नवम्बर 17, 2017

एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, मुंबई को टाटा बिजनस लीडरशिप अवार्ड 2017

  • XLRI जमशेदपुर को IIM, बेंगलुरू के बाद फर्स्ट रनर अप घोषित किया गया
  • 1103 टीम रजिस्ट्रेशन, 287 एंट्रीज के साथ बिजनस स्कूलों की अब तक की सबसे बड़ी सहभागिता
  • विजेताओं ने TAS के साथ डायरेक्ट प्री-प्लेसमेंट इंटरव्यू दिए

मुंबई: 2015 में ई-कॉमर्स को प्रमुखता मिली। 2016 में बिग डेटा एनालिटिक्स ने यह स्थान लिया। इस साल, मुख्य जोर ‘वेस्ट टू वैल्यू’ के ऊपर था। टाटा समूह द्वारा आयोजित वार्षिक बिजनस केस प्रतिस्पर्धा टाटा बिजनस लीडरशिप अवार्ड (TBLA) 2017 भारत के बेहतरीन बिजनस स्कूलों के बेहतरीन प्रतिभाओं का साक्षी रहा है जो टाटा कंपनियों द्वारा उत्पादित औद्योगिक अपशिष्ट उत्पादों में कमी लाने हेतु, उनके दक्ष निस्तारण एवं रचनात्मक उपयोग हेतु अभिनव व्यावसायिक समाधान पेश किए।

एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, मुंबई की विजेता टीम टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस के सीईओ और एमडी राजेश गोपीनाथन के कर कमलों से अवार्ड ग्रहण करते हुए


TBLA की विजेता टीम एसपी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च, मुंबई की टीम सीजर थी। XLRI जमशेदपुर की टीम इनविक्टस और IIM बेंगलुरू की टीम हाई फ्लायर्स क्रमशः फर्स्ट एवं सेकेंड रनर अप घोषित की गई। फाइनल दौर तक पहुंचने वाली अन्य टीमें थीं IIM-अहमदाबाद, IIM-कलकत्ता, IIM-लखनऊ, IIM-कोझीकोड, FMS, दिल्ली तथा TISS, मुंबई की टीमें।

फाइनल राउंड की टीमों के सामने जो चुनौती रखी गई उसमें उन्हें टाटा समूह के अंदर एक इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनजमेंट कंपनी स्थापित करने के केस निर्मित करना था और टाटा कंपनियों से औद्योगिक अपशिष्ट की जिम्मेदारी लेना तथा सभी हितधारकों के लिए मूल्य सृजन करना था। एसपी जैन की विनर एंट्री ने समूह के अंदर परामर्श से लेकर शोध तक के लिए समग्र समाधान प्रस्तुत करने वाली ऐसी ही एक कंपनी बनाने तथा एक निवेश शाखा विकसित करने का सुझाव दिया जिनकी मदद से औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन के सभी मुद्दों से निबटा जा सके। इस किस्म के एकीकृत व्यावसायिक समाधान अभी देश में मौजूद नहीं है, इसलिए सुझाई गई यह योजना विशिष्ट और विजेता मानी गई।

विजेताओं को प्रतिष्ठित TBLA रोलिंग ट्रॉफी, 500,000 रु. नकद राशि और TAS के साथ डायरेक्ट प्री-प्लेसमेंट इंटरव्यू (PPI) के अवसर प्रदान किए गए। फर्स्ट और सेकेंड रनर-अप को क्रमशः 200,000 और 100,000 रु. नकद राशि तथा TAS प्रेजेंटेशन राउंड में हिस्सा लेने के अवसर प्राप्त हुए।

इस अवसर पर बोलते हुए टाटा संस के ग्रुप चीफ ह्यूमन रिसोर्सेस ऑफिसर (CHRO) एस पद्मनाभन ने कहा, ‘TBLA का लक्ष्य है उदीयमान प्रतिभाओं से संपर्क करना और उन्हें अपनी नेतृत्व एवं उद्यमिता की क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर देना। अपने 15वें साल में पहुंचा यह कार्यक्रम प्रतिभा की पहचान करने और वास्तविक परिस्थितियों की चुनौतियों का हल के साथ सामने आने का उत्साह जगाने में सफल रहा है। यह देखना बहुत ही कमाल का अनुभव रहा कि कॉरपोरेट भारत द्वारा औद्योगिक अपशिष्ट के प्रबंधन के संदर्भ में सामना की जा रही कुछ अति गंभीर चुनौतियों पर फाइनलिस्ट प्रतिभागियों द्वारा किस सरलता के साथ अपनी सूझ प्रस्तुत की गई।’

टाटा संस के ग्रुप चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर डॉ गोपीचंद कत्रागड्डा और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (TCS) के सीईओ एवं एमडी राजेश गोपीनाथन सहित टाटा समूह के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
 
प्री-फाइनल राउंड्स में प्रतिभागी टीमों ने टाटा स्टील, टाटा पावर, टाटा केमिकल्स और जिंजर होटल्स जैसी टाटा कंपनियों के लाइव बिजनस केस के लिए समाधान पेश किए। फाइनल में जाने के लिए वरिष्ठ टाटा अधिकारियों द्वारा नौ टीमों का चयन किया गया।