दिसम्बर 05, 2017

टाटा पावर द्वारा जोजोबेरा में वंचित समुदाय के बच्चों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार के प्रयास

जोजोबेरा: भारत की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनी टाटा पावर ने हमेशा ही समुदायों के जीवन को समृद्ध बनाने के प्रयास में खुद को अग्रणी रखा है। इसी दर्शन के अनुरूप टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट (TPCDT) ने जोजोबेरा में ALIG एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के साथ मिलकर जोजोबेरा पावर प्लांट के आस-पास रहने वाले वंचित बच्चों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के प्रयास शुरू किए हैं। इस पहल के जरिए स्थानीय छह सरकारी स्कूलों के बच्चों में अंग्रेजी सीखने और समझने की क्षमता में सुधार हेतु अनेक कार्यक्रम शुरू किए गए।

इस पहल का लक्ष्य रहा है बच्चों को स्पोकेन इंगलिश में बेहतर बनाने में मदद करना और गुणात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना। इस कार्यक्रम को इंगलिश भाषा में ट्यूटोरियल सपोर्ट के जरिए डिजायन किया गया है और इसने कक्षा I से VIII तक के 1,700 से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया है।

TPCDT द्वारा हाल ही में कराए गए सर्वेक्षण से पता चलता है इस कार्यक्रम के चलाए जाने से पूर्व प्राइमरी सेक्शन (कक्षा I से IV) के केवल 15 प्रतिशत बच्चों को एल्फाबेट की जानकारी थी, उनमें से केवल 3 प्रतिशत शब्द पहचान सकते थे और केवल 1 प्रतिशत बच्चे ही ऐसे थे जो शुद्ध-शुद्ध पढ़ या लिख सकते थे। कार्यक्रम शुरू किए जाने के महीने भर बाद से ही परिणाम में बड़े सुधार के संकेत मिलने लगे और पाया गया कि अब उसी प्राइमरी समूह के 87 प्रतिशत बच्चों को एल्फाबेट की जानकारी थी, उनमें से 26 प्रतिशत शब्दों को सही-सही पहचान सकते थे और 8 प्रतिशत बच्चे ऐसे थे जो शुद्ध-शुद्ध पढ़ने और लिखने में सक्षम थे। आगे चलकर इस आंकड़े में और भी सुधार आया और अब कक्षा I से IV 99 प्रतिशत बच्चे एल्फाबेट पहचानते हैं (बेसलाइन 89 प्रतिशत था), 94 प्रतिशत बच्चे शब्द पहचानते हैं (बेसलाइन 86 प्रतिशत था), और 87 प्रतिशत बच्चे शुद्ध वाक्य बना सकते हैं (बेसलाइन 82 प्रतिशत था)। इन छह स्कूलों में टैब्लेट पहुंचा कर डिजिटल साक्षरता की शुरू की गई है। औसतन, 937 बच्चे ऑनलाइन सामग्री पढ़ने के लिए इन टैब्लेट्स का हर माह उपयोग करते हैं।

इस प्रयास पर बोलते हुए जोजोबेरा स्टेशन के प्रमुख वीवी नामजोशी ने कहा, ‘टाटा पावर में हमने हमेशा बच्चों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के जरिए अपने समुदायों के समग्र विकास पर बल दिया है। स्पोकेन और रिट्न इंगलिश सुधारने और डिजिटल साक्षरता बढ़ाने का यह कार्यक्रम छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने का एक अन्य सोपान शिला है। आवश्यकता मूल्यांकन कार्य के दौरान समुदाय द्वारा गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी शिक्षा की आवश्यकता बताई गई। इसी अनुरूप हमने बेहतर परिणाम पाने के लिए यह कार्यक्रम और पाठ्य सामग्री तैयार किए।’

एक्स्ट्रा-करीकुलर गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए, हर स्कूल में ईको क्लब की भी स्थापना की गई है जिससे बच्चों को चित्रकारी, पेंटिंग, क्राफ्ट और मॉडल निर्माण सहित विभिन्न रुचियों के विकास में मदद मिलती है।