टाटा पावर ट्रेडिंग

टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी (टीपीटीसी) भारत में ऊर्जा यूनिटों की खरीद-बिक्री का व्यापार करती है। इसे 2003 में, टाटा पावर कंपनी के पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी के तौर पर रु. 2 करोड़ की शेयर पूंजी के साथ निगमित किया गया था। टीपीटीसी, जून 2004 से पूर्व, केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग से विद्युत सौदों की अनुज्ञप्ति प्राप्त करने वाली भारत की पहली कंपनी थी।

व्यापार के क्षेत्र

प्रारंभ में टीपीटीसी को ‘ए’ प्रवर्ग की अनुज्ञप्ति निर्गत की गई, जिसमें इसपर 100 मिलियन यूनिटों तक सौदे का प्रतिबंध था। इस अनुज्ञप्ति को बढ़ते हुए व्यापार की जरूरतों के हिसाब से प्रवर्ग ‘एफ’ तक बढ़ाया गया। आज यह कंपनी, अपने इक्विटी आधार में रु. 20 करोड़ तक की वृद्धि के द्वारा, बिना किसी ऊपरी सीमा के, अधिकाधिक परिमाण में सौदे कर सकती है।

टीपीटीसी, विभिन्न राज्यों तथा निजी क्षेत्र के विद्युत उत्पादक सेवा-प्रदाताओं, कैप्टिव पावर प्लांटों तथा राज्यों के स्वामित्व वाले विद्युत बोर्डों से अधिशेष विद्युत लेता है। इसके व्यापार भागीदारों में शामिल हैं, महाराष्ट्र राज्य विद्युत बोर्ड, मध्य प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत बोर्ड, मिजोरम सरकार का ऊर्जा तथा विद्युत विभाग, दामोदर घाटी निगम, हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम, तथा देलही ट्रांसको।

अवस्थिति

टीपीटीसी का कार्यालय मुंबई में है।

यह प्रोफाइल नवम्बर 07, 2013 को 05:18 भारतीय मानक समय पर अद्यतन किया गया था।
अधिक जानकारी के लिए कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट देखें (वेबसाइट लिंक इस पृष्ठ पर 'संपर्क' अनुभाग में उपलब्ध है)