जून 22, 2017

टाटा टी ने भारत में प्री-ऐक्टिविज्म ड्राइव करने के लिए अपना प्रतिष्ठित जागो रे 2.0 अभियान शुरु किया

महिला सुरक्षा और खेलों को प्रोत्साहित करने पर फोकस करता है

भारत: टाटा टी ने अपने प्रतिष्ठित अभियान — जागो रे 2.0 - अलार्म बजने से पहले जागो रे — को साल की शुरुआत में शुरु किया, जिसमें लोगों से त्रासदियों के आने से पहले सक्रिय होने को कहा है। यह अभियान अब अपने दूसरे चरण में जा रहा है, जिसमें लोगों से उस बदलाव को लाने के लिए अपील की जा रही है जिसे वे लाने के इच्छुक हैं। जबकि इस अभियान के पहले चरण में लोगों की ‘प्रतिक्रियात्मक’ प्रकृति को दर्शाया गया है और एक्टिविज्म के नए रूप – ‘प्री-ऐक्टिविज्म’ को पेश किया गया है, दूसरे चरण में लोगों को इस समय देश को परेशान करने वाले मामलों जैसे महिला सुरक्षा तथा खेल प्रोत्साहने पर पिटीशन पर हस्ताक्षर करके प्री-ऐक्ट  करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

(बाएं-दाएं) सुशांत दाश, डॉ रंजना कुमारी तथा दीपा कर्माकर ने जागो रे 2.0 अभियान के चरण 2 के लिए पिटीशन पर हस्ताक्षर किए

टाटा टी का विश्वास है कि महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मामले तब तक समाप्त नहीं होंगे जब तक कि समस्या के मूल कारण को समाप्त नहीं किया जाता है और इस बदलाव को लाने का उत्तरदायित्व हम पर है। महिलाओं के प्रति आदर में कमी तथा उनको कमजोर समझना उन कारणों में से एक है जो उनके खिलाफ हिंसा को बढ़ाते हैं। टाटा टी, लोगों को प्री-ऐक्ट करने के लिए प्रोत्साहित करके तथा बच्चों को सभी के साथ सम्मान व समानता के साथ पेश आने के लिए शिक्षित करके रवैये में बदलाव लाने का प्रयास कर रही है। यह सकारात्मक रवैया महिलाओं के लिए भविष्य में ऐसा सुरक्षित वातावरण देगा जिसमें उनका सम्मान होता है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए टाटा टी की पिटीशन इसलिए युवा मस्तिष्कों को पुरुषों व महिलाओं को समान रूप से सम्मानित करने की शिक्षा देने के लिए ‘जेंडर संवेदीकरण’ प्रोग्रामों को स्कूली पाठ्यक्रमों में अनिवार्य करने के लिए है। प्रत्येक पिटीशन के बाद माता-पिता के लिए अपने बच्चों को जेंडर संवेदनशीलता सिखाने व अभ्यास करने की शपथ शामिल है।

खेलों के संबंध में, टाटा टी का विश्वास है कि पहले भारत में खेल संस्कृति के निर्माण की जरूरत है और केवल तभी हम भारत को महान खेल राष्ट्र बना सकते हैं। खेलों को प्रोत्साहित करने वाली इस पिटीशन में खेलों को विद्यालियों में अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करने की बात कही गयी है। टाटा टी लोगों को इसमें भाग लेने व कम से कम एक खेल आयोजनों का समर्थन करने के लिए और अपने बच्चों को किसी स्तर पर ऐसे खेल आयोजनों में से एक में ले जाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है फिर वो चाहे पड़ोस में हों या राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर हों।

जागो रे 2.0 अभियान के नए चरण पर टिप्पणी करते हुए सुशांत दाश, क्षेत्रीय अध्यक्ष, टाटा ग्लोबल बेवरेजेस (टीजीबी) ने कहा, “प्री-ऐक्टिविज्म समस्या को उसके बालपन में पकड़ने के बारे में है। इस चरण में हम एक मिलियन से अधिक प्री-ऐक्टिविस्ट बनाने का लक्ष्य रख रहे हैं जो वास्वविक बदलाव लाने वाली इस पिटीशन पर हस्ताक्षर करेंगे। महिलाओं के खिलाफ अपराध के रूप में मामलों को संबोधित करने में हमको अपने रवैये के बारे में बदलाव लाना होगा और युवा बच्चों को सभी जेंडरों का सम्मान करना सिखाना होगा। इसलिए, परिवर्तन लाने के लिए तथा अधिक जेंडर समानता वाले समाज के निर्माण के लिए जमीनी स्तर पर जेंडर संतुष्टि अधिक महत्वपूर्ण है।”

“खेलों के मामले में बुनियादी मामला हमारे देश मे खेल संस्कृति की कमी है। खेलों को आज भी एक पाठ्येतर गतिविधि माना जाता है। हमें उसको बदलने और अपने बच्चों को उनके समग्र विकास के लिए खेलों में भागीदारी के लिए प्रेरित करने की जरूरत है और उनको प्रोत्साहित करने के लिए इसे व्यवहार्य कैरियर विकल्प के रूप मे लेने की जरूरत है, केवल तभी हम ना केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को जीतने के लिए बेहतर रूप से सज्ज होंगे। 

प्री-ऐक्टिविज्म का संदेश शामिल करने के लिए और परिवर्तन पर चर्चा के लिए डा रंजना कुमारी और ओलंपिक सनसनी दीपा कर्माकर अभियान की मशाल लेकर आगे चलेंगी और महिला सुरक्षा व खेलों के प्रोत्साहन के मामलों का नेतृत्व करेंगी। वे इन मामलों पर उनके विचारों को साझा करेंगी और जागरूकता बनाएंगी तथा पिटीशन पर हस्ताक्षर करने वे शपथ लेने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगी।

महिला सुरक्षा तथा खेल प्रोत्साहन पर पिटीशन पर हस्ताक्षर करने व शपथ लेने के लिए कृपया निम्न लिंक पर लॉगऑन करें:  https://www.jaagore.com/

या वैकल्पिक रूप से 7815966666 पर मिस्ड कॉल देकर आप पिटीशन पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।