नवम्बर 06, 2017

Q2 में टाटा पावर के कॉनसॉलिडेटेड अंडरलाइंग EBITDA में 16 प्रतिशत की वृद्धि; मजबूत परिचालन प्रदर्शन दर्ज की गई

राष्ट्रीय: भारत की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनी टाटा पावर ने आज घोषणा की कि इसके सभी व्यवसायों में मजबूत परिचालन प्रदर्शन के कारण Q2 FY18 के दौरान कंपनी के कॉनसॉलिडेटेड अंडरलाइंग EBITDA में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पिछली तिमाहियों के दौरान कंपनी द्वारा प्रदर्शित रुझान के अनुरूप इसके अंडरलाइंग EBITDA में दर्ज की गई संवृद्धि कंपनी की परिचालन लाभदेयता और स्वस्थ नकदी प्रवाह को प्रदर्शित करती है। साथ ही, कंपनी ने H1 FY18 के दौरान कुल मिलाकर मजबूत प्रदर्शन दर्ज कराई है जहां अंडरलाइंग बिजनस EBITDA में H1 FY17 की तुलना में 25 प्रतिशत की वृद्धि पाई गई।

हितधारक मूल्य प्रदान करने की इसकी प्रतिबद्धता के संदर्भ में कंपनी ने अपनी उपस्थिति दुनिया भर में दर्ज कराई है, परिचालन दक्षता में नए मानक स्थापित किए गए हैं, वैश्विक संसाधनों में निवेश किए गए और उत्कृष्टता को नए सिरे से परिभाषित किया गया, जिससे इसे न केवल भारत की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनी के रूप में, बल्कि भारत की सबसे बड़ी हरित ऊर्जा कंपनी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिली है। बीते सालों में कंपनी ने 1,463MW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि की है जिससे परिचालन क्षमता 2,000MW बढ़ी है और अभी वर्तमान में अन्य 500MW ईकाई निर्माणाधीन है।

कंपनी के बढ़ते अंडरलाइंग EBITDA पर बोलते हुए टाटा पावर के एमडी तथा सीईओ अनिल सरदाना ने कहा,‘पिछले कुछ सालों में टाटा पावर में हमने अपनी परिचालन लागतों में कमी लाते हुए अपने वित्तीय निष्पादन को मजबूत करने के लिए अपने प्रयास के अपने परिचालन प्रदर्शन तथा आंतरिक प्रक्रियाओं में सुधार करने पर बल दिया है। इस प्रयास में अपने एंड-टू-एंड बिजनस तथा पावर जेनरेशन प्रॉसेस में सुधार के लिए हमने तकनीकी रूप से अग्रणी कई सारे समाधान पेश किए हैं। देश भर के हमारे सभी पारंपरिक और गैर-पारंपरिक संयंत्र मानक परिचालन प्राचलों के अनुरूप परिचालित होते हैं और वे देश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। हमारा बढ़ता हुआ अंडरलाइंग EBITDA लागत कम करने और संपूर्ण बोर्ड में परिचालन दक्षताओं को बढ़ाने के इस फोकस्ड अभिगम का प्रमाण है।’

टाटा पावर अपने सभी पावर प्लांट की परिचालन दक्षता को अधिकतम स्तर पर ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। अपने सोलर मॉड्यूल के नीचे एलोवेरा के पौधे लगाकर कंपनी ने सोलर मॉड्यूल्स के तापमान प्रभाव को कम करने की एक अभिनव तकनीक की शुरुआत की है। ऐसे सरल किंतु प्रभावशाली उपायों ने कंपनी की परिचालन दक्षता को अधिकतम स्तर तक ले जाने में मदद की है जिससे इसके लिए हर तिमाही मजबूत अंडरलाइंग EBITDA दर्ज कराना संभव हुआ है।