नवम्बर 27, 2017

पैनक्रिएटिक कैंसर में टाटा ट्रस्ट रिसर्च फेलोशिप

पैनक्रिएटिक कैंसर में रिसर्च फेलो के पद के लिए योग्य उमीदवारों से आवेदन आमंत्रित। पैनक्रिएटिक कैंसर में हाइपोक्सिया तथा ऑर्गैनॉइड्स पर 2 आधारभूत रिसर्च प्रॉजेक्ट्स के लिए यह टाटा मेमोरियल सेंटर की सहभागिता में टाटा ट्रस्ट द्वारा प्रायोजित फेलोशिप है।

टाटा मेमोरियल सेंटर हर साल बहुत बड़ी संख्या में पैनक्रिएटिक कैंसर के मरीजों का इलाज करते हैं और भारत में यह पैनक्रिएटिक कैंसर सर्जरी की एक विशालतम संख्या वाला सेंटर है। TMH की क्लिनिकल टीम हर साल लगभग 150 पैनक्रिएटिक रिसेक्शन संपन्न करती है। यह फेलोशिप फेलो को TMH और ACTREC के अनुभवी क्लिनिकल टीम के अनुभव से लाभ उठाने और पैनक्रिएटिक कैंसर के रिसर्च प्रॉजेक्ट पर काम करने और साथ ही मॉलिक्युलर रिसर्च रिसर्च मेथोडोलॉजी की गहरी समझ विकसित करने का अनोखा अवसर प्रदान करता है।

अवधिः अधिकतम दो साल।

योग्यता: 35 वर्ष से कम आयु और MCh /DNB सर्जिकल ऑन्कोलॉजी या MCh / DNB GI सर्जरी अथवा MS जेनरल सर्जरी के साथ HPB सर्जरी में 3 साल का अनुभव, साथ ही अभ्यर्थी को GI / पैनक्रिएटिक कैंसर में तीव्र रुचि होनी चाहिए, अथवा मॉलिक्युलर बायोलॉजी, सेल बायोलॉजी में लैबोरेट्री अनुभव के साथ जीवविज्ञान के किसी भी शाखा में पीएचडी डिग्री प्राप्त तथा न्यूनतम 3-4 साल पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च अनुभव और बढ़िया पब्लिकेशन रिकॉर्ड वाला उम्मीदवार जिसकी आयु 35 वर्ष से कम हो। जीनोमिक्स, बायोइनफॉर्मेटिक्स तथा सेल कल्चर एसेज एवं पैनक्रिएटिक/GI कैंसरों में उनके अनुप्रयोग का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी।

फेलोशिप इमॉल्युमेंट्स: 24 महीनों के लिए प्रति माह रु.1,50,000, रिसर्च डेटाबेस/जर्नल कुल भत्ता 24 महीनों के लिए रु. 50,000 और कुल यात्रा अनुदान रु. 500,000 (जरूरी समझे जाने पर इसमें कमी की जा सकती है)।

संक्षेप में अध्ययन प्रस्ताव

अध्ययन1 – हाइपोक्सिया प्रॉजेक्ट
नाम – रोल ऑफ सर्जरी इंड्यूस्ड हाइपोक्सिया इन रेसेक्टेबल पेरिएम्प्युलरी एंड पैनक्रिएटिक एडिनोकार्सिनोमा अंडरगोइंग पैनक्रिएटिकोड्यूओडिनेक्टोमी एंड इट्स कोरिलेशन विद चेंजेज इन सेल बायोलॉजी।

