नवम्बर 27, 2017

टाटा पावर के हल्दिया पावर प्लांट द्वारा, हल्दिया, पश्चिम बंगाल में स्थानीय समुदायों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए अभियान चलाया गया

हल्दिया में स्थानीय समुदायों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए TPCDT का अभियान, 27 नवंबर, 2017

हल्दिया तथा कोलकाता: टाटा पावर, भारत की सबसे बड़ी एकीकृत पावर कंपनी, अपने संचालन क्षेत्र के तहत तथा आसपास निवास करने वाले समुदायों के स्वास्थ्य तथा जीवनस्तर को बेहतर बनाने के प्रयासों में अग्रणी मोर्चे पर कार्यरत रहते हैं। अपनी इसी नीति के अनुसार, टाटा पावर के कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट (TPCDT) ने हल्दिया में स्थानीय सरकारी निकायों के साथ मिलकर समुदाय के लिए शौचालय बनाने के लिए काम किया है, ताकि आसपास के गांवों को खुले में शौच (ODF) से मुक्त किया जा सके।

इस प्रयास का उद्देश्य शौचालय के उपयोग को बढ़ावा देना तथा खुले में शौच की आदत पर रोक लगाना था, जिससे इस मामले की गंभीर उपेक्षा से पैदा विभिन्न स्वास्थ्य तथा स्वच्छता संबंधी मुद्दों के प्रति समाज को जागरुक किया जा सके। यद्यपि शौचालय बनाने के लिए सहायता सरकारी अनुदान से प्राप्त होती है, किंतु TPCDT की टीम ने हस्तक्षेपी कार्यक्रमों, घर-घर संपर्क, तथा एसएचजी स्वच्छता कार्यक्रमों के जरिए शौचालय की जरूरत और समग्र स्वास्थ्य के प्रति सामूहिक जागरुकता को बढ़ावा दिया है। खानपुर ऐसा ही एक गांव है जहां के 90 प्रतिशत लोग खुले में शौच के लिए जाते हैं, और जहां TPCDT की टीम ने विभिन्न हितभागियों जैसे ग्रामपंचायत, शिक्षक, एसएचजी सदस्य के साथ मिलकर काम किया है तथा स्थानीय लोगों को खुले में शौच की आदत त्यागने के लिए प्रेरित किया है। सरकार ने खानपुर में 195 घरों के लिए शौचालय बनाने की परियोजना स्वीकृत की, जिसमें से 30 शौचालय पहले ही उनके सहयोग से बनाए जा चुके थे।

इस प्रयास के बारे में बताते हुए, हल्दिया स्टेशन के प्रमुख, अभिजीत एन दास ने कहा, “हल्दिया डिवीजन में हम, हमेशा अपने आसपास के समुदायों की जरूरतों का ध्यान रखते हैं और उनके समग्र विकास के लिए कार्य करते हैं। खुले में शौच की आदत को रोकना समय की मांग है। सरकारी कार्यक्रम को सुचारू रूप से लागू करके, हल्दिया TPCDT टीम ने न केवल सुविधाओं को लोगों तक घर-घर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया है, बल्कि साथ ही, यह भी दिखाया है कि किस प्रकार न्यूनतम संसाधनों से भी कोई कार्यक्रम लागू किया जा सकता है। हम आनेवाले दिनों में और अधिक गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ODF) करने के लिए और कठोर परिश्रम करेंगे।”