अगस्त 05, 2016

टाटा केमिकल्स का वित्तीय वर्ष 16-17 की पहली तिमाही का कर पश्चात लाभ 21 प्रतिशत बढ़ कर रु.203 करोड़ हो गया

टाटा केमिकल्स  ( ‘कंपनी’) ने आज 30 जून 2016 को समाप्त हुई पहली तिमाही के लिए अपने समेकित वित्तीय परिणामों की घोषणा की। कंपनी ने आज 30 जून 2016 को समाप्त हुई तिमाही के लिए परिचालन से हुई रु.3,652 करोड़ की समेकित आधार पर आय तथा रु.1,953 करोड़ की स्टैन्डअलोन आधार पर आय की घोषणा की। ईबीआईटीडीए, समेकित आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ कर रु.616 करोड़ तथा स्टैन्डअलोन आधार पर 19 प्रतिशत बढ़ कर रु.349 करोड़ दर्ज हुआ।

स्टैन्डअलोन वित्तीय वर्ष16-17,पहली तिमाही

  • सोडा ऐश व नमक में टिकाऊ परिचालन उत्कृष्टता के साथ शानदार प्रदर्शन
  • ईबीआईटीडीए, पिछले वर्ष के रु.293 करोड़ की तुलना में बढ़कर रु.349 करोड़ हो गया।
  • उपभोक्ता पोर्टफोलियो के राजस्व वित्तीय वर्ष15-16,पहली तिमाही से 10 प्रतिशत अधिक रहे। दाल पोर्टफोलियो के राजस्व वित्तीय वर्ष15-16,पहली तिमाही से 8 प्रतिशत अधिक रहे।
  • जटिल खादों का उत्पादन व बिक्री घट गए।
  • 30 जून 2016 को प्राप्त सब्सिडी रु.1,479 करोड़ रही।

समेकित वित्तीय वर्ष16-17,पहली तिमाही

  • यूरोपीय परिचालनों से बेहतर मार्जिन हासिल हुए तथा ऊर्जा व्यवसाय में प्रदर्शन बेहतर रहा।
  • यूएस उत्पादन में स्थिर उत्पादन स्तर बने रहे।
  • मगाडी ने वित्तीय वर्ष16-17,पहली तिमाही में परिचालन प्रदर्शन बेहतर करने पर फोकस बनाए रखा।
  • रैलीस इंडिया ने बेहतर मार्जिन के चलते उच्च परिचालन लाभ तथा एक बार की अन्य आय दर्ज की।

व्यवसाय के लिहाज से प्रदर्शन

जीवन के लिए जरूरी उत्पाद

  • टीसीएल ने राष्ट्रीय ब्रांडेड नमक सेगमेंट में बाजार लीडर बने रहना जारी रखा।
  • ब्रांडेड बेसन तथा दालों में राजस्व वित्तीय वर्ष16,पहली तिमाही की तुलना में 8 प्रतिशत बढ़ा।
  • उत्तरी तथा पूर्वी राज्यों में उपलब्ध ब्रांडेड मसालों को पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से पेश किया जाना जारी रहा।

उद्योग के जरूरी उत्पाद

  • प्रमुख बाजारों में सोडा ऐश की वैश्विक मांग स्थिर रही हालांकि मूल्य सीमा में बंधे रहे और थोड़े कमजोर ही रहे।
  • भारतीय रसायन व्यवसाय ने उच्च राजस्व दर्ज किया।
  • यूएस परिचालनों ने बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन के साथ वापसी की।
  • ब्रेक्सिट के बाद यूके¢जी मूल्यह्रास का प्रभाव।

खेती के लिए आवश्यक

  • यूरिया उत्पादन आशानुरूप रहा।
  • उच्च कच्चा माल मूल्य के कारण फॉस्फेट खाद इकाई में उत्पाद बंद रहा जिसके कारण बिक्री घट गयी।
  • रैलीस का प्रदर्शन ऑपरेशंस की गुणवत्ता, मार्जिन तथा एक बार की अन्य आय के आधार पर बेहतर रहा।
  • सेब के बागानों के किसानों के लिए ई-किसानसंसार नाम का सामाजिक सहयोग प्लेटफार्म पायलट आधार पर शुरु किया गया।

कार्यकारी टिप्पणी
टाटा केमिकल्स के प्रबंध निदेशक, आर मुकुंदन ने कहा, "समीक्षित तिमाही उत्साहजनक रही है जिसमें भारतीय परिचालनों के नेतृत्व में सभी व्यवसायों में बेहतर प्रदर्शन दर्ज हुआ है।

“बेहतर परिचालन प्रदर्शन पर हमारे सतत फोकस ने भारतीय रासायन व्यवसाय में मजबूत प्रदर्शन के साथ, सभी भौगोलिक क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया है। इसके कारण समेकित आधार पर शुद्ध लाभ रु.206 करोड़ हो गया। हालांकि हम बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रति सावधान बने रहे। स्टैंड अलोन शुद्ध लाभ रु.203 करोड़ था जो कि बेहतर प्रदर्शन व भारतीय बाजार में मार्जिन के आधार पर 21 प्रतिशत बढ़ गया।

“जबकि उपभोक्ता उत्पाद व्यवसाय ने ब्रांडेड नमक सेगमेंट में लीडरशिप जारी रखी, वहीं पर टाटा संपन्न ब्रांड ने अपनी पहुंच को दालों व मसालों के पोर्टफोलियो से बढ़ाया। टाटा संपन्न मसाले अब चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में जारी किया जा रहे हैं।

“खाद का व्यापार रु.1,479 करोड़ की शेष सब्सिडी के कारण दबाव में रहा। मानसून के देर से शुरु होने के कारण पहली तिमाही के परिणाम प्रभावित रहे, हालांकि हम सकारात्मक बने रहे और अगली तिमाही में परिस्थितियों के बेहतर होने की अपेक्षा करते हैं।

“आगे बढ़ते हुए हम आशा करते हैं कि भारतीय बाजार अपनी सकल वृद्धि गति को बनाए रखेगा और हमारे व्यवसायों में वृद्धि के प्रति भी हम सकारात्मक हैं।"