दिसम्बर 19, 2017

2017 के CII-ITC सस्टेनबिलिटी पुरस्कारों में टाटा पावर को बायोडाइवर्सिटी (जैव विविधता) संरक्षण में डोमेन उत्कृष्टता का पुरस्कार प्राप्त हुआ

लगातार दो वर्षों तक इस पुरस्कार को जीतने वाली टाटा पावर एकमात्र कम्पनी है

राष्ट्रीय: टाटा पावर की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कम्पनी, जिसे प्रतिष्ठित डोमेन उत्कृष्टता श्रेणी के लिए पुरस्कार विजेता के रूप में मूल्यांकन किया गया था, ने आज जैव विविधता संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धियों के लिए CII-ITC सस्टेनेबिलिटी अवार्ड्स 2017 में अपनी जीत की घोषणा की। लगातार दो वर्षों तक इस पुरस्कार को जीतने वाली टाटा पावर एकमात्र कम्पनी है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव सी के मिश्रा की उपस्थिति ने इस पुरस्कार समारोह की शोभा बढ़ाई। टाटा पावर के कार्पोरेट पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के प्रमुख डॉ. आइएन राव संगठन की ओर से पुरस्कार प्राप्त करते हुए।

टाटा पावर के कार्पोरेट पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के प्रमुख डॉ. आइएन राव संगठन की ओर से पुरस्कार प्राप्त करते हुए

टाटा पावर ने पिछले 40 वर्षों में लुप्तप्राय माहसीर मछली प्रजातियों के संरक्षण के लिए उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं। कम्पनी ने महाराष्ट्र के लोनावला में एक हैचरी (मछली पालने के लिए जहाज) स्थापित किया है, जो इन प्रजातियों को पालती है और इन्हें राज्य के मत्स्य पालन विभागों को वितरित किया जाता है ताकि इन्हें प्राकृतिक जल में छोड़ दिया जा सके। अपनी जैव-विविधता रणनीति के माध्यम से कम्पनी व्यवस्थित रूप से जैव विविधता संरक्षण के लिए काम कर रही है और उसने उत्तरी पश्चिमी घाटों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्यक्रमों और कच्छ में समुदाय के नेतृत्व वाले प्रयासों सहित कई गतिविधियों की शुरुआत की है। 1,000 हेक्टेयर से अधिक मैंग्रोव्स को पुन:स्थापित किया गया है और कम्पनी ने उत्तरी पश्चिमी घाटों में पनबिजली जलाशयों के आस-पास के जलग्रहण क्षेत्रों को सफलतापूर्वक संरक्षित किया है।

इन उपलब्धियों पर टिप्पणी देते हुए टाटा पावर के एमडी व सीईओ अनिल सरदाना ने कहा, “टाटा पावर में स्थिरता एक जीवन पद्धति है और हमारी हर गतिविधि में यह गहराई से समाया हुआ है। सावधानी के साथ नेतृत्व के हमारे सिद्धांत के अनुसार, हम स्थिरता को हम ग्राहकों, समुदायों, लोगों और पर्यावरण के लिए देखभाल के रूप में परिभाषित करते हैं। हमारे कुछ प्रमुख पहल जैसे कि ‘एक्ट ऑफ माहसीर’ राष्ट्रीय अभियान बन गए हैं और इसका प्रभाव अद्भुत रहा है। हम बहुत हर्षित और गर्वित महसूस करते हैं कि हमारे प्रयासों के कारण हमें यह मान्यता प्राप्त हुई है, जो हमें बेहतर और बड़े पैमाने पर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

जैव विविधता प्रबंधन के लिए एक समर्पित टीम होने के अलावा, संरक्षण और आगे बढ़ने की दिशा में और अधिक प्रयासों के लिए टाटा पावर ने आईयूसीएन सहित प्रतिष्ठित संगठनों से साझेदारी की है। टाटा पावर ने ग्रामीण स्तर पर 20 अलग-अलग जैव विविधता प्रबंधन समितियों (बीएमसी) का सफलतापूर्वक गठन किया है। कम्पनी की जैव विविधता परियोजनाओं में दुर्लभ और लुप्तप्राय पौधों, जानवरों और स्थानिक पक्षी प्रजातियों के संरक्षण भी शामिल हैं।

2006 में सतत विकास के लिए उत्कृष्टता के सीआईआई-आईटीसी केंद्र द्वारा संस्थापित, स्थिरता पुरस्कार भारतीय व्यापार के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय आयामों का पहचान करता है और उनके अनुकरणीय प्रदर्शन को मान्यता देता है।