दिसम्बर 2016 | फिलिप चाको

लक्ष्य: हमेशा बेहतर होना

बिजनेस एक्सीलेंस ने टाइटन कंपनी के विकास को बल प्रदान किया है, और इसके नतीजे में एक बहुआयामी सफलता की कहानी उभर कर सामने आती है

एक्सीलेंस अपने आप में टाइटन कंपनी के लिए संकेतशब्द रहा है तब से जबसे इसकी स्थापना 1984 में टाटा और तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के एक संयुक्त उपक्रम के रूप में हुई। इस संदर्भ में ‘बिजनस/व्यवसाय’ विनिर्माता और रिटेलर के एक पथप्रदर्शक संयोजन के रूप में सबसे अलग खड़े एंटरप्राइज के रूप में परिभाषित करने का अंतिम आधार बनता है।

टाइटन कंपनी में बिजनस और एक्सीलेंस अविभाज्य चीजें हैं, एक संयुक्त जुड़वें की तरह जिससे ब्रांड और इंडस्ट्री को, संक्रिया और लोगों को और लीडरशिप तथा रणनीति को लाभ मिलता है। ‘बिजनस एक्सीलेंस ने हमें संगठन को खंडों में विभाजित करने और साथ ही साथ उन्हें एकीकृत करने में सक्षम बनाता है', टाइटन कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर भास्कर भट कहते हैं। ‘इस यात्रा का अन्य सिद्धांत है सतत प्रगति’

बिनजस एक्सीलेंस के क्षेत्र की शुरुआती कंपनी होना टाइटन कंपनी के लिए मददगार साबित हुआ। यह उन मुट्ठी भर टाटा कंपनियों में से एक थी जिसने 1990 के दशक के मध्य में समूह के अंदर बिजनस एक्सीलेंस की शुरुआत की थी।

‘सच कहूं तो, मैं यह नहीं कह सकता कि उस समय हम बिजनस एक्सीलेंस की आवश्यकता को समझे थे’, श्री भट याद करते हुए कहते हैं। ‘यह समूह के द्वारा एक नया प्रयास था और हम इसे अपनाने वालों में प्रथम थे। उस समय तक व्यवसाय में उत्कृष्ट होने के एक सुव्यवस्थित दृष्टिकोण का विचार शायद मौजूद था, लेकिन इसे समूह द्वारा लागू नहीं किया गया था।’

टीबीईएम को अपनाने से टाइटन कंपनी प्रक्रिया-आधारित बनी। यह अपने आप में संगठन की उस वृत्ति के विरुद्ध बगावत था जो यादृच्छिकता से संचालित होती थी। ‘हम मुख्य रूप से एक सहजज्ञ, स्वभावप्रेरित और लोक-चालित कंपनी हैं,’ श्री भट कहते हैं। ‘टीबीईएम ने हमें प्रक्रिया-उन्मुख कंपनी बनने को बाध्य किया लेकिन हम यह सीखे कि प्रक्रिया को अपने ऊपर हावी होने दिए बिना सहजज्ञ कैसे हुआ जाए।’

व्यवसाय जगत में टाइटन कंपनी की लगातार उन्नति कोई छोटी बात नहीं है, यह टीबीईएम में अंतर्निहित प्रमुख मूल्यों को लेकर हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसे अब दुनिया के सर्वोच्च घड़ी निर्माताओं में गिना जाता है, इसके पास भारत की सबसे बड़ी और सर्वाधिक लोकप्रिय आभूषण निर्माता कंपनी तनिष्क है; इसका आईवियर ब्रांड टाइटन आई प्लस है जिसने कठिन व्यवसाय में अपनी जगह बनाई है; और इसका प्रिसीजन इंजीनियरिंग इंडस्ट्री को डिविजन अत्याधुनिक उत्पाद और समाधान उपलब्ध कराता है, जैसे- ऑटोमोटिव और एयरोस्पेस।

