नवम्बर 10, 2016

वित्तीय वर्ष 16-17 की दूसरी तिमाही (Q2 FY16-17) में परिचालनों से टाटा केमिकल्स की समेकित आय 3,496 करोड़, पीएटी 213 करोड़ पर रहे

टाटा केमिकल्स ('कंपनी') ने 30 सितंबर 2016 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही की अपनी समेकित आय की आज घोषणा की। कंपनी ने 30 सितंबर 2016 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही में समेकित आधार पर अपनी आय 3,496 करोड़ और स्टैंडअलोन आधार पर 1,615 करोड़ बताई। सतत परिचालनों से समेकित आधार पर ईबीआईटीडीए 554 करोड़ बताई गई और स्टैंडअलोन आधार पर यह 181 करोड़ रहा।

स्टैंडअलोन (एकल) Q2 FY16-17

  • सोडा ऐश और नमक व्यवसाय में सस्टेंड ऑपरेशनल एक्सीलेंस तथा मजबूत लागत कटौती का बेहतरीन परिचालन निष्पादन में योगदान रहा
  • टाटा संपन्न ब्रांड के तहत अभी-अभी लॉन्च किए गए मसालों और बेसन पर लोगों की अनुक्रिया उत्साहवर्धक रहा
  • दालों की कीमत पर काबू पाने के लिए हाल में सरकार द्वारा किए गए हस्तक्षेप से बाजार का रुझान दबा रहा और कॉन्ट्रैक्ट लॉस सहित दाल व्यवसाय में मार्जिन प्रभावित हुआ
  • कच्चे माल की ऊंची कीमत के कारण हल्सिया में उत्पादन स्थगित होने के कारण फॉस्फेटिक व्यवसाय में निम्न बिक्री परिमाण
  • कृषि-व्यापार का परिमाण कम हुआ ताकि कार्यशील पूंजी की स्थिति और गैर-अनुदानित बिक्री में सुधार लाने पर बल दिया जा सके
  • 30 सितंबर 2016 को अनुदान प्राप्य 1,377 करोड़ रु. जबकि यह 30 जून 2016 को 1,479 करोड़ तथा 31 मार्च 2016 को 1,902 करोड़ रु. था
  • 30 सितंबर को एकल निवल ऋण 1,972 करोड़ रु. रहा जो कि 31 मार्च 2016 को रु. 2,710 करोड़ था।

समेकित Q2 FY16-17

  • यूरोपीय परिचालनों ने सभी व्यवसायों में लाभ दर्शाए
  • उत्तरी अमेरिकी परिचालनों को संयंत्र उत्पादन और ऊर्जा लागतों में सुधार से लाभ हुआ
  • मगडी ने लगातार परिचालन निष्पादन में सुधार पर बल दिया है
  • रैलीज का निष्पादन सामान्य मानसून के कारण वापस पटरी पर लौटने के साथ आय-अर्जन (रेवेन्यू) 20 प्रतिशत रहा
  • 30 सितंबर को समेकित निवल ऋण 6,584 करोड़ रु. रहा जबकि 31 मार्च 2016 को यह 7,686 करोड़ था।

व्यवसाय-वार निष्पादन

लिविंग एसेंसियल्स (रोजमर्रा की जरूरी चीजें)

  • मसालों को अब उत्तर तथा पूर्वी भारत के बाद पश्चिम भारत में उतारा गया
  • राष्ट्रीय ब्रांडेड सेग्मेंट में टाटा नमक अग्रणी बना रहा

इंडस्ट्री एसेंसियल्स (औद्योगिक मूल उत्पाद)

  • प्रमुख बाजारों में सोडा ऐश के वैश्विक मांग स्थिर रही, हालांकि सॉफ्ट बायस के साथ कीमतें रेंज बॉन्ड रहीं
  • भारतीय रसायन व्यवसाय ने अपना बेहतरीन निष्पादन जारी रखा
  • उत्तर अमेरिकी परिचालनों ने परिचालन मार्जिन और आउटपुट में सुधार दर्शाया है
  • यूरोपीय परिचालन ने मार्जिनों के विस्तार पर बढ़िया निष्पदन दर्ज किया है

कृषिगत उत्पाद

  • कच्चे माल की ऊंची कीमत के कारण फॉस्फेटिक ऊर्वरक के उत्पादन स्थगित होने से बिक्री के परिमाण में कमी आई
  • सामान्य मानसून के मद्देनजर ग्रामीण मांग ने गैर-अनुदान आधारित उत्पादों के निष्पादन को मजबूत किया
  • बबराला में उत्पादन का स्थर स्थिर रहा

एक्जीक्यूटिव टिप्पणी

टाटा केमिकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आर मुकुंदन ने कहा, इस तिमाही ने भारत के केमिकल व्यवसाय में स्थिर और सतत निष्पादन को दर्शाया है। दुनिया के अन्य क्षेत्रों में यूरोपीय परिचालनों ने लाभ में सुधार दर्शाना जारी रखा है। हमारा बल है दुनिया के हर हिस्से में परिचालन निष्पादन में सुधार लाने पर और साथ ही हम बाजार के उतार-चढ़ावों के प्रति भी सजग रहते हैं।

उपभोक्ता वस्तुओं के व्यवसाय ने ब्रांडेड नमक के बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति कायम रखी है। टाटा संपन्न के तहत उपलब्ध हमारे बेसन और मसालों के रेंज को उपभोक्ताओं की ओर से मिलने वाली अनुक्रिया पर हम बेहद खुश हैं और हमने इन्हें पश्चिमी भारत में लॉन्च करनी की योजना जारी रखी है। हालांकि, दालों की कीमत पर काबू पाने के लिए हाल में सरकार द्वारा किए गए हस्तक्षेप से व्यवसाय में मार्जिन प्रभावित हुआ।

अनुदान बकाया 1377 करोड़ रुपए के साथ ऊर्वरक व्यवसाय लगातार दबाव में रहा। हालांकि, सामान्य मानसून की वजह से गैर-अनुदान अधारित उत्पादों तथा रैलीज के बैनर तले फसल-सुरक्षा व्यवसाय का निष्पादन बढ़िया रहा।

यारा इंटरनेशनल को यूरिया व्यवसाय की बिक्री की सभी औपचारिकताओं को उम्मीद के अनुरूप पूरा किया जा रहा है।

आगे बढ़ते हुए, हम उपभोक्ता उन्मुख व्यवसाय तथा गैर-अनुदाना आधारित फार्म व्यवसाय पर बल देना जारी रखेंगे और साथ ही उपभोक्ता वस्तुएं और विशिष्ट रसायन हमारी संवृद्धि के मुख्य क्षेत्र बने रहेंगे।