सितम्बर 04, 2017

टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन स्मार्ट मीटरों के भारत में पहले मास रोलआउट से उपभोक्ताओं को सशक्त करेगी

  • ये स्मार्ट मीटर रीयल-टाइम चेतावनी से उपभोक्ताओं के बेहतर सेवा विकल्प प्रदान करेंगे
  • फेज़ I (दो लाख मीटर) को वैश्विक ऊर्जा अग्रणी लैंडिस+जीवाईआर के साथ साझीदारी में कार्यान्वित किया जाएगा
  • सभी 18 लाख मीटरों का प्रतिस्थापन 2025 तक पूर्ण हो जाएगा

नई दिल्ली: अपने उपभोक्ताओं को स्मार्ट पावर सर्विस प्रदान करने के उद्देश्य से टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन (टाटा पावर- डीडीएल) अपने लाइसेंस वाले उत्तरी व उत्तर पश्चिमी दिल्ली के 510 वर्ग किमी क्षेत्र में अडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्टर (एएमआई) प्रोजेक्ट के पहले चरण में 2.5 लाख स्मार्ट मीटर से शुरुथआ कर रही है। यह प्रोजेक्ट टाटा पावर-डीडीएल को उनके ग्राहकों को ऊर्जा खपत पैटर्न पर सटीक जानकारी व बेहतर सेवा विकल्प देने, उनके अधिक कुशल बिजली उपयोग के प्रबंधन में आउटेज समय को कम करते हुए समग्र भरोसे को बेहतर करेगा। यह प्रोजेक्ट पूरे टाटा पावर-डीडीएल के नेटवर्क पर वास्तविक समय आधार पर निगरानी व नियंत्रण बिंदुओं को बेहतर करने और वाणिज्यिक हानियों में कमी में सहायता करेगा।

टाटा पावर-डीडीएल ने स्मार्ट मीटरों के पहले भारतीय बड़े पैमाने पर रोलआउट की शुरुआत की

एक स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की ही तरह लगता है लेकिन इससे मुफ्त आरएफ फ्रीक्वेन्सी पर मीटर व केन्द्रीय प्रणाली के साथ दो तरफा संवाद संभव होता है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनके उपयोग और उपभोक पैटर्न पर विस्तृत जानकारी प्रदान करके बिजली के उपयोग पर बेहतर नियंत्रण प्रदान करते हैं जिससे वे अपने खर्चों को बेहतर ढ़ंग से नियोजित कर सकते हैं। ये मीटर उनकी बिजली की खपत की अधिक सटीक रीडिंग भी प्रदान करते हैं। ये मीटर सुविधा की आउटेड की सटीक जानकारी बेज कर अधिक तेज आउटेज पहचान तथा सेवा की पुनःस्थापना में भी सहायता करेंगे, जिससे आउटेज की स्थिति में पुनःस्थापना के समय में कमी आएगी। स्मार्ट मीटर स्मार्ट ग्रिड के लिए भी मार्ग खोलने में सहायता करेंगे जो स्मार्ट सिटी मिशन की दिशा में रीढ़ की हड्डी है।

इस प्रोजेक्ट का पहला चरण वैश्विक ऊर्जा प्रबंधन अग्रणी लैंडिस+जीवाईआर के सहयोग में कार्यान्वित हो रहा है। पहले चरण में 50,000 तीन फेज वाले और 2,00,000 एकल फेज वाले मीटर लगेंगे। पहले फेज की शुरुआतमार्च 2018 से शुरु होगी जो मार्च 2019 तक पूरा हो जाएगा।

स्मार्ट मीटरिंग योजना

  • पहले पेज में दो लाख एकल फेज वाले और 50,000 तीन फेज वाले मीटर शामिल होंगे
  • संचार प्रणाली तथा स्मार्ट मीटर रोल-आउट का कार्यान्वयन मार्च 2018 से शुरु होगा और मार्च 2019 तक पूरा हो जाएगा
  • दूसरा चरण अप्रैल 2019 से शुरु होगा जिसमें पांच लाख एकल फेज वाले और 50,000 तीन फेज वाले मीटर शामिल होंगे।
  • पूरा प्रतिस्थापन तथा 18 लाख स्मार्ट मीटरों का लगना 2025 तक पूरा हो जाएगा।

टाटा पावर-डीडीएल दूसरे चरण के कार्यान्वयन की भी तैयारी कर रही है, जिसमें पांच लाख एकल फेज वाले और 50,000 तीन फेज वाले शामिल हैं जो अप्रैल 2019 से शुरु होगा। पूरा प्रतिस्थापन तथा 18 लाख स्मार्ट मीटरों का लगना 2025 तक पूरा हो जाएगा।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रवीर सिन्हा, सीईओ व एमडी, टाटा पावर-डीडीएल ने कहा, “उत्तर दिल्ली के हमारे उपभोक्ताओं के लिए आधुनिकतम एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्टर (एएमआई) प्रौद्योगिकी तथा समाधान लाने के लिए समर्पित हैं। हमारे 510 वर्ग किमी के हमारे पूरे परिचालन क्षेत्र के लिए भारत के बड़े पैमाने के स्मार्ट मीटर तथा आरएफ कैनोपी तैनाती पर लैंडिस+जीवाईआर के साथ हमारा काम भारत में स्मार्ट ग्रिड प्रौद्योगिकी को लाने के हमारे प्रयास में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह स्मार्ट मीटर तैनाती ना केवल हमारे उपभोक्ताओं को दो तरफा संवाद प्रणाली के साथ सशक्त करेगी बल्कि हमें विश्व स्तरीय पावर वितरण बुनियादी ढ़ांचे के साथ सच्चे रूप में स्मार्ट ग्रिड बनने के लिए महत्वपूर्ण नींव का निर्माण करने भी सहायता करेगी”।

”लैंडिस+जीवाईआर में हमें भारत की सबसे अभिनव इकाइयें में से एक के साथ इस यात्रा में शामिल होना बहुत गर्व और उपलब्धि की भावना प्रदान कर रहा है। ऊर्जा ग्रिड प्रौद्योगिकी से लेकर नवीकरणीय ऊर्जा पहलों तक और ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन बिलिंग तथा भुगतान प्रणाली पर, टाटा पावर-डीडीएल भारत में ऊर्जा प्रोद्योगिकियों में नवीनतम को कार्यान्वित करने में अग्रणी रही है। हम स्मार्ट मीटरों की इस महत्वपूर्ण पहली किश्त को उन्हें सप्लाई करने के लिए उत्सुक हैं क्योंकि यह स्मार्ट मीटर ऊर्जा डेटा की सप्लाई टाटा पावर-डीडीएल के साथ उनके उपभोक्ताओं के संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करेगी,” एली डॉयल, कार्यकारी उपाध्यक्ष, एपीएसी, लैंडिस+जीवाईआर ने कहा।