नवम्बर 08, 2017

100 MW सोलर प्लांट की स्थापना और समय पर कमीशनिंग के लिए टाटा पावर को सम्मान

कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री सिद्धरामैया ने टाटा पावर अवार्ड्स 2017 में पुरस्कार वितरित किए

राष्ट्रीय: भारत की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनी टाटा पावर ने आज घोषणा की कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी वल्वहान रिन्युएबल एनर्जी (WREL) को कर्नाटक में बड़े पैमाने के 100 MW पावर प्लांट की स्थापना और कमीशनिंग के लिए पुरस्कृत किया गया है। यह पुरस्कार कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री सिद्धरामैया ने टाटा पावर अवार्ड्स 2017 में WREL टीम को प्रदान किया। यह राज्य की सौर ऊर्जा नीति के तहत प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए संपन्न किया गया था।

पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री सिद्धरामैया ने की और कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री श्री डीके शिव कुमार ने कार्यक्रम की मेजबानी की। समारोह में राज्य के ऊर्जा विभागों तथा KPTCL, BESCOM और MESCOM जैसी यूटिलिटीज के उच्चाधिकारियों एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के अग्रणी व्यक्ति उपस्थित थे।

इस बारे में बोलते हुए टाटा पावर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर तथा COO अशोक सेठी ने कहा, ‘कर्नाटक में 100 MW सोलर प्लांट की स्थापना और समय पर कमीशनिंग के लिए यह पुरस्कार ग्रहण करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है। यह पुरस्कार हमारी उत्कृष्ट इंजीनियरिंग क्षमताओं तथा गहन तकनीकी कौशल का प्रमाण है। हम कर्नाटक के माननीय मुख्यमंत्री तथा माननीय ऊर्जा मंत्री के अभारी हैं जिन्होंने सबके लिए भरोसेमंद ऊर्जा सुनिश्चित करने के हमारे प्रयासों को सम्मानित किया।’

टाटा पावर रिन्युएबल एनर्जी (TPREL) ने WREL का अधिग्रहण (जिसे पहले वेल्सपन रिन्युएबल एनर्जी के नाम से जाना जाता था) सितंबर 2016 में किया, जिसके पास भारत के विभिन्न राज्यों में 1141 MW नवीकरणीय ऊर्जा है जिसमें 995 MW सोलर और 146 MW पवन ऊर्जा परिसंपत्ति है। कर्नाटक राज्य में कंपनी की कुल स्थापित क्षमता 117 MW सौर ऊर्जा संयंत्रों की है जिसमें 50 MW तलक, 34 MW कोडिहली, 17 MW नागसमुद्र और 16 MW राजपुरा में।

इस अवसर पर बोलते हुए WREL के सीईओ तथा ईडी महेश परांजपे ने कहा, ‘वल्वहान रिन्युएबल एनर्जी लिमिटेड में यह दिन हमारे लिए गौरव का दिन है। सौर ऊर्जा प्रॉजेक्ट्स की स्थापना के सर्वाधिक प्रभावी तरीके के साथ प्रत्येक कार्यव्यवहार के पुनरअभियंत्रण के द्वारा हमने हमेशा खुद को चुनौती दी है। निर्मित नवाचारों के कारण, लोअर कॉस्ट इंम्प्लीकेशन के साथ परियोजना खड़ी करने के समय में बहुत कमी आई है।’

WREL भारत में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के अग्रणी निर्माता हैं और कर्नाटक में इनके पास पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं का एक मजबूत परिचालन पोर्टफोलियो है।