नवम्बर 01, 2017

सुप्रसिद्ध कवि केकी नसरवानजी दारुवाला को टाटा लिटरेचर लाइव में सम्मान! पोएट लॉरीट अवार्ड 2017

मुंबई: भारत के सुप्रसिद्ध कवि और लघुकथा लेखक केकी नसरवानजी दारुवाला को टाटा लिटरेचर लाइव में सम्मानित किया जाएगा! पोएट लॉरीट अवार्ड 2017।

दी टाटा लिटरेचर लाइव! पोएट लॉरीट अवार्ड में एक प्रशस्तिपत्र, एक फलक और नकद पुरस्कार होता है और श्री दारुवाला को यह पुरस्कार 16 नवंबर 2017 को समारोह के उद्घाटन दिवस पर मुंबई में नरीमन पॉइंट के नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट में दिया जाएगा।

आह्लादित श्री दारुवाला ने कहा इस प्रकार के पुरस्कारों का होना यह दर्शाता है कि लोग अब भी कविता की परवाह करते हैं। सभी कवि पागल नहीं होते जैसा कि लोग उनके बारे में सोचते हैं, हालांकि कवि जितना पागल होगा उतनी ही उम्दा उसकी कविता होगी। मैं कवियों के उसी गैर-पागल समुदाय से आता हूं।’

लाहौर में जनवरी 1937 को जन्मे श्री दारुवाला ने 1958 में पंजाब यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहित्य में स्नातक होने के बाद भारतीय पुलिस सेवा जॉइन की। उन्होंने अपनी पहली काव्य पुस्तक अंडर ओरियन 1970 में प्रकाशित की, जिसके बाद अप्रैल 1971 में ऐपेरिशन प्रकाशित हुई और 1972 में उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य पुरस्कार से नवाजा गया।

काव्य संग्रहों, लघु कथाओं और उपन्यास सहित 18 किताबों के लेखक श्री दारुवाला को काव्य संग्रह द कीपर ऑफ द डेड के लिए 1984 में साहित्य अकादमी अवार्ड से सम्मानित किया गया। 1987 में, उन्हें कॉमनवेल्थ पोएट्री अवार्ड (एशिया) से और 2014 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उनके नवीनतम उपन्यास एनसेस्ट्रल अफेयर्स 2015 में प्रकाशित हुआ।

कवि के रूप में, श्री दारुवाला काव्य प्रस्तुति के अपने तीखे, व्यंग्यात्मक लहजे के लिए जाने जाते हैं जो तीक्ष्ण दृश्यात्मक चित्रण से युक्त होते हैं। उनकी कृतियों में उनका गुस्सा और उनकी अरुचि प्रकट होती है जो कुंद भारतीय जीवनशैली और रूमानी भ्रम के खिलाफ होते हैं। उनके लेखन को इतना सशक्त बनाने वाला तत्व है सामाजिक ढांचे के बारे में उनकी मजबूत अंतर्दृष्टि।

नीचे उनकी कविता माइग्रेशन की कुछ शुरुआती पंक्तियां दी गई हैं जो इस साल के समारोह के थीम ‘इंडिया एट 70’ को उजागर करता है। विशुद्ध भाव, उथल-पुथल, पीड़ा सब बड़ी खूबसूरती के साथ चित्रित किए गए हैं।

प्रवासन हमेशा कठिन होता है।
किसी सूखे के बारे में,
किसी प्लेग के बारे में पूछना हो तो;
साल 1947 से पूछें।
स्वयं इतिहास से पूछें:
यदि प्रवासन नहीं होता तो
क्या इतिहास में हमारे लिए
इतनी सामग्री जुट पातीं?

