दिसम्बर 20, 2014

टाटा प्रोजेक्ट्स ने ‘आउटस्टैन्डिंग कॉन्ट्रिब्यूशन इन पावर टी&डी (ईपीसी कैटेगरी) ’ में पुररस्कार हासिल किया

टाटा प्रोजेक्ट्स ने 'आउटस्टैन्डिंग कॉन्ट्रिब्यूशन इन पावर टी&डी (ईपीसी कैटेगरी)' पुरस्कार जीता;
`नई दिल्ली में, 18 दिसम्बर, 2014 को आयोजित ‘5वी ईपीसी वर्ल्ड अवॉर्ड सेरेमनी’ समारोह में टाटा प्रोजेक्ट्स को ‘ईपीसी वर्ल्ड’ ‘अर्न्स्ट&यंग’ ‘आउटस्टैन्डिंग कॉन्ट्रिब्यूशन इन पावर टी&डी (ईपीसी कैटेगरी)’ पुररस्कार से सम्मानित किया गया। इस पुरस्कार को हासिल करने वाली टाटा प्रोजेक्ट्स एक मात्र विद्युत संप्रेषण&वितरण (टी&डी) कंपनी थी।

यह पुरस्कार कंपनी को इस लिए दिया गया कि कंपनी ने अनुबंध में तय समय सीमा के भीतर ही ‘सिम्हापुरी-नेल्लोर-कुर्नुल पावर ट्रांसमिशन लाइन’ शुरू कर दी। यह सर्वाधिक लंबाई वाली 765 केवी डी/सी लाइन (304 कि.मी.) है, और साथ ही किसी पावर ग्रिड द्वारा एक ही ऑर्डर में सबसे अधिक मूल्य का ठेका दिया गया हो ऐसी सबसे अधिक लागत लगभग रू.700 करोड़ वाली लाइन भी यही है। इस लाइन में लगभग 54,000 एमटी टावर कलपूर्जे लगे हैं तथा कन्डक्टर लंबाई लगभग 11,000 कि.मी की है जो कि चन्द्रमा की परिधि के लगभग समान है।

यह संप्रेषण लाइन के कारण आंध्र प्रदेश ग्रिड के साथ सधर्न ग्रिड को जोड़ा जाना संभव हो पाया है औऱ विविध ज़िलों में बसे कुल लगभग 4 करोड़ से भी अधिक लोगों के जीवन को इसने ऐसे प्रभावित किया है कि वे अब नियमित विद्युत आपूर्ति पा सकेंगे। राष्ट्र के लिए इस परियोजना का रणनीतिक महत्व है। इस ग्रिड के कारण इस प्रांत के विद्युत मथकों से अब लगभग 2500 मेगावॉट बिजली प्राप्त की जा सकेगी और लगभग रू. 4000 करोड कैपिटलाइज़ करने में भी इससे मदद मिलेगी। (पावर ग्रिड के एक अंदाज के अनुसार)

यह पुरस्कार, भारत सकराक के इस्पात&खदान के राज्य मंत्री विष्णु देव साई तथा भारत सरकार के रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा द्वारा, उड्डयन मंत्री महेश शर्मा तथा दिनेश गांधी, मीनाक्षी लेखी समेत अन्य कई सांसदों की उपस्थिति में दिया गया। टाटा प्रोजेक्ट्स की ओर से विवेक गौतम, बीयु हेड, टी&डी ने इस पुरस्कार को स्वीकार किया।