अध्ययन की रूपरेखा
हाइपोक्सिया लो ऑक्सीजन टेंशन की स्थिति होती है जो आंशिक रूप से डेस्मोप्लास्टिक स्ट्रोमा तथा ट्यूमर ग्रोथ की वजह से ऑक्सीजन की जरूरत में वृद्धि के मिलेजुले कारणों से उत्पन्न होती है। पैनक्रिएटिक कैंसर सहित अनेक ठोस ट्यूमर में इंट्रा-ट्यूमर हाइपोक्सिया की प्रमुख भूमिका होती है और कार्सिनोजिनेसिस के विभिन्न चरणों में जीनों को मॉड्यूलेट करने में यह शामिल रहता है। मानव पैनक्रिएटिक कैंसर कोशिकाओं में pO2 सामान्य पैनक्रिएटिक पैरेनकाइमा की तुलना में बहुत कम पाया जाता है। ट्यूमर माइक्रो-एनवायरनमेंट में पहले से मौजूद हाइपोक्सिया के अतिरिक्त, केमिकल और सर्जरी इंड्यूस्ड हाइपोक्सिया से फीनोटिपिकली एग्रेसिव ड्रग रेसिस्टेंट कैंसर स्टेम कोशिकाएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस रिसर्च प्रॉजेक्ट का उद्देश्य है यह अध्ययन करना कि पैनक्रिएटिक एवं पेरी-एम्प्युलरी एडिनोकार्सिनोमा के लिए पैनक्रिएटिकोड्यूओडिनेक्टोमी किए जाने के दौरान एक्यूट सर्जिकल हाइपोक्सिया जेनरेशन ऑफ स्टेमनेस से संबंधित है या नहीं। इसमें एक्यूट सर्जिकल हाइपोक्सिया द्वारा उत्पन्न स्टेमनेस के जेनेटिक मार्कर्स तथा सर्जरी के दौरान विभिन्न समयों में प्राप्त इंट्राऑपरेटिव बायोप्सी के नमूनों पर जीन सीक्वेंस के बारे में भी अध्ययन किया जाएगा। पैनक्रिएटिकोड्यूओडिनेक्टोमी के लिए पैनक्रिएटिक और पेरीएम्प्युलरी ट्यूमर के 20 मरीजों पर इसे प्रॉस्पेक्टिव पाइलट स्डटी बनाने की योजना है। वेसेल लिगेशन और रिसेक्शन के दौरान विभिन्न समयों में ट्यूमर से इंट्राऑपरेटिव वेज बायोप्सी तथा रिसेक्शन संपादित किया जाएगा। हाइपोक्सिया के मार्कर के एक्स्प्रेशन तथा उनके प्रोटीन प्रॉडक्ट्स (HIF1α, VEGF, CAIX, E-cadherin, N-cadherin, Vimentin, twist, SOX-2, OCT-4, NANOG, CD-24, CD-44, CD-95, CD-133, CD-166, Survivin, RAGE) का अध्ययन RT PCR एवं फ्लो काइटोमेट्री की मदद से किया जाएगा।

अध्ययन 2 - ऑर्गैनॉइड प्रॉजेक्ट
नाम – डू पेशेंट-डिराइव्ड ऑर्गैनॉइड्स प्रेडिक्ट थेराप्यूटिक रेस्पॉन्स इन पैनक्रिएटिक कैंसर पेशेंट विद एडवांस्ड डिजीज। यह पाइलट अध्ययन है जिसमें ट्यूमर पर इन वीवो कीमोथेरैपी के प्रभाव और इन विट्रो कीमोथेरैपी ऑर्गैनॉइड इंटरैक्शन के बीच जटिल संबंध का मूल्यांकन किया जाएगा। ऑर्गैनॉइड प्रीपरेशन के लिए मरीज के कोर बायोप्सी नमूने का उपयोग किया जाएगा। 20 रोगियों के बायोप्सी नमूने से ऑर्गैनॉइड्स तैयार किए जाएंगे और ड्रग रेस्पॉंस को कम से कम 10 मरीजों से सहसंबंधित किया जाएगा। इसका उद्देश्य है मेटास्टैटिक पैनक्रिएटिक कैंसर पेशेंट इन विवो (RECIST क्राइटेरिया द्वारा रेडियोजॉलिकली) बनाम इन विट्रो विद पेशेंट डिराइव्ड ऑर्गैनोइड्स में कीमोथेरेपी औषधि (स्टैंडर्ड ऑफ केयर) की अनुक्रिया के तुलना करना। साथ ही यह पेशेंट डिराइव्ड ऑर्गैनॉइड की मदद से औषधि अनुक्रिया से सहसंबंधित क्लिनिको-सर्जियोलॉजिकल एवं रेडिलॉजिकल मार्कर्स की पहचान करने का प्रयास करेगा। जिसका अंतिम लक्ष्य है पेशेंट डिराइव्ड ऑर्गैनॉइड का इस्तेमाल करते हुए एडवांस्ड डिजीज वाले पैनक्रिएटिक कैंसर रोगियों के लिए इंडिविजुअलाइज्ड थेरेपीज विकसित करना।

टाटा ट्रस्ट एजुकेशन ग्रांट पर अधिक जानकारी यहां पाएं: http://tatatrusts.org/article/inside/education-grants