दिसम्बर 18, 2017

टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी ने कर्नाटक में 100 मेगावॉट का एक सोलर प्लांट शुरू (कमीशन) किया।

राष्ट्रीय: भारत की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी और टाटा पॉवर की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी, टाटा पॉवर रिन्यूएबल एनर्जी (TPREL), ने आज घोषणा की कि कंपनी ने कर्नाटक के पवगडा सोलर पार्क में 100MW के सोलर प्लांट (50MW X 2) स्थापित किया है। कम्पनी द्वारा इस परियोजना को मई 2016 में राष्ट्रीय सोलर (सौर) मिशन चरण- II बैच-II श्रृंखला- I राज्य विशिष्ट बंडलिंग योजना के तहत हासिल किया गया था। इस विकास के साथ, TPREL की कुल स्थापित ऑपरेटिंग क्षमता अब 1614 मेगावाट की हो गई है।

50 मेगावॉट के इन दो सोलर प्लांट का निर्माण 533 एकड़ के क्षेत्र में किया गया है। एनटीपीसी लिमिटेड के साथ 25 वर्षीय विद्युत खरीद समझौते के तहत सोलर प्लांट से बिजली की बिक्री 4.79 रुपए प्रति यूनिट के टैरिफ (सीमा-शुल्क) पर तय की गई है।

टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी के सीईओ राहुल शाह ने कहा, “कर्नाटक में 100 मेगावाट सोलर प्लांट की शुरुआत देश में सबसे बड़ी अक्षय ऊर्जा कम्पनी होने की हमारी स्थिति को मजबूत करती है, जिसकी स्थिति सोलर पावर उत्पादन में काफी प्रबल है। भूमि एवं निकासी की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाने पर हम सोलर पार्क में विकास के अवसरों को वरीयता देते हैं, और हम इस परियोजना पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। हम इस विकास पर अत्यंत गौरवांवित हैं और हम ऑर्गैनिक और इनॉर्गैनिक अवसरों के माध्यम से समूचे भारत में संभावित क्षेत्रों और चुनिंदा अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की तलाश जारी रखते हैं”;  

TPREL ने हाल ही में गुजरात के गुजरात सोलर पार्क स्थित चरनका में 25 मेगावाट सोलर प्लांट और महाराष्ट्र में पलासवाडे में 30 मेगावाट के सोलर प्लांट का शुभारंभ किया। टाटा पावर का विजन है 2025 तक कम्पनी की कुल उत्पादन क्षमता का 35-40% हिस्सा नॉन-फॉसिल (गैर-जीवाश्म) ईंधन स्रोतों से हासिल करना। टाटा पावर की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता इस साल 2000 मेगावाट की सीमा पार कर गई है और ग्रीन (पर्यावरण उपयोगी) उत्पादन पोर्टफोलियो भी 3000 मेगावाट के आंकड़े के पार पहुंच गया है।