टाइटन कंपनी में एक श्रृंखला है जो इन विभिन्न व्यावसायिक उद्यमों को आपस में जोड़ती है और जिस धातु से यह बनी है उसमें विभिन्न घटक हैं: उद्यम संस्कृति, नवाचार के लिए संभावना और व्यवसाय के हर पक्ष में उत्कृष्टता लाने का जज्बा। ‘हमें जिस बात की तलाश है वह है सूचना विश्लेषण और रणनीति के बीच कनेक्टिविटी लाना, उदाहरण के लिए, हमारे व्यवसाय और धारणीयता के बीच, सतत सुधार के हमारे उद्देश्य और डिजिटाइजेशन जैसी चीजें’, श्री भट कहते हैं।

भविष्य छिपा है टाइटन कंपनी द्वारा ऊंचा उठते मानदंडों को पढ़ पाने में, न कि केवल इनोवेशन में। ‘आज हम जहां हैं उससे बेहतर स्थान हासिल करने के लिए हमें बिजनस एक्सीलेंस के सही लिवर को दबाना है’, टाइटन में महाप्रबंधक और कॉरपोरेट सस्टेनैबिलिटी के प्रमुख एनई श्रीधर कहते हैं। ‘रणनीति में, नेतृत्वकर्ताओं के विकास में, दुनिया भर के सर्वोत्तम के साथ अपनी तुलना में, डिजिटल तकनीकों को अपनाने में और अपनी क्षमताओं को बढ़ाने में हमें सुधार की नई लहर को संभव बनाने की दिशा में काम करना है।’

संगठन में 25 साल से जुड़े रहे श्री श्रीधर के अनुसारअ कंपनी को विविध मानदंडों पर और अपने अनेक डिविजन की आवश्यकताओं का पूर्वानुमान लगाना होगा। ‘इसका अर्थ है आज जो है उससे आगे जाकर भविष्य की आवश्यकता को समझना, खासकर धारणीयता के क्षेत्र में’, वह कहते हैं।

श्री श्रीधर के अनुसार, टीबीईएम एक दर्पण है जिसमें झलकता है कि हम क्या हैं। लेकिन हम बिजनस एक्सीलेंस के औजार को लेकर मनिग्रहित नहीं हैं; वे तो बस साधन हैं। इन औजारों को समुचित होना चाहिए, उन्हें प्रासंगिक होना चाहिए और उन्हें सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए। टाइटन कंपनी में, हम यह निर्णय नहीं देते कि कौन सा औजार इस्तेमाल किया जाना है। हम बस यह कहते हैं: ‘वह इस्तेमाल किजिए जो बेहतर बनने के लिए आपको उचित लगे।’यह बेहद सरल है।’

टाइटन कंपनी जिस बिजनस एक्सीलेंस योजना का अनुसरण करता है वह ‘इम्प्रूवाइजेशन’और ‘कस्टमाइजेशन’ के साथ समायोजित होने के लिहाज से अत्याधुनिक है। ‘टीबीईएम के किसी भी पक्ष को हम बाकी से काटकर, अलगकर नहीं देखते’, श्री श्रीधर कहते हैं। ‘उदाहरण के लिए, रणनीति के साथ यह हमारे लोगों की मदद से निर्मित है।' ‘अच्छा है कि हमने एक मॉडल विशेष को अपनाया, लेकिन हमें इसे और अधिक प्रासंगित और सामयिक बनाना होगा, उसी तरह जिस तरह हम खुद को देखते हैं।’

व्यवसाय मंच पर टीबीईएम ने जो उपलब्ध कराया है उससे इनकार नहीं किया जा सकता। ‘इस मॉडल ने टाटा समूह में कई स्तरों पर व्यापक फर्क डाला है,’ श्री भट कहते हैं। ‘हम इस बात पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि कैसे हम बिजनस एक्सीलेंस के जरिए परिणामों में अधिक सुधार ला सकते हैं, और फिर टाटा समूह और टाटा कंपनियों के बीच एक दूसरे से सीखने का भी अवसर मिलता है। यह टीबीईएम को अधिक टाटा उन्मुख और विशिष्ट बनाता है

ग्राहक के साथ टाइटन के संबंध हमेशा से विशिष्ट रहे हैं

सर्वोच्च दो
टाटा बिजनस एक्सीलेंस मॉडल (टीबीईएम) के सात क्षेत्रों में से किसमें टाइटन कंपनी शानदार निष्पादन करती है? इसके उत्तर में कहा जा सकता है कि नेतृत्व और ग्राहक संकेद्रण, जिसपर कंपनी द्वारा सबसे अधिक ध्यान दिया जाता है। 

‘ग्राहक संकेद्रित होना तो हमारे लिए स्वाभाविक बात रही है, लेकिन नेतृत्व के मामले में श्रेय टीबीईएम को दिया जाएगा’, मैनेजिंग डायरेक्टर भास्कर भट कहते हैं। ‘नेतृत्व के लिए हमारा हमेशा से एक मजबूत और विभेदित दृष्टिकोण रहा है जो भरोसेमंद, पारदर्शी, पदानुक्रम और शक्ति संरचना से मुक्त हो। हमारे लीडर्स सुगम्य और पहुंचयोग्य होते हैं और ऐसे ही हमारे लोग भी हैं।’टीबीईएम ने इन मूल्यों को मजबूत किया है।

‘कंपनी में अधिकतर नेतृत्वकारी पदों को अंदर से भरा गया, उन लोगों द्वारा जिन्हें अधिक टिकाऊ जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार और प्रशिक्षित किया गया’, टाइटन में महाप्रबंधक और कॉरपोरेट सस्टेनैबिलिटी के प्रमुख एनई श्रीधर कहते हैं।

टीबीईएम के आने के समय तक ग्राहकों के लिए टाइटन कंपनी के पास एक सुविकसित व्यवस्था मौजूद थी।

टाइटन कंपनी में, ग्राहक संकेंद्रण ऐसा काम नहीं है जिसे सेल्स और मार्केटिंग के जिम्मे छोड़ा जाए। ‘संगठन में हर किसी के व्यवहार से आदतों से फर्क पड़ता है,’ श्री भट कहते हैं। ‘ग्राहकों को संतुष्ट करने वाले उत्पाद बनाने से अधिक इसका महत्व है। हम उन्हें राजाओं और रानियों की तरह समझते हैं, हम चाहते हैं वे हमारे पास लौट कर आएं।’

यह सामग्री टाटा समूह की कंपनियों में बिजनेस एक्सीलेंस की संस्कृति के बारे में टाटा रीव्यू के अक्टूबर-दिसंबर 2016 संस्करण की आवरण कथा का एक अंग है:
अवलोकन: लगातार सुधार
पांच टाटा कंपनियां बता रही हैं कि किस प्रकार बिजनेस एक्सीलेंस मूल्य निर्माण और व्यवसाय मॉडल को पुनर्गठित करने में सहायक रहा
टाटा बिजनेस एक्सीलेंस ग्रुप: एक अनोखा मॉडल तथा इसकी समग्र विधि
प्रसिद्ध टाटा बिजनेस एक्सीलेंस मॉडल (टीबीईएम) के संरक्षक के रूप में, टाटा बिजनेस एक्सीलेंस ग्रुप (टीबीईएक्सजी) टाटा कंपनियों को विभिन्न कार्य क्षेत्रों में वैश्विक मानक प्राप्त करने में सहायता प्रदान करते रहे हैं
टाटा स्टील: परिवर्तन का पथप्रदर्शन
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टाटा पावर डेल्ही डिस्ट्रिब्यूशन ने अपने संगठनात्मक ढांचे का पुनर्गठन करने, चुनौतियों से निबटने और एक असाधारण उद्यम के रूप में निर्मित होने के लिए बिजनेस एक्सीलेंस पर भरोसा किया है।

स्टीली एंड स्टर्डी (फौलादी और मजबूत)
टाटा स्टील प्रॉसेसिंग एंड डिस्ट्रिब्यूशन में बदलाव की प्रक्रिया में बिजनेस एक्सीलेंस एक उत्प्रेरक रहा है, एक उद्यम जो हर बढ़ते कदम के साथ और भी परिपक्व होता गया है