फरवरी 01, 2017

टाटा ग्लोबल बेवरेजेज ने दिसंबर 2016 में समाप्त हुई तिमाही में असाधारण मदों के लाभ और समूह के शुद्ध लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि की घोषणा की है

तिमाही के लिए समेकित परिणाम:

  • परिचालन से प्राप्त 3 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1,744 करोड़
  • विशिष्ट वस्तुओं से पूर्व आय 24 प्रतिशत के साथ 146 करोड़
  • समूह समेकन सकल लाभ 119 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 145 करोड़

टाटा ग्लोबल बेवरेजेज (टीजीबी) ने आज दिसंबर 2016 में समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने परिणामों की घोषणा की।

तिमाही के लिए परिचालन से प्राप्त आय पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1744 करोड़ रही। पिछले साल की विनिमय दर पर 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। सुधरे हुए परिचालन निष्पादन और निम्न वित्तीय लागतों के कारण बेस बिजनस और नए लॉन्च पर उच्च विज्ञापन व्यय के बावजूद पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में विशिष्ट वस्तुओं से पूर्व आय 24 प्रतिशत के साथ 146 करोड़ रही। पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में समूह समेकन सकल लाभ 119 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 145 करोड़ रहा जो सुधरे हुए परिचालन निष्पादन तथा विशिष्ट वस्तुओं के अनुकूल प्रभाव को दर्शाता है।

टीजीबी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने 16 जनवरी 2017 को आयोजित बैठक में, अपनी संयुक्त उपक्रम कंपनी झेजियांग टाटा टी एक्सट्रैक्शन कंपनी में अपनी भागीदारी छोड़ने की सैद्धांतिक निर्णय लिया, जिसे आवश्यक मंजूरी मिलना बाकी है। इस ट्रांजेक्शन के लिए वार्ता का संपन्न होना, निश्चित समझौता और शर्तों का पूरा होना जरूरी होगा।

टीजीबी की भारतीय अनुषंगी टाटा कॉफी ने आज 5,000 एमटी प्रति वर्ष की संस्थापित क्षमता के साथ वियतनाम में अत्याधुनिक फ्रीज-ड्रायड कॉफी संयंत्र की स्थापना की घोषणा की। इस कदम से प्रीमियम इंस्टैंट कॉफी सेग्मेंट में वैश्विक उपस्थिति में मजबूती आने के साथ टाटा कॉफी की स्थिति मजबूत होगी। टाटा कॉफी ने विभेदन, प्रीमियमीकरण और ग्राहक उन्मुखता पर बल देखर कॉफी क्वालिटी वैल्यू चेन (मूल्य श्रृंखला) में आगे बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

कंपनी ने 1 अक्टूबर 2016 से प्रभावी संयुक्त उपक्रम परिचालन समझौता में संशोधन के साथ एम्पिरिकल ग्रुप एलएलसी में अनुषंदी के रूप में समूह की भागीदारी 56 प्रतिशत है।

इस तिमाही में पूर्व में लॉन्च उत्पादों और इनोवेशन पर स्थायी प्रगति दर्ज की गई।

भारत में, टाटा टी इलाइची तथा टाटा टी महाराष्ट्र गोल्ड मिक्सचर – ऐसा मिश्रण जिसे खास तौर पर महाराष्ट्र के बाजार के लिए तैयार किया गया है, ने पिछली तिमाही में अच्छी प्रगति दर्शाई है। टीजीबी में स्टारबक्स टीवाना के साथ साझेदारी कर स्टारबक्स टीवाना के भारत में पोर्टफोलियो – ‘इंडियाज स्पाइस मैजेस्टी ब्लेंड’ के लिए विशेष रूप से एक सिग्नेचर इनोवेशन का निर्माण किया है, जो भारत की समृद्ध चाय परंपरा से प्रेरित है। इस तिमाही के दौरान टाटा टी ब्रांड पोर्टफोलियो के तहत टीवेदा को भी लॉन्च किया गया। यह नया उपक्रम ग्राहकों को आयुर्वेद की खूबियों को उनके रोजाना की प्यालियों को उपलब्ध कराता है और वह भी बिना स्वाद से समझौत किए। टाटा टी टीवेदा रेंज के तीन वर्जन हैं – टाटा टी टीवेदा के तीन वर्जन हैं रेग्युलर लूज लीफ टी, टाटा टी टीवेदा प्रो एनर्जी तथा टाटा टी टीवेदा प्रो वूमन।

विटामिन की खूबियों से युक्त टेटली सुपर ग्रीन टी ने ब्रिटेन के बाजार में बढ़िया प्रदर्शन किया है। टेटली सुपरफ्रुट- बूस्ट ब्लूबेरी & रस्पबेरी फ्लेवर ने हाल ही में 2016 का ग्रोसर न्यू प्रॉडक्ट अवार्ड हासिल किया& जो उसे ब्रिटेन में टी इनफ्यूजन कैटगरी में मिला है। यह ग्रोसर अवार्ड यूके एफएमसीजी सेक्टर में शानदार इनोवेशन को सम्मानित और पुरस्कृत करता है। मध्य पूर्व में, टेटली ने नए पैकेजिंग और विज्ञापन लॉन्च किए जिससे ग्राहकों को एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में मदद मिलती है।

इस तिमाही वाटर पोर्टफोलियो ने अच्छी प्रगति की है। हिमालय नेचुरल मिनरल वाटर ने पारंपरिक व्यापार, ई-कॉमर्स तथा प्रमुख अकाउंट्स के कारण बेहतरीन प्रगति दर्शाई है। वितरण विस्तार तथा मीडिया सहयोग से समर्थित टाटा ग्लूको प्लस तथा टाटा वाटर प्लस ने भी अच्छी प्रगति दिखाई।

अजोय मिश्रा, प्रबंध निदेशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, टीजीबी-ने कहाः ‘ब्रांडों के पीछे उच्च व्यय के बावजूद कंपनी ने पिछली तिमाही में महत्वपूर्ण लाभ दर्ज किए।’ टाटा ग्लोबर बेवरेजेज ग्राहकों की समझ के आधार पर हमारे उपभोक्ताओं के लिए जादुई पेय के अहसास की रचना करते हैं। चाहे यह टार्गेट मार्केट में व्हाइट स्पेस हासिल करने की बात हो या हमारे प्रमुख ब्रांडों को सशक्त करने की बात हो, हमारे प्रॉडक्ट और मार्केटिंग प्रयासों का लक्ष्य है अव्यवस्था को दूर कर ग्राहक अनुभव को समृद्ध करना। अपने टी पोर्टफोलियो के साथ हम अपनी कॉफी और वाटर पोर्टफोलियो की सतत स्केलिंग पर बल दे रहे हैं जिसके लिए इन कैटगरीज में विभेदित ब्रांडों की रचना करना हमारी योजना का अंग है।’