दिसम्बर 21, 2017

मुंबई में वंचित समुदाय के लिए टाटा पावर ने दी 'भोजन के अधिकार अभियान’ की सुविधा

भारत की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कम्पनी टाटा पावर उन समुदायों के कल्याण के प्रति अविरत रूप से योगदान देती आई है जो उसके संचालन क्षेत्र के आसपास बसे हैं। इस प्रतिबद्धता के अनुरूप, टाटा पावर ने कम्पनी के ट्रॉम्बे बिजली संयंत्र के आसपास वंचित समुदाय के लिए ‘भोजन के अधिकार अभियान’ की सुविधा प्रदान करके सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूती दी है।

'भोजन के अधिकार अधिनियम'

के लाभ के बारे में समुदायों को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा प्रदान करना था और उन्हें नागरिकों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। टाटा पावर की टीम ने पाया कि खाद्य अधिकार अधिनियम के बारे में लोगों के बीच जागरूकता की कमी है और अधिनियम के तहत लाभ पाने के लिए कई परिवारों के पास कानूनी दस्तावेज नहीं थे। ‘भोजन के अधिकार अधिनियम’ के तहत कानूनी अधिकार पर सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) के बीच एक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया था और सामुदायिक स्तर पर SHG सदस्यों की सतर्कता समितियां बनाई गई।

SHG नेताओं ने डेप्युटी कंट्रोलर राशनिंग/सहायक कलेक्टर को परिवारों के 450 आवेदन सौंपे। लगभग 120 आवेदन तुरंत स्वीकृत कर दिए गए और परिवारों को उनके संबंधित राशन की दुकानों पर अनाज मिलना शुरू हो गया।

इस अभियान पर टिप्पणी करते हुए टाटा पावर के कार्यकारी निदेशक और सीओओ  अशोक सेठी ने कहा,   “टाटा पावर आसपास के समुदाय के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और बिजली संयंत्र के आसपास के ग्रामीणों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर काम कर रही है। अभियान ‘भोजन के अधिकार अधिनियम’ के लाभों के बारे में समुदाय को जागरूक करेगा और गंभीर भूख के मुद्दे से लड़ेगा। हमारा दीर्घकालिक उद्देश्य सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और सही लोगों तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करना होगा। हम अपने साथ सहयोग करने और अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए राशनिंग कृति समिति के आभारी हैं।

कंट्रोलर राशनिंग/अतिरिक्त कलेक्टर ने राशन दुकानदारों और अनाज की कम गुणवत्ता के बारे में एसएचजी सदस्य द्वारा उठाई गई चिंताओं के आधार पर राशन की दुकानों पर एक अचानक ही जांच की।