नवम्बर 05, 2017

Q2FY17 की तुलना में Q2FY18 में टाटा पावर के रिन्युएबल बिजनस का लाभ दुगुना हुआ और इसने 101 प्रतिशत की उछाल दर्ज की

  • Q2FY17 के रु. 86 करोड़ की तुलना में Q2FY18 में रिन्युएबल बिजनस प्रॉफिट रु. 173 करोड़ रहा
  • क्लीन पोर्टफोलियो (गैर-जीवाश्म ईंधन) बढ़कर 3,210MW

राष्ट्रीय: भारत की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनी टाटा पावर ने आज घोषणा की कि भारत में रिन्युएबल पोर्टफोलियो ने FY18 के Q2 में रु. 173 करोड़ का स्वस्थ लाभ दर्ज किया है जो Q2FY17 की तुलना में 101 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। सात ही, कंपनी ने यह भी घोषणा की कि इसके सभी व्यवसायों में मजबूत परिचालन प्रदर्शन के कारण तिमाही के दौरान इसके कॉनसॉलिडेटेड अंडरलाइंग EBITDA में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह गैर-जीवाश्म ईंधन पोर्टफोलियो आज की तारीख में 3,210 मेगावाट पर है, जो गत वर्ष इसी अवधि के मुकाबले एक अच्छी बढ़ोत्तरी है।

अपने नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुसार, टाटा पावर ने पलासवाडी में 30 मेगावाट का एक और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है, जिसे इसके पूर्ण अनुषंगी, टाटा पावर रीन्यूएबल एनर्जी (TPREL) ने बनाया है। इस संयंत्र से 62 मिलियन किलोवाट वार्षिक से ज्यादा के उत्पादन की संभावना है। टाटा पावर ने वेलस्पन का अधिग्रहण करते हुए 31 नए सौरऊर्जा संयंत्र और दो पवन संयंत्र शामिल किए हैं। इसके साथ ही, कंपनी तथा इसकी सहायक कंपनियां अब 13 राज्यों में 75 संयंत्रों का संचालन कर रही है।

कंपनी के नवीकरणीय पोर्टफोलियो में सकारात्मक वृद्धि पर टिप्पणी करते हुए, अनिल सरदाना, MD तथा CEO, टाटा पावर ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों से, टाटा पावर में हमने एक स्वस्थ ऊर्जा सम्मिश्रण विकसित करने पर बल दिया है जो एक धारणीय भविष्य सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप है। हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्य करते रहे हैं और इसके लिए हमने अपने नवीकरणीय ऊर्जा व्यवसाय में कार्बनिक तथा अकार्बनिक परियोजनाओं को शामिल किया है। इस तरीके से हमारे नवीकरणीय तथा स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो में एक स्थायी वृद्धि आई है। पांच वर्षों की छोटी सी अवधि में, हम विकसित होकर भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी बन गए हैं। हम नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के साथ ही नवीनतम युग की प्रौद्योगिकी में निवेश करना जारी रखेंगे, जिससे हमारी संचालन दक्षता में वृद्धि के साथ ही हमारे शेयरधारक मूल्यों को भी बढ़ाया जा सके।”

टाटा पावर अपने नवीकरणीय ऊर्जा व्यवसाय को भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी के स्थान पर बनाए रखने के लिए लगातार काम करते रहेंगे, और साथ ही 2025 तक अपनी क्षमता को स्वच्छ ऊर्जा साधनों के जरिए 30–40 प्रतिशत तक लाने के अपने लक्ष्य के लिए भी कार्यरत रहेंगे।