस साल मार्च में जारी वैश्विक रुझान अध्ययन के पहले चरण में रेखांकित किया गया था, जिसने देखा कि एआई से सबसे अधिक राजस्व व लागत सुधार वाली कंपनियों ने 2020 तक प्रत्येक फंक्शन में नई नौकरियों में तीन गुना वृद्धि की जरूरत को पहचाना, जिसका कारण कॉग्निटिव कम्प्यूटिंग नवाचार होगा।