दिसम्बर 2016 | गायत्री कामथ

एक विशिष्ट मॉडल और उसकी संपूर्ण विधि

प्रख्यात टाटा बिजनेस एक्सीलेंसी मॉडल (टीबीईएम) के संरक्षक के रूप में टाटा बिजनेस एक्सीलेंस ग्रुप (टीबीईएक्सजी) टाटा कम्पनियों को विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में वैश्विक कीर्तिमान हासिल करने में मदद करता रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष एस पद्मनाभन टीबीईएक्सजी और उसके आदेशपत्र के विषय में बताते हैं और साथ ही इसकी जानकारी देते हैं कि यह कैसे समूचे समूह में मूल्यों और ज्ञान निर्माण करने में सहायता करता है।

टीबीईएम दो दशकों से टाटा समूह का हिस्सा रहा है। आप कैसे इस यात्रा का वर्णन करेंगे?
पिछले 20 वर्षों से टीबीईएम सभी टाटा कम्पनियों का हिस्सा रहा है, और यह तथ्य अपने आप में इसे विशिष्ट बनाता है। विश्व भर में किसी अन्य समूह ने इतने सतत और व्यापक तरीके से ऐसा नहीं किया है। इसका कम्पनियों पर एक समग्र प्रभाव रहा है क्योंकि यह केवल उनके आर्थिक परिणामों पर ही नजर नहीं रखता बल्कि विभिन्न शेयरधारकों का भी ध्यान रखता है।

टीबीईएम हमारी कम्पनियों को हितधारकों के लिए लंबी अवधि के मूल्य निर्माण करने और बनाए रखने में मदद करता है। हमने पूरे विश्व में 700 से अधिक आंकलन किए हैं। लगभग 4,000 निर्धारक इस कार्यक्रम में सहभागी हुए। इनमें से कई निर्धारक आगे चलकर सीईओ और एमडी बन चुके हैं और अब टीबीईएम गुरू हैं।

टीबीईएम का टाटा कम्पनियों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
टीबीईएम को शुरुआत से ही अपनाने वाली कम्पनियों जैसे टाटा स्टील, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), टाटा केमिकल्स, टाटा मोटर्स और टाटा पावर का प्रभाव सबