सितम्बर 02, 2017

टाटा स्टील द्वारा कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस में लाइब्रेरी की स्थापना

भुवनेश्वर: दुनिया के सबसे बड़े जनजातीय आवासीय शिक्षण संस्थान कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस (KISS) में, जिसे हाल ही में भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला है, टाटा स्टील द्वारा 150 सीट वाले एक लाइब्रेरी भवन की स्थापना की गई है।

टाटा स्टील द्वारा KISS में 150 सीट वाले एक लाइब्रेरी की स्थापना

लाइब्रेरी का उद्घाटन उड़ीसा के मुख्य मंत्री श्री बीजू पटनायक द्वारा आज किया गया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे KISS के संस्थापक डॉ अच्युत सामंता, टाटा स्टील इंडिया & SEA के मैनेजिंग डायरेक्टर टीवी नरेंद्रन, वाइस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट सर्विसेस, सुनील भास्करन तथा प्रॉजेक्ट गोपालपुर के वाइस प्रेसिडेंट तथा टाटा स्टील स्पेशल इकोनॉमिक जोन के मैनेजिंग डायरेक्टर अरुण मिश्र तथा अन्य।

4.40 करोड़ रुपए से निर्मित 150 सीटों वाली लाइब्रेरी एक प्रीफैब्रिकेटेड इंजीनियरिंग बिल्डिंग है जिसके निर्माण के लिए नीव में स्टील के ढ़ांचे का उपयोग किया गया है। यह फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल तथा सैनिटरी फिटिंग्स एवं अन्य साधनों से लैस है। कुल लागत में 30 लाख रुपए की राशि टाटा पावर द्वारा प्रदान की गई है। यह लाइब्रेरी उड़ीसा में शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने हेतु साझेदारी और योगदान के लिए टाटा स्टील की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

2009 में, टाटा स्टील ने KISS के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किया जिसका उद्देश्य था कलिंगनगर के पुनर्वासित परिवारों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने में विशेष बल देते हुए राज्य की जनजातीय समुदायों के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन लाने हेतु मिलकर करना। यह सहभागिता पूर्ण सहयोग की आज परिणति टाटा स्टील द्वारा इस संस्थान के अंदर लाइब्रेरी के निर्माण में हुआ जहां जनजातीय समुदायों के 25,000 से अधिक छात्र रहते हैं।

अपने संबोधन में श्री नरेंद्रन ने कहा, ‘अपने परिचालन केंद्र के आस-पास रहने वाले समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाना टाटा स्टील के व्यावसायिक दर्शन का अभिन्न अंग है। हमारे परिचालन प्रायः उन क्षेत्रों में हैं जहां अनु. जाति/जनजाति के लोगों की बड़ी आबादी निवास करती है और हमारा मानना है कि सकारात्मक प्रयास करना हमारे आस-पास रहने वालों समुदायों की सेवा के लिए उपयुक्त कदम है।