दिसम्बर 22, 2014

टाटा पावर ने समावेशी वृद्धि को बढ़ावा देने हेतु मुन्द्रा में मत्स्यपालक सूचना केन्द्र स्थापित किया

मत्स्यपालक सूचना केन्द्र में सूचनाओं को साझा किया जा रहा है

मुन्द्रा: टाटा पावर, अपनी संपूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी कॉस्टल गुजरात पावर (सीजीपीएल) के ज़रिए मुन्द्रा में तथा उसके आसपास रहने वाले लोगों के सर्वांगी विकास के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है। अपनी इसी प्रतिबद्धता का निर्वहन करते हुए टाटा पावर ने मुन्द्रा के त्रागड़ी बंदर में फिशरमैन इन्फॉर्मेशन सेन्टर (एफआइसी-मत्स्पालक सूचना केन्द्र) स्थापित किया ताकि कच्छ ज़िले के मत्स्यपालक समुदाय के लिए गुणवत्तायुक्त बुनियादी ढ़ांचा, स्वास्थ्यजतन, स्वच्छता तथा पीने का स्वच्छ पानी जैसी बाबतों तक पहुंच आसान हो जाए।

स्थानीय मछुआरा समुदाय के लोगों की सालाना आय कम थी और अच्छी कीमतें न पा सकने के कारण ऋण के बोज तले दबे हुए थे। इस ज़रूरत को पहचानते हुए टाटा पावर ने, कंपनी की चालू परियोजना सागरबंधु के तहत मत्स्यपालक सूचना केन्द्र स्थापित किया, ताकि एक ऐसे मंच की रचना हो जिसके माध्यम से ये समुदाय अपने उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दे सके, उन्हें मज़बूत व प्रोत्साहित कर सके।

मत्स्यपालक सूचना केन्द्र में, अब मछुआरे आसानी से बाज़ार के बारे में जानकारियां हासिल कर सकते हैं और फिशरी डिपार्टमेन्ट से सम्पर्क कर सकते हैं। गैरलाभकारी संगठन (एनजीओ) ‘स्वदीप’ के साथ भागीदारी में शुरू किया गया यह केन्द्र दिन में 6 घंटे खुला होता है और हर रोज़ 7 से 8 मछुआरे भाइयों को इसका लाभ मिलता है। यह केन्द्र मत्स्य प्रवृत्तियां (लाइसंस प्रक्रियाएं, नाव की खरीदारी), सरकार की चालू योजनाओं के बारे में उपयोगी तथा ज़रूरतों के अनुसार जानकारियां वितरित करता है, शिक्षा संबंधी सहायता उपलब्ध करता है, मत्स्योद्योग संबंधित विभिन्न उपकरणों का इस्तेमाल कैसे किया जाता है इसका निदर्शन भी करता है।

इस केन्द्र की स्थापना के अवसर पर बोलते हुए सीजीपीएल के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी केके शर्मा ने कहा, "इस समुदाय की सुखाकारी एवं प्रगति के लिए टाटा पावर ने कुछ पहल की हुई हैं। हमारा लक्ष्य मत्स्यपालकों के लिए एक सबल आधार तंत्र स्थापित करने और श्रेष्ठ व्यवहारों को प्रोत्साहित करके उनकी उत्पादकता बढ़ाना तथा इस प्रकार से उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने का है। वृद्धि की कूंजी, सूचना तक पहुंच बना पाने में समाई हुई है। एफआइसी की स्थापना मत्स्यपालक समुदाय की ज़रूरतों को पूरा करने व उनके सामाजिक उन्नयन की दिशा में काम करने के उद्देश्य से की गई है। एनजीओ 'स्वदीप' ने जो सहायता की है और प्रदान किया है उसके लिए हम उसका धन्यवाद करते हैं और उम्मीद करते हैं कि समुदाय को ऊंचा उठाने के लिए हम साथ साथ काम करते रहेंगे।"

समुदाय के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करने में एफआइसी एक उपयोगी माध्यम प्रमाणित हुआ है और सांस्कृतिक मूल्यों को और भी समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। इस पहल को समुदाय के अग्रणियों ने भी सराहा है, इन्होंने इस केन्द्र को पूरी तरह कार्यप्रवृत्त रखने तथा विस्तार में विकास की गति तेज़ करने में अहम भूमिका निभाने की शपथ भी ली है।

टाटा पावर ने बहु-आयामी रवैया अपनाते हुए, सामाजिक तथा विकास संबंधी विभिन्न प्रवृत्तियां करने के द्वारा मत्स्यपालक समुदाय की जीवन गुणवत्ता को ऊंचा उठाया है और इससे टुंडा, वोंध, मोढ़वा, त्रागड़ी बंदर, मोटा कांडागरा, नाना भाड़िया, नानी खाखर और मोटी खाखर जैसे मुन्द्रा एवं मांडवी तहसील के गांव लाभान्वित हुए हैं।