नवम्बर 06, 2017

टाटा केमिकल्स ने IRC एग्रोकेमिकल्स को फॉस्फेटिक उर्वरक व्यवसाय बेचने की घोषणा की

  1. टाटा केमिकल्स के निदेशक मंडल ने आज फॉस्फेटिक उर्वरक व्यवसाय के विक्रय, निपटान तथा हस्तांतरण की समिति के सुझावों पर विचारोपरांत उसे स्वीकृति प्रदान की, और थोक उर्वरक तथा गैर-थोक उर्वरक (फॉस्फ़ेटिक व्यवसाय) के व्यापार व्यवसाय, मंदी की बिक्री के रूप में, चालू व्यवसाय के आधार पर, IRC एग्रोकेमिकल्स (IRC) कंपनी को, जो इंडोरामा होल्डिंग्स BV, नीदरलैंड्स (इंडोरामा कॉरपोरेशन पीटीई, सिंगापुर- इंडोरामा का एक अंग) की एक पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी है, को बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट (BTA) में उल्लिखित नियमों और शर्तों के आधार पर विक्रय की अनुमति प्रदान की।

  2. इस हस्तांतरण के तहत हल्दिया संयंत्र, थोक तथा गैर-थोक उर्वरक के विक्रय व्यवसाय के साथ ही चल तथा अचल संपत्तियां, चालू पूंजी तथा उत्पाद के ब्रांड शामिल हैं, लेकिन बकाया सबसिडी राशि शामिल नहीं है।

  3. मंदी बिक्री के रूप में कंपनी के फॉस्फेटिक व्यवसाय के हस्तांतरण की राशि रु. 375 करोड़ है, जो समापन पश्चात कुछ समायोजन के अधीन है, जैसा कि पक्षों के बीच BTA की शर्तों में तय हुआ है।

  4. निदेशक मंडल ने कंपनी, IRC तथा इंडोरामा होल्डिंग्स BV, नीदरलैंड्स, के बीच एक निश्चित समझौते के कार्यान्वयन को भी अनुमोदित किया, जो BTA के अनुसार कंपनी से IRC को फॉस्फेटिक व्यवसाय के विक्रय तथा हस्तांतरण के लिए है तथा यह वर्णित शर्तों से संतुष्टि तथा सभी विनियामक तथा अन्य अनुमोदन, जो अपेक्षित हों, के अधीन है, जिसके साथ कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 180 (1)(ए) के अंतर्गत शेयरधारकों का अनुमोदन भी शामिल है।

  5. टाटा केमिकल्स का यह विनिवेश कंपनी की रणनीति के अनुसार है जो विशेषीकृत रसायन तथा खाद्य व्यवसाय पर अधिक केंद्रित है, जिसके साथ अकार्बनिक रसायन में नेतृत्व को बरकरार रखना तथा उर्वरक व्यवसाय से निकल जाना भी शामिल है।

  6. कंपनी के विशेषीकृत रसायन पोर्टफोलियो में सोडियम बाइकार्बोनेट व्यवसाय, अपने सहायकों के माध्यम से एग्रोकेमिकल्स, रैलिस इंडिया, और इसके अलावा न्यूट्रास्यूटिकल्स के लिए नेल्लोर के ग्रीनफील्ड स्थल एवं एचडी सिलिका व्यवसाय के लिए दाहेज में योजनाबद्ध निवेश सम्मिलित हैं।

  7. कंपनी के खाद्य व्यवसाय में बाजार अग्रणी बेमिसाल नमक ब्रांड, टाटा साल्ट के अलावा, टाटा संपन्न ब्रांड के तहत दालें तथा मसाले सम्मिलित हैं।

  8. कंपनी दुनिया के सबसे बड़े सोडा एश उत्पादकों में है, जिसका संचालन भारत के साथ केन्या, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड तथा अमेरिका में होता है।

  9. इंडोरामा, एशिया, अफ्रीका, CIS तथा मध्यपूर्व में अपनी अनुषंगी कंपनियों के साथ, पोलीथिलीन, पोलीप्रोपलीन, पॉलियेस्टर, उर्वरक (फॉस्फोरिक अम्ल सहित, जो हल्दिया में डीएपी तथा अन्य जतिल उर्वरकों के उत्पादन के लिए एक मुख्य उपयोज्य है), वस्त्र, तथा सिंथेटिक डिस्पोजेबल दस्ताने बनाने में दिलचस्पी रखती है। यह उप-सहारा अफ्रीका क्षेत्र में उर्वरक की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनी है।

  10. इस अवसर पर बोलते हुए आर मुकुंदन, टाटा केमिकल्स के प्रबंध निदेशक ने कहा कि, यह कदम, उर्वरक व्यवसाय से पूरी तरह बाहर निकलने के लिए यूरिया व्यवसाय की बिक्री के संदर्भ में हमारी पूर्व घोषणा के आधार पर ही उठाया गया है। कंपनी विशेषीकृत रसायन तथा उपभोक्ता खाद्य व्यवसाय पर विशेष बल देते लगातार आगे बढ़ेगी जबकि अकार्बनिक रसायन व्यवसाय में नेतृत्व को बनाए रखा जाएगा। कंपनी को एक ऐसे भागीदार के मिलने से खुशी है जिनकी फॉस्फेटिक तथा उर्वरक व्यवसाय में दीर्घावधि अभिरुचि रही है और जो इस फॉस्फेटिक व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं।