नवम्बर 27, 2017

टाटा केंद्रीय अभिलेखागार ने युवाओं को अभिप्रेरित करने के लिए जमशेदजी एन टाटा पर प्रदर्शनी का आयोजन किया

हैदराबाद: अपने आउटरिच कार्यक्रम को विस्तारित करने के विचार से तथा आज के युवाओं को जमशेदजी एन टाटा के पदचिह्नों का अनुसरण करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से, टाटा केंद्रीय अभिलेखागार (TCA) ने दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), खाजागुडा, हैदराबाद में अपने संस्थापक पर केंद्रित एक चलंत प्रदर्शनी का आयोजन किया।

बाएं से दाएं– सुश्री गीता, प्राचार्या, डीपीएस; टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स से मि. वेंकटेशन, श्री राजन्ना, वीपी तथा क्षेत्रीय प्रमुख, टीसीएस, विनायक देशपांडे, एमडी, टाटा प्रॉजेक्ट्स; टाटा केंद्रीय अभिलेखागार से राजेंद्र प्रसाद नरेला, पीके घोष, निदेशक, टाटा सर्विसेज, टीआर डूंगाजी, निदेशक, टाटा केंद्रीय अभिलेखागार तथा जुबिन मिस्त्री, वीपी, टाटा सर्विसेज

इस प्रदर्शनी का उद्घाटन स्कूल परिसर में टाटा प्रॉजेक्ट्स के प्रबंध निदेशक, विनायक के देशपांडे द्वारा किया गया, जिनके साथ इस अवसर पर वी राजन्ना, टीसीएस के उपाध्यक्ष तथा क्षेत्रीय प्रमुख, तथा सुश्री गीता, प्राचार्या, डीपीएस, खाजागुडा, हैदराबाद उपस्थित थे।  टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स से एसआर वेंकटेशन, टाटा सर्विसेज के निदेशक पीके घोष, तथा टाटा केंद्रीय अभिलेखागार से टीआर डूंगाजी तथा राजेंद्रप्रसाद नरेला ने भी इस अवसर पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की।

उद्घाटन से पूर्व संस्थापक को पुष्प श्रद्धांजलि दी गई।

इस अवसर पर बोलते हुए श्री देशपांडे ने कहा, “जमशेदजी के योगदान को ठीक से समझने के लिए, 1868 की परिस्थियों को पहले समझना होगा।  उन्होंने भारत की संवृद्धि तथा इसके औद्योगीकरण को बेहतरीन तरीके से स्वरूप प्रदान किया, जिसका प्रभाव पीढ़ियों तक पड़ा है।” ;

श्री राजन्ना, सुश्री गीता तथा श्री देशपांडे प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए

श्री राजन्ना ने जमशेदजी टाटा के कथन को उद्धृत करते हुए कहा, “एक मुक्त उद्यम में, व्यवसाय में समाज केवल एक अन्य हितधारक मात्र नहीं है, बल्कि वह, वास्तव में, इसके अस्तित्व का एक बड़ा उद्देश्य है।” उन्होंने व्यवसाय तथा समाज के प्रति जमशेदजी टाटा के योगदानों को प्रमुखता से रेखांकित किया।

इस प्रदर्शनी में डीपीएस स्कूल के छात्र शामिल हो रहे हैं और लगभग 30 स्कूलों में इसका भ्रमण किया जाना है।

यह प्रदर्शनी, जिसे खासतौर पर स्कूल तथा कॉलेज छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है, एक माध्यम है जिसके द्वारा टीसीए का उद्देश्य है युवाओं को जमशेदजी टाटा के नक्शेकदम पर चलने के लिए अभिप्रेरित करना, जिन्होंने देश के लिए अपने स्वप्नों, दृढ़ता और प्रेम के द्वारा, भारतीय उद्योग में एक नए अध्याय का शुभारंभ किया। प्रदर्शन क्षेत्र को चार खंडों में विभाजित किया गया है, जिनमें जमशेदजी द्वारा प्रारंभ किए गए उद्यमों के साथ ही शिक्षा, पर्यावरण तथा कल्याणकारी सुधारों के क्षेत्र में उनके कार्यों को प्रदर्शित किया गया है।

श्री देशपांडे प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए

इस प्रदर्शनी का आयोजन इससे पूर्व मुंबई, पुणे, दिल्ली, नवसारी, नागपुर तथा बेंगलुरु में किया गया है।

हैदराबाद में इस प्रदर्शनी को दो भाषाओं में प्रस्तुत किया गया है, यानी, अंग्रेजी और तेलुगु में।

इसका आयोजन 27 नवंबर से 2 दिसंबर, 2017 तक डीपीएस खाजागुडा में किया जाना है।  स्कूल तथा कॉलेज समूहों का प्रवेश पूर्व-आरक्षित समय-अवधि के माध्यम से होना है, जिनमें से कुछ को पहले ही आरक्षित किया जा चुका है।

शुरुआत का समय 27 नवंबर से 30 नवंबर, 2017 तक – 9.30 पूर्वाह्न से 2 बजे अपराह्न तक है (स्कूल/ कॉलेज/ सामान्य जनता)