सितम्बर 04, 2017

टाटा पावर के उन्नत CSR कार्यक्रम द्वारा FY17 में दीर्घकालीन धारणीय विकास

  • 13 राज्यों के 300 गांवों/शहरी इलाकों के पांच लाख से अधिक लोगों तक CSR प्रयासों की पहुंच
  • वित्तीय समावेशन, नवीकरणीय ऊर्जा और जल (सिंचाई तथा पेयजल) के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, कौशल सृजन, आजीविका तथा सामाजिक पूंजी पर विशेष ध्यान
  • टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट ने सामुदायिक विकास के साधन के रूप में खुद को सशक्त करना जारी रखा है

राष्ट्रीय: भारत की सबसे बड़े समेकित बिजली कंपनी टाटा पावर ने हमेशा ही अपने कार्यस्थल के आस-पास के इलाकों में लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने तथा उनके समग्र विकास के लिए विभिन्न प्रयास किए हैं। इस दर्शन का अनुसरण करते हुए, टाटा पावर के उन्नत CSR कार्यक्रम ने FY17 में दीर्घकालीन धारणीय विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। इसके जरिए, कंपनी ने 13 से अधिक राज्यों के 300 से अधिक गांवों/शहरी इलाकों तथा मुंबई और दिल्ली में पांच लाख से अधिक लोगों तक पहुंच कर उन्हें लाभान्वित किया है।

इस प्रयास पर बोलते हुए टाटा पावर के एमडी और सीईओ श्री अनिल सरदाना ने कहा, ‘एक शताब्दी से भी अधिक समय पहले टाटा समूह के संस्थापक श्री जमशेदजी टाटा ने राष्ट्र और समाज के निर्माण की परंपरा का बीजारोपण किया। इस दर्शन का अनुसरण करते हुए, टाटा पावर का CSR पर जोर दिया जाना धारणीय कार्यक्रमों को अपनाने पर केंद्रित रहा जहां सहभागी विकास के वास्तविक जज्बे के साथ समुदाय के हाथों में कार्यक्रमों का स्वामित्व दिया जाता है। बतौर कंपनी, हम समुदाय का खयाल रखने की सर्वोत्तम रीति और ‘पसंदीदा पड़ोसी’ की अवधारणा को मजबूत करते हुए ‘लीडरशिप विद केयर’ के दर्शन में यकीन रखते हैं। राष्ट्र निर्माण की सामूहिक जिम्मेदारी के अंग के रूप में टाटा पावर तथा इसके निकायों द्वारा दीर्घकालीन तौर पर वांछित परिणाम हासिल और साझा करने के लिए समुदाय, शिक्षण संस्थानों, सरकार और सिविल सोसाइटी सहित प्रमुख हितधारकों के साथ सहभागिता किया जाना जारी रहेगा।

दीर्घकालीन धारणीय कार्यक्रमों पर रणनैतिक फोकस के साथ टाटा पावर ने अपने फोकस क्षेत्र में सुधार किया है जो स्वतंत्र आवश्यकता मूल्यांकन और बदलती सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर आधारित है। उनमें शामिल हैं शिक्षा (लैंगिक संतुलन पर बल), स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, आजीविका और नियोजनीयता, सामाजिक पूंजी और संस्था निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, जल तथा वित्तीय समावेशन। टाटा पावर के निकायों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों की रूपरेखा इस प्रकार है।

  • असम में बाढ़ के दौरान बाढ़ राहत प्रयासों में मदद
  • इस वर्ष, 320 स्कूलों  को 0.6 लाख स्कूली बच्चों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से शामिल किया गया
  • 167 गांवों में स्वास्थ्य कार्यक्रमों का क्रियान्वयन जिसके तहत 1.17 लाख लोग लाभान्वित
  • 129 गांवों में आजीविका एवं रोजगार क्षमता प्रदायन कार्यक्रमों का संचालन जिनसे 0.05 लाख निवासी लाभान्वित
  • टाटा पावर स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (TPSDI) के तहत 10,000 युवा शामिल। इस साल TPSDI के पांचवें केंद्र का जमशेदपुर में शुभारंभ कर राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस तरह TPSDI के तहत कला कौशल निर्माण केंद्रों की पांच अवस्थाओं से भविष्य में समुदाय के लिए कौशल विकास के अवसरों में सुधार होने की अपेक्षा है।
  • शिक्षा के अंतर्गत, सकारात्मक गतिविधि के अंग के रूप में, अनु. जाति/जनजाति के 18 प्रतिशत छात्रों को शामिल किया गया। नैदानिक कक्षाओं, ई-लर्निंग तथा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए सुधार पर विशेष बल दिया गया है।
  • खुले में शौच से मुक्ति के बारे में जागरुकता अभियान चलाए गए जिनके तहत 5000 परिवार आए।
  • वेक्टर जनित तथा जल जनित बीमारियों के बचाव के लिए अभियान चलाते हुए समुदाय के स्वामित्व वाले पेय जल आपूर्ति के प्रयास जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य के बारे में जागरुकता के साथ किए गए। विभिन्न बीमारियों के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए बचावकारी स्वास्थ्य पर कम से कम 164 जागरुकता सत्रों का भी आयोजन किया गया।
  • आजीविका और नियोजनीयता के अंतर्गत, समेकित कृषि प्रयासों के तहत 3,371 लाभार्थी शामिल किए गए और 3100 एकड़ क्षेत्रफल में इसे चलाया गया। TPSDI के अलावा, अन्य नियोजनीयता प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 1,047 युवा शामिल किए गए
  • सामाजिक पूंजी और वित्तीय समावेशन के तहत 537 SHGs में 6,400 SHG सदस्य शामिल किए गए जो 133 गांवों से थे और इसके लिए रु.147 लाख की राशि जुटायी गई। SHGs के 42 प्रतिशत महिला सदस्यों को आय सृजन गतिविधियों में प्रशिक्षित किया गया।
  • सरकारी योजनाओं के साथ कनवर्जेंस के जरिए नवीकरणीय ऊर्जा समाधान के कार्य भी हाथ में लिए गए जिसमें शामिल था BPL परिवारों को LPG तथा घरेलू स्तर की सोलर लाइटिंग सुविधा मुहैया कराना