नवम्बर 27, 2017

IIM शिलांग ने टाटा स्टील के वार्षिक बिजनेस चैलेंज स्टील-ए-थन के सत्र 4 का खिताब जीता

  • IIM इंदौर प्रथम उपविजेता के स्थान पर रहा
  • JBIMS मुंबई & SIBM पुणे सम्मिलित रूप से द्वितीय उपविजेता रहे

कोलकाता: स्टील-ए-थन 2017 के ग्रैंड फिनाले का समापन एक रोमांचक नोट पर हुआ, जिसके साथ IIM शिलांग 4थे सत्र के विजेता के रूप में उभरा। स्टील-ए-थन 2017 एक बेहद स्पर्धी तथा कठिन बौद्धिक मैराथन सिद्ध हुआ है। ग्रैंड फिनाले में 16 बी-स्कूलों से आई टीमों के बीच निकट मुकाबला हुआ, जिन्होंने एक निर्णायकमंडल के समक्ष अपनी व्यावसायिक मामलों के समाधान का प्रदर्शन किया, जिसमें टाटा स्टील के स्टील मार्केटिंग तथा विक्रय के वीपी, पीयूष गुप्ता के नेतृत्व में टाटा स्टील के वरिष्ठ प्रबंधन शामिल थे। प्रस्तुत केस अध्ययन विभिन्न क्षेत्रों से संबद्ध थे, जिनमें कॉरपोरेट तथा डिजिटल रणनीति, मानव संसाधन प्रबंधन, मार्केटिंग तथा सेल्स, आपूर्ति श्रृंखला तथा सामान परिवहन के क्षेत्र शामिल थे।

पीयूष गुप्ता (बाएं से तीसरे) प्रथम उपविजेता, आईआईएम इंदौर टीम के साथ

इस वर्ष, स्टील-ए-थन में पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक प्रतिभागिता रही, जो गत संस्करण में शामिल तकरीबन 1000 टीमों से बढ़कर इस वर्ष लगभग 16,00 टीमों (5,000 से ज्यादा छात्र) तक पहुंच गई। आईआईएम शिलांग स्टील-ए-थन 2017 का विजेता बन कर उभरा है, जिसके बाद आईआईएम इंदौर प्रथम उपविजेता तथा JBIMS मुंबई और SIBM पुणे संयुक्त रूप से द्वितीय उपविजेता बने हैं।

अपने संबोधन में, श्री गुप्ता, उपाध्यक्ष, स्टील मार्केटिंग तथा सेल्स, टाटा स्टील ने कहा, “स्टील-ए-थन छात्रों को एक खास किस्म का अवसर प्रदान करता है जिसमें वे एक तीन माह की अवधि में अपने अध्ययन के साथ-साथ वास्तविक जीवन की व्यावसायिक समस्याओं पर काम करते हैं। यह प्रतियोगिता इस धारणा को समझने में सहायक है कि स्टील उद्योग के सामने चुनौतीपूर्ण ग्राहक-केंद्रित मुद्दों को हल करना मुश्किल नहीं है। स्टील-ए-थन का उद्देश्य है देश की श्रेष्ठ प्रतिभाओं को उभारकर सामने लाना ताकि वे व्यावसायिक अग्रणी और समाधान प्रदाता बन सकें। अपने सही निर्देशन तथा सलाह के माध्यम से, हम सोचते हैं कि इसे पूरा करने में हम अपने प्रयास कर सकते हैं। 2017 में स्टील-ए-थन के चौथे संस्करण को देश के प्रमुख 19 बिजनेस स्कूलों से गर्मजोशी भरी सराहना मिली थी, जिसके तहत चार नए कॉलेजों को पहली बार प्रस्तुति के लिए वाइल्ड कार्ड के माध्यम से प्रवेश दिया गया था। टाटा स्टील विजेताओं तथा अंतिम दौर के प्रतिभागियों को बधाई देते हैं और छात्रों द्वारा किए गए आश्चर्यजनक कार्यों की हार्दिक सराहना करते हैं।”

टाटा स्टील द्वारा बिजनेस स्कूलों के उज्ज्वल युवा मस्तिष्कों को जोड़ने तथा सहयोगी बनाने, तथा उन्हें औद्योगिक जगत में वास्तविक जीवन की चुनौतियों पर काम करने का एक अवसर मुहैया कराने के उद्देश्य से स्टील-ए-थन का प्रारंभ 2014 में किया गया था। श्रेष्ठ रैंकिंग युक्त बिजनेस स्कूलों से छात्रों को टाटा स्टील प्रबंधन के समक्ष अपने बड़े विचार प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया। यह मंच प्रतिभा, ताजा विचारों की पहचान करने, लीक से हटकर नई सोच प्रस्तुत करने में सहयोगी है, तथा छात्र के पेशेवर जीवन में एक मुख्य भूमिका निभाता है। यह छात्रों के लिए औद्योगिक जगत में प्रवेश के लिए एक आदर्श चरण है।

विजेतागण यहां से रु. 2,50,000 का नकद पुरस्कार, एक ट्रॉफी तथा प्रमाणपत्र लेकर गए। प्रथम तथा द्वितीय उपविजेता टीमों को प्रमाणपत्रों के साथ क्रमशः रु.1,50,000 तथा रु.1,00,000 के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। सभी परिसर विजेताओं को प्रतिष्ठित विशाल फाइलन में सीधे प्रवेश देने के साथ ही 30,000 रुपए तथा एक प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया।

स्टील-ए-थन के प्रतिभागियों को टाटा स्टील के वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा उपलब्ध निर्देशन का फायदा मिला, जिसने गुणवत्ता का खयाल रखा और विवरणों पर ध्यान दिया। इस मंच का उद्देश्य है इन उभरते हुए नेतृत्वकर्ताओं को उनकी कक्षाओं में प्राप्त ज्ञान के प्रायोगिक मोर्चे पर उपयोग के लिए अवसर प्रदान कर, वास्तविक जीवन में व्यवसाय की चुनौतियों के लिए तैयार करना।

इस प्रतियोगिता के चैम्पियन:

विजेता टीम कैंपस नाम
शिलॉन्गर्स IIM शिलॉन्ग

फर्स्ट रनर-अप:

टीम कैंपस नाम
स्टील सैपर्स IIM इंदौर

जॉइंट सेकेंड रनर्स-अप पोजिशन:

टीम कैंपस नाम
वैलिरियन स्टील SIBM पुणे
क्रोनोस JBIMS मुंबई

 

फाइनल्स के लिए चयनित बी-स्कूलों की सूची:

  • IIM शिलॉन्ग
  • FMS दिल्ली
  • IIM बैंगलोरe
  • IIM कलकत्ता
  • IIM इंदौर
  • IIM लखनऊ
  • IIIM रायपुर
  • MDI गुड़गांव
  • SIBM पुणे
  • IIM रोहतक
  • जैवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, भुवनेश्वर
  • XLRI
  • TISS
  • JBIMS, मुंबई
  • IIM कोझिकोड
  • IIFT