दिसम्बर 26, 2014

टाटा मोटर्स ने अहमदाबाद में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली 123 वातानुकूलित बसें प्रस्तुत कीं

मुंबई: टाटा मोटर्स ने आज अहमदाबाद में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस 123 नई वातानुकूलित बसों को हरी झंडी दिखा कर प्रस्थान करवाया टाटा मोटर्स को जेएनएनयुआरएम– के दूसरे चरण की योजना के लिए 3200 बसों का ऑर्डर मिला है, उसके अतिरिक्त ये बसें हैं, जो कि वाहनचालक की थकैन कम करने तथा शहरी यात्रियों को बेहतर अनुभव उपलब्ध करवाएंगी। ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली बसें इंधन लागत कम करने में भी सहायक होंगी, क्योंकि इंजन तथा ट्रांसमिशन दोनों ही निरंतर रूप से सक्रिय रहने के कारण इसकी दक्षता बढ़ जाएगी।

वर्नोन नोरोन्हा, वाइस प्रेसिडन्ट, डिफेन्स&गवर्नमेन्ट बिज़नस, टाटा मोटर्स – ने कहा,“टाटा मोटर्स में अत्याधुनिक क्षमताओं विकसित करने और उन्हें विश्व-स्तरीय इलेक्ट्रोनिक वाहन सिस्टम्स में एकीकृत करने की जो हमारी क्षमताएं हैं, उन्हीं को साथ लिए हुए हम सभी हितधारकों के साथ निकटता से काम करते हैं ताकि वाणिज्यिक वाहनों में प्रौद्योगिकियों को व्यापक रूप में अपनाया जा सके और एतद् द्वारा जुड़ाव ( कनेक्टिविटी), सुरक्षा और बेहतर इंधन किफायत के साथ साथ महत्तम वाहन प्रदर्शन भी उपलब्ध करवा सकें। ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली ये वातानुकूलित बसें, बीआरटीएस परिचालन के लिए सर्वाधिक रूप से योग्य हैं और सबसे पहली बार इन्हें जनमार्ग के लिए विकसित किया गया है। बसों में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन होने के कारण वाहनचालक की थकान कम होगी, एक्सीलरेशन, वाहन घुमाने की क्षमता और समग्र रूप से यात्रियों की सुविधा तथा अनुभव और भी अच्छा मिल पाएगा और फलतः प्रत्येक बस से अधिक राजस्व पाना संभव होगा। इस ऑर्डर के साथ ही हम अहमदाबाद जनमार्ग लि. के प्रतिभागी होने पर गौरव अनुभव करते हैं कि विश्वसनीयता और उपलब्धता के उच्च स्तर को साथ लिए हुए इनकी बसों को कार्यक्षमता एवं सुरक्षापूर्ण तरीके से दौड़ाने में हम सहभागी होने जा रहे हैं।”

इन बसों की फ्लोर ऊंचाई 900 एमएम और लंबाई 12 मीटर है, इनमें इलेक्ट्रोनिक डिस्प्ले बोर्ड लगे हुए हैं, नूमैटिक दरवाजों का विकल्प भी है जो कि शहरी परिवहन को आरामदेह बनाते हैं। मुक्त रूप से आवनजावन के लिए अधिक चौड़ा पैसेज, द्दश्य और भी बेहतर दिखाई दे इसलिए विशाल खिड़कियां, बसमें चढ़ने तथा उतरने के नीचे दरवाज़े-ये सारी बातें इन नई बसों को यात्रियों के लिए ज़्यादा सुरक्षित और सुविधापूर्ण बनाती हैं, उतना ही नहीं, विशेष रूप से सक्षम लोगों तथा वरिष्ठ नागरिकों को भी चढ़ने उतरने में सहुलियत रहती है।

इन बसों का निर्माण टाटा मार्कोपोलो द्वारा किया गया है और इनका परिचालन निजी ओपरेटर करते हैं।

टाटा मोटर्स देश की सबसे बड़ी बस निर्माता है औऱ उसके पास परिवहन वाहनों की सबसे संपूर्ण श्रेणी है जिनसे रोजाना यात्रा के कारण उत्पन्न होने वाली प्रत्येक ज़रूरत पूरी की जा सकती है। इस विभाग में उसने बतौर अग्रणी अपना जो स्थान बनाए रखा है वो केवल प्रौद्योगिकी कीर्तिमानों को स्थापित करने के द्वारा ही नहीं, अपितु भारत में प्रवासस्थितियों के अनुरूप विभिन्न नवप्रवर्तनों को असरदार तरीके से अपना कर के भी अग्रसर बना हुआ है। टाटा मोटर्स ने ऐसी विभिन्न प्रकार की बसें तथा कोच भी विकसित किए हैं जो सार्वजनिक परिवहन के समाधान बन सकते हैं, जिससे कि वैभवशाली आंतरशहर यात्रा विकल्प से ले कर शाला के बच्चों के लिए सुरक्षापूर्ण परिवहन वाहनों में से चुना जा सके।

टाटा मोटर्स ने परिकल्पित ‘स्मार्ट सिटी’ की भविष्य की परिवहन ज़रूरतों को पूरा करने हेतु इलेक्ट्रिक हाइब्रिड बसें तथा आर्टिक्युल्टेड बसें भी विकसित की हैं।