समय में पीछे की ओर लौटना भी कठिन होता है।
सरगोधा
या झेलम या मियांवली के बारे में किसी से अतीत टटोलिए तो वे आपको बताएंगे।
पुरानी ईंटों में नए चेहरे;
विनम्रता, भावना,
अजनबियों के होठों से टपकते हुए।

यह अब भी आपका ही घर है, जनाब।

लिटरेचर लाइव! के संस्थापक और निदेशक अनिल धारकर ने कहा, ‘जिस गहराई और वाग्मिता के साथ केकी दारुवाला लिखते हैं उसने पाठकों को पीढ़ियों से अपनी ओर अनुरक्त किया है और साहित्य में उनकी सांस्कृतिक छाप निर्विवाद है। समारोह में ऐसे नामचीन लेखक का होना हमारे लिए सम्मान की बात है और हम बड़ी उत्सुकता से उन्हें सुनने को लालायित हैं।’

टाटा संस के ब्रांड कस्टोडियन हरीश भट ने कहा, ‘टाटा समूह का हमेशा कला और संस्कृति को अपने बहुविध रूपों में प्रोत्साहित करने में भरोसा रहा है। हमें सुप्रसिद्ध कवि केकी दारुवाला को कविता के क्षेत्र में उनके महान योगदान के लिए टाटा लिटरेचर लाइव! मुंबई लिटफेस्ट में सम्मानित करते हुए प्रसन्नता हो रही है। हमें उम्मीद है ऐसे पुरस्कार युवा कवियों को कविता के प्रति उनके जुनून के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जो कि मानवीय अभिव्यक्ति की सबसे सुंदर और सशक्त विधा है।’

टाटा लिटरेचर लाइव! में पूर्व में सम्मानित हस्तियां पोएट लॉरीट अवार्ड से समानित नामचीन कवियों में शामिल हैं गुलजार साहब 2016 में, विक्रम सेठ 2015 में और जॉय गोस्वामी 2014 में।  

महत्वपूर्ण कृतियों को सम्मानित करने के लिए दस पुरस्कार दिए जाएंगे – द टाटा नेक्सन लिटरेचर लाइव! पहला बुक अवार्ड फिक्शन और नॉन-फिक्शन कैटगरी में; और द टाटा लिटरेचर लाइव! बुक ऑफ द ईयर अवार्ड्स फिक्शन और नॉन-फिक्शन कैटगरी में; द टाटा कैपिटल लिटरेचर लाइव! बिजनस बुक अवार्ड; टाटा लिटरेचर लाइव! पोएट लॉरीट अवार्ड; टाटा लिटरेचर लाइव! लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, टाटा लिटरेचर लाइव! पब्लिशर ऑफ द ईयर अवार्ड और द बिग लिटल बुक अवार्ड्स  बाल साहित्य कैटगरी में लेखक और इलस्ट्रेटर के लिए। 

भारत का एक सर्वोत्तम अंतर्राष्ट्रीय साहित्य समारोह और मुंबई का सबसे बड़ा टाटा लिटरेचर लाइव! मुंबई लिटफेस्ट शहर के सांस्कृतिक कैलेंडर को चिह्नित करने के लिए वापस लौट आया है, 16 से 19 नवंबर, 2017 तक। चार दिनों तक चलने वाला यह समारोह दो स्थानों पर आयोजित है- – NCPA, नरीमन पॉइंट (16 से 19 नवंबर 2017) और पृथ्वी थिएटर, जुहू (18 से 19 नवंबर, 2017) – जहां दुनिया भर के लेखकों का एक विशिष्ट समागम मौजूद होगा।

टाटा लिटरेचर लाइव! के बारे में अधिक विवरण के लिए। मुंबई लिटफेस्ट 2017, कृपया समारोह की वेबसाइट पर जाएं, और Facebook पेज तथा Twitter पेज देखें।

यहां प्रवेश निःशुल्क है और पहले आओ पहले पाओ आधार पर होगा।

टाटा समूह, टाटा लिटरेचर लाइव का शीर्षक प्रायोजक है! दि मुम्बई लिटफेस्ट। टाटा नेक्सन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) तथा टाटा कैपिटल सह-प्रायोजक हैं, तथा लैंडमार्क इसका नॉलेज पार्टनर है। इस फेस्टिवल की परिकल्पना लिटरेचर लाइव! के संस्थापक व फेस्टिवल निदेशक अनिल धारकर ने की है, जो टाटा समूह के समर्थन से इस फेस्टिवल का आयोजन करते हैं।