नवम्बर 02, 2017

टाटा कैपिटल ने ऋण के लिए आधार-आधारित e-KYC प्लेटफॉर्म की शुरुआत की

  • भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) AADHAAR के डेटाबेस साथ संबद्ध है
  • ऋण लेन-देन के लिए अपने ग्राहक को जानें (KYC) प्रक्रिया को पूरी तरह कागजरहित बना दिया गया है, इसे बायोमीट्रिक
  • संपूर्ण KYC सत्यापन द्वारा 15 सेकंड से भी कम समय में कर लिया जाता है

मुंबई: टाटा कैपिटल, टाटा समूह के वित्तीय सेवा स्कंध, ने हाल में आधार-आधारित बायोमीट्रिक अपने ग्राहक को जानें (KYC) प्रक्रिया की शुरुआत की है, जिससे इसके चयनित ऋणों पर KYC सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाने में सहायता होगी, जिससे यह प्रक्रिया ग्राहकों के लिए बेहद सुविधाजनक और पूरी तरह कागजी कार्रवाई रहित बन जाएगी।

किसी ऋण प्राप्ति से पूर्व अनिवार्य मानक कार्रवाई के तौर पर, सभी वित्तीय संस्थानों में ग्राहकों से KYC प्रक्रिया पूर्ण करने की अपेक्षा की जाती है। इसमें परंपरागत रूप से मूल कागजातों की स्वयं-अभिप्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने और उन्हें सत्यापित करने का कार्य होता है। इसे सरलीकृत करने और साथ ही प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए, टाटा कैपिटल ने बायोमीट्रिक e-KYC को अपनाया है और ऑनलाइन ऋणों, जैसे व्यक्तिगत तथा उपभोक्ता सामग्री ऋणों के लिए इस प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया है। ग्राहक की सहमति के आधार पर, इस कागजरहित प्रक्रिया में, UIDAI के आधार डेटाबेस का उपयोग करते हुए एक सरल द्वि-चरणबद्ध बायोमीट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया की जाती है।

यह पूरी प्रक्रिया, डिजिटल होने के कारण, आसान, त्वरित और बेहद सुरक्षित है, क्योंकि इसमें ग्राहक और विक्रय प्रतिनिधि के बीच किसी दस्तावेज के लेन-देन की जरूरत नहीं है। 

इस प्रयास के बारे में बात करते हुए, गोविंद शंकरनारायणन, मुख्य संचालन अधिकारी, रीटेल व्यवसाय& आवास ऋण, टाटा कैपिटल, ने कहा, “भारत के डिजिटल प्रेमी ग्राहकों, जो त्वरित और आसान समाधानों का उपयोग करते हैं और उच्च साख लालसा वाले लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, प्रक्रियाओं को सरल बनाना और अधिक कुशलतापूर्वक वित्तीय समाधान प्रदान करने की जरूरत काफी बढ़ गई है। टाटा कैपिटल ने इस गति को बढ़ाने के उद्देश्य से ऋण आवेदन प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए तकनीक का उपयोग करते हुए ग्राहकों को कुशलतापूर्वक सम्मिलित करने वाले इसी प्रकार के अन्य प्रयास प्रस्तुत किए हैं।”

वीतिका देवरस, मुख्य संचालन अधिकारी, डिजिटल स्तंभ, टाटा कैपिटल ने आगे कहा, “बायोमीट्रिक KYC का ऑन-फील्ड उपयोग करना, ग्राहकीय अनुभव को बेहतर बनाने और पहुंच में वृद्धि करने के लिए तकनीक तथा डिजिटल प्रक्रियाओं का लाभ उठाने की टाटा कैपिटल की नीति के अनुरूप है। एक और प्रयास जिसे हम लागू करनेवाले हैं वह ई-हस्ताक्षर का उपयोग करना है, जो ऋण आवेदनों को पूर्णतः कागजरहित बनाने के लिए बायोमीट्रिक KYC प्रक्रिया का पूरक होगा।”