फरवरी 10, 2018

टाटा पावर-डीडीएल 'SANGAM' - NGO सम्मेलन 2018 आयोजित किया

  • 1,700 से अधिक महिला लाभार्थी जो महिला साक्षरता एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों से थीं और जिन्होंने आयोजन में भाग लिया
  • 20 से अधिक सहभागी NGO को महिला सशक्तीकरण के दिशा में उनके योगदानों के लिए पुरस्कृत किया गया

नई दिल्ली: महिला सशक्तीकरण में सहयोग देने की दिशा में टाटा पावर-डीडीएल ने आज SANGAM – NGO सम्मेलन 2018 का आयोजन किया जिसमें कंपनी के सामाजिक नवाचार प्रयास के तहत 1,700 से अधिक लाभार्थियों तथा 20 से अधिक सहभागी एनजीओ ने भाग लिया। इस साल के NGO सम्मेलन का थीम था 'महिला सशक्तीकरण – उज्जवल कल की ओर प्रस्थान'।

टाटा पावर-डीडीएल के सीईओ एवं एमडी प्रवीर सिन्हा NGO सम्मेलन 2018 में लाभार्थियों एवं सहभागी एनजीओ के साथ

मौजूद लोगों ने महिला सशक्तीकरण, बाल उत्पीड़न, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, श्रम का महत्व आदि विषयों पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रहसनों में भाग लिया। सम्मेलन में स्वयं सहायता समूहों और लाभार्थियों द्वारा खुल कर अपने अनुभव साझा करने के बारे में भी चर्चा हुई। 70 से अधिक WLC प्रशिक्षकों, समन्वयकों, ABHAs तथा VT उज्जवल मामलों को सामुदायिक विकास की दिशा में उनके योगदान और कार्य के लिए इस अवसर पर सम्मानित किया गया।

इसके आलावा, 75 महिलाएं और VT केंद्र के छात्र ब्रांड अंबेसडर (ABHAs) के रूप में अपने कार्य के लिए सम्मानित हुए और 'अर्न व्हाइल लर्न’ की महिलाओं तथा सभी सहभागी एनजीओ को उनके कार्यों को महत्व देने के प्रतीक रूप में स्मारिका प्रदान किया गया।

टाटा पावर- डीडीएल ने 'साथी’ नामक अपने सामाजिक नवाचार कार्यक्रम के तहत उत्तरी तथा उत्तर पश्चिमी दिल्ली के जेजे क्लस्टर की निवासी निरक्षर/अनपढ़ महिलाओं, छात्रों और युवाओं के जीवन में शिक्षा, सशक्तीकरण और रूपांतरण लाने के अनेक सामुदायिक विकास एवं कल्याण प्रयासों को अपनाया है। इन पहलों ने हजारों वंचित व्यक्तियों को लाभ दिया है और उनके सपनो को साकार करने के अवसर दिए हैं।

सम्मेनल में सहभागियों को संबोधित करते हुए टाटा पावर-डीडीएल के सीईओ एवं एमडी प्रवीर सिन्हा ने कहा, ‘टाटा समूह के सिद्धांतों के अनुरूप टाटा पावर- डीडीएल अपने विविध सामाजिक नवाचार प्रयासों के जरिए समाज के वंचित तबके के साथ जुड़ते हैं। महिलाओं और युवा सशक्तीकरण प्रयासों पर विशेष बल देते हुए टिकाऊ समाजिक बदलाव लाने के उद्देश्य से हम अपने साझेदार एनजीओ के साथ घनिष्ठता के साथ काम कर रहे हैं'।