मई 18, 2015

टाटा ऑटोकोम्प सिस्टम के संयुक्त उपक्रम टाटा ऑटोकोम्प जीवाय बैटरीज़ ने भारत में द्वि-चक्रीय विभाग में प्रवेश किया

वाल्व द्वारा नियंत्रित की जाने वाली लेड-एसिड श्रेणी की बैटरियां प्रस्तुत कीं

पुणेः टाटा ऑटोकोम्प जीवाय बैटरीज़ (टीजीवीय) टाटा ऑटोकोम्प सिस्टम्स जो कि ऑटो कलपूर्जे बनाने वाली अग्रणी भारतीय कंपनी है, उसका, जपान की कंपनी जीएस युआसा इन्टरनेशनल के साथ किया गया एक संयुक्त उपक्रम है। इस संयुक्त उपक्रम ने वाल्व द्वारा रेग्युलेटेड लेड-एसिड (वीआरएलए) बैटरियां बनाने की शुरूआत कर दी है। - टीजीवाय की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली वीआरएलए बैटरियां अधिमूल्य श्रेणी की कच्ची सामग्री से बनी जाती हैं और इनका निर्माण पुणे निकट रंजनगांव में स्थित अत्याधुनिक निर्माण संयंत्र में किया जाता है।

बाएं से: अजय टंडन, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, टाटा ऑटोकोम्प सिस्टम्स; श्री एजेंसी (पुणे) के सोमेश कौरानी; बोमोतो-सान, जीएश युआसा के निदेशक; क्रिष्नाश्रय ऑटोमोबाइल्स (वड़ोदरा) के केयुर पटेल; सतीश प्रधान, निदेशक टीजीवाय; और निरव शाह, महावीर ऑटोमोबाइल्स (सुरत)
इन बैटरियों को टाटा "ग्रीन बैटरीज़– वेलोसिटी प्लस" के ब्रांडनाम से बाज़ार में प्रस्तुत किया जाएगा और यह रएएच, 3 एएच, 3.5 एएच व 5 एएच में उपलब्ध होंगी जो कि मोटरसाइकिल तथा स्कूटर /स्कूटरेट के लगभग सभी द्वि-चक्रीय ब्रांड के लिये योग्य है। टीजीवाय द्वारा निर्मित वेलोसिटी बैटरियों की रचना ज़्यादा इन्गिशन पावर देने की बात ध्यान में रख कर की गई है ताकि सभी प्रकार की वातावरण स्थिति में इनका शीघ्र शुरू हो जाना सुनिश्चित हो। लेड–कैल्सियम धातु, इन बैटरियों की लंबी आयु सुनिश्चित करती है। ये बैटरियां उच्च प्रदर्शन करने वाली, छोटी, वजन में हल्की और लंबे समय तक चलने वाली हैं। आज की अधिक प्रदर्शन वाली बाइकें व स्कूटरों को ध्यान में रखते हुए इन्हें इनके अनुरूप भी बनाया गया है।

इस अवसर पर संबोधन करते हुए अजय टंडन, प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी, टाटा ऑटोकोम्प सिस्टम्स ने कहा,"भारत का ऑटोमोटिव बाज़ार जैसे जैसे विकसित होता जा रहा है, उसी के मद्देनज़र ऑटोमोटिव निर्माताओं को भी अपनी प्रौद्योगिकी को उन्नत करते हुए और विश्व मानकों के समकक्ष तथा स्थानीय परिस्थितिओं के साथ मेल बिठाते हुए, ग्राहकों की मांग के साथ तेज़ भागना होगा। टाटा ऑटोकोम्प अपने साझेदारों के साथ चलते हुए हमेशा अपने ग्राहकों को नवीनतम प्रौद्योगिकी उपलब्ध करवाने के लिए प्रयत्नशील रही है।"

तोरू बोमोतो-सान, जीएस युआसा के निदेशक ने टीजीवाय से वेलोसिटी प्लस वीआरएलए बैटरियों के सबसे पहले जथ्थे को ध्वज फहराते हुए प्रस्थान करवाया, उन्होंने कहा, "टाटा ऑटोकोम्प के साथ हमारे संयुक्त उपक्रम ने, समय के साथ वृद्धि की है और टाटा ग्रीन बैटरियों ने जो प्रगति की है उससे मैं बहुत ही प्रसन्न हूं। जीएस युआसा के हम सभी इस संयुक्त उपकम को नवीनतम प्रौद्योगिकी द्वारा मदद करने प्रतिबद्ध हैं ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि भारत के ग्राहकों को लंबे समय तक चलने वाली तथा बेहतरीन ऑटोमोटिव बैटरियों में से पसंद करने का मौका मिले।"

अरिजीत दत्ता, टीजीवाय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने आगे और कहा किः "हाल के समय में उद्योग में द्वि-चक्रीय विभाग में परंपरागत बैटरियों के मुकाबले वीआरएलए बैटरी की तरफ झुकाव देखा गया है। टीजीवाय की ओर से प्रस्तुत वेलोसिटी प्लस वीआरएलए बैटरियां, प्रौद्योगिकी के हिसाब से बेहतर हैं, लंबे समय तक चलने वाली, सुरक्षित हैं तथा भारत के ग्राहकों की मांग को ध्यान में रख कर इनकी रचना की गई है।"