मार्च 24, 2018

रोड सेफ्टी एकादश ने टाटा ‘हॉर्न नॉट ओके प्लीज’ टी20 कप का उद्घाटन मैच जीता

  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, देवेंद्र फडनवीस ने भारतीय क्रिकेट की जानीमानी हस्ती सुनील गावस्कर से आमंत्रण प्राप्त होने पर इस अवसर पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की   
  • शनिवार, 24 मार्च, 2018 को एक प्रदर्शनी क्रिकेट मैच खेला गया जिसका उद्देश्य लागू सड़क सुरक्षा तथा हॉर्न न बजाने के प्रयास के प्रति जागरुकता पैदा करना था

मुंबई: मोटर वैहिकल डिपार्टमेंट, महाराष्ट्र (MVD), ने टाटा समूह के साथ मिलकर, लागू सड़क सुरक्षा तथा हार्न न बजाने के प्रयास के लिए आयोजित टाटा के ‘हॉर्न नॉट ओके प्लीज’ टी 20 कप की मेजबानी की। यह प्रदर्शनी मैच वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में रोड सेफ्टी एकादश तथा नो हॉंकिंग एकादश के बीच खेला गया और इसके कप्तान थे क्रमशः सुरेश रैना तथा युवराज सिंह। 17000 से ज्यादा दर्शक रोड सेफ्टी एकादश के ट्रॉफी जीतने के साक्षी बने।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, देवेंद्र फड़नवीस ने भारतीय क्रिकेट विभूति सुनील गावस्कर से आमंत्रण प्राप्त होने पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस आयोजन की शोभा बढ़ाई। उन्होंने मैच की शुरुआत से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों से मुलाकात भी की, और उन्हें इस महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य में भागीदारी निभाने के लिए धन्यवाद दिया।

इस शाम की शुरुआत में, रोड सेफ्टी एकादश ने टॉस जीता और फील्डिंग करने का निर्णय किया। नो हॉंकिंग एकादश ने 202 रन का एक कठिन लक्ष्य दिया। ईशान किशन ने विजेता पक्ष की ओर से केवल 49 बॉलों पर 124 रनों का शानदार स्कोर खड़ा किया जिसकी बदौलत रोड सेफ्टी एकादश ने नो हॉंकिंग एकादश को 10 विकेट से हराया।

सुप्राक्ष मुखोपाध्याय, कंपनी सचिव, टाटा संस, टॉस करने के लिए तैयार हो रहे हैं

इस अभियान के लिए यह सबसे नवीनतम प्रयास किया गया है ताकि भारत के सबसे लोकप्रिय खेल– क्रिकेट के माध्यम से जागरुकता का संदेश प्रसारित किया जा सके।  भारतीयों के लिए क्रिकेट का खास मतलब होता है और शायद इससे बेहतर कोई तरीका नहीं हो सकता था, कि सभ्य लोगों के इस खेल के माध्यम से सड़क सुरक्षा तथा हार्न बजाने के खतरों के बारे में संदेश प्रसारित किया जाए। इस मैच में भारत के श्रेष्ठ क्रिकेट स्टार शामिल हुए जैसे दिनेश कार्तिक, हरभजन सिंह, शिखर धवन, के एल राहुल, युवराज सिंह, हार्दिक पांड्या तथा सुरेश रैना।

नो हॉकिंग अभियान शोर प्रदूषण के कारण शारीरिक क्षति को कम करने तथा संभावित रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से शुरु किया गया है। शहरों में वाहनों से होनेवाला हॉर्न का शोर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जो हमारे वातावरण में शोर प्रदूषण का 70 प्रतिशत तक होता है। हॉर्न बजाना एक ऐसा संकट है जो हमारे शहरों को कष्ट पहुंचा रहा है और हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। सामान्य रूप से मानव बसावट के आसपास ध्वनि का स्तर 55 डेसीबल से कम रहना चाहिए। हॉर्न बजाने से 110 डेसीबल और उससे भी ज्यादा शोर पैदा होता है। मुंबई में काफी घंटों तक 70 डेसीबल से ज्यादा का वातावरणीय ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया है – जो मानव बसावट के लिए सुरक्षित स्तर से काफी ज्यादा है।  इससे कई गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं जैसे सरदर्द, तनाव, सुनने की ताकत में कमी, अनिद्रा, मनोभ्रंश, उच्च रक्तचाप तथा आक्रामकता, जो हृदय संबंधी बीमारियां पैदा करते हैं।

जब ‘नो हॉकिंग’ अभियान को सोशल मीडिया पर शुरु किया गया तो अबतक इसे हजारों फॉलोवर ऑनलाइन मिल चुके हैं, लाखों नागरिक इसके समर्थन में हैं जिनमें 100 से ज्यादा विख्यात हस्तियां हैं, जैसे डॉक्टर, पद्मश्री तथा मेग्सायसे पुरस्कार विजेता हस्तियां, अभिनेता तथा खिलाड़ी जैसे सचिन तेंदुलकर, रणवीर सिंह, सोनाक्षी सिन्हा, अजित वाडेकर आदि। .

एरुच कपाडिया, सीएफओ, टाटा संस, इशान किशन को ‘मैन ऑफ द मैच’ पुरस्कार से सम्मानित करते हुए

मनोज सौनिक, मुख्य सचिव, परिवहन, ने कहा, यह टूर्नामेंट शानदार रहा, नो हॉकिंग तथा सड़क सुरक्षा के लिए क्रिकेटरों का समर्थन अत्यंत उत्साहवर्धक रहा है। स्टेडियम ने सायरन के बिना उत्साहवर्धन किया। हमें आशा है कि हम अपने ध्येय वाक्य शांत भारत सुरक्षित भारत स्वस्थ भारत के अनुसार शांत और सुरक्षित सड़कें सुरक्षित करने की ओर अग्रसर हैं।“

प्रदीप बागची, समूह के मुख्य संपर्क अधिकारी, टाटा संस ने कहा, “टाटा समूह टाटा के “हॉर्न नॉट ओके प्लीज” टी20 कप के साथ सहयोग से गौरवान्वित है। भारत की श्रेष्ठ क्रिकेट प्रतिभाओं के साथ सहभागिता के साथ, वानखेड़े की हमेशा उत्साहित भीड़ के लिए, हम इस बारे में आश्वस्त हैं कि हमने नो हाकिंग तथा सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर जागरुकता पैदा करने में सफलता प्राप्त की है।”