मई 25, 2017

बिग डेटा के जरिए बड़ा असर प्रदान करने के लिए टाटा आईक्यू के साथ ओखाई की साझेदारी

समाज से जितना लें उससे अधिक वापस करने की टाटा समूह के दर्शन के अनुरूप टाटा समूह की बिग डेटा एवं डिसीजन साइंस कंपनी टाटा आईक्यू ने ओखाई के साथ साझेदारी की – जादुई हाथ, रहस्यमय रंग – बिग डेटा एवं एनालिटिक्स के जरिए ग्रामीण दस्तकारों को सशक्त करने का अनोखा प्रयास। कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी के इस अभिनव उपागम के जरिए, टाटा आईक्यू द्वारा सामाज कल्याण के लिए डेटा साइंस का उपयोग किया जा रहा है, जिससे ओखाई के साथ साझेदारी से स्थायी सामाजिक प्रभाव डालने के लिए अधिक समय और प्रयास लगाए जा रहे हैं। ओखाई ग्रामीण भारत में क्षमता निर्माण और आजीविका सृजन के जरिए महिला सशक्तीकरण में संलग्न एक गैर-लाभकारी फैशन और लाइफस्टाइल ब्रांड है।

ओखाई एक आकर्षक ब्रांड है जो विभिन्न रिटेल एवं ऑनलाइन चैनलों के जरिए महिला परिधानों तथा एक्सेसरीज के हैंडीक्राफ्ट रेंज उपलब्ध कराता है। साइट निष्पादन में सुधार, सामाजिक सहभागिता और भावना में वृद्धि, परिचालनों की अधिकतम सुचारुता और डिजिटल चैनल को प्रभावी रूप से सुधार करने के लिए अत्याधुनिक एनालिटिकल समधानों का उपयोग करते हुए ब्रांड की ऑनलाइन उपस्थिति बढ़ाने के लिए इस साझेदारी के जरिए प्रयास किए जाएंगे। एनालिटिकल प्रयासों से एकत्र अंतर्दृष्टि ओखाई को ग्राहक जोड़ने के वैकल्पिक चैनल तलाशने में मदद करेगा जिससे विभिन्न चैनलों के जरिए एकीकृत संचार पर भी अंतर्दृष्टि हासिल होगी। अपने आपमें अनोखी इस साझेदारी का अंतिम लक्ष्य है डेटा एनालिटिक्स और मापन के विज्ञान और कला का उपयोग ग्रामीण महिलाओं की क्षमताओं को अनेक डिजिटल प्रॉपर्टीज के वर्णक्रम में व्यापक स्तर पर लोगों को दर्शाने में मदद के लिए किया जा रहा है, जिससे यह ग्रामीण महिलाओं के लिए धारणीय आय के साधन जुटाता है और उनके जीवन स्तर में सुधार लाते हुए उनका सशक्तीकरण करता है।

दिसंबर 2016 में दोनों संगठनों ने ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण के इस नेक काम के लिए हाथ मिलाया और तब से साझेदारी लगातार मजबूत हुई है और ओखाई को महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। साझेदारी पर बोलते हुए ओखाई के प्रमुख कीर्ति पूनिया ने कहा, ‘हमारी हर दुविधा में, चाहे वह ग्राहकों को ऑनलाइन लक्षित करना हो, उत्पाद की विशेषताएं परिभाषित करना हो या सोशल मीडिया की प्रभाविता तय करनी हो, टाटा आईक्यू के समाधान हमेशा बहुत ही असरदार और त्वरित रूप अपनाए जाने वाले सिद्ध हुए। टीम बेहद प्रतिभावान है और ओखाई के लिए हमेशा बहुत कुछ करने को तैयार रहती है। ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए वे हमारे साथ हैं इस पर हमें बेहद खुशी हो रही है।

साझेदारी पर प्रत्यक्ष रूप से रोमांचित टाटा आईक्यू के सीईओ दीप थॉमस ने कहा, ‘कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी के लिए हमारी प्रतिबद्धता हमारी कंपनी की संस्कृति में निहित है। सीएसआर के इर्दगिर्द अनेक स्वैच्छिक कार्य के अवसरों पर विचार करने के बाद, हमने महसूस किया कि समाज में बदलाव लाने का सबसे बढ़िया तरीका है उस तरह से काम करना जिसमें हमारा लगाव हो यानी कि – डेटा और एनालिटिक्स के जरिए। और, आज यह देखना बहुत सुखद है कि हमारे एनालिटिक्स प्रयास ओखाई महिलाओं की अजीविका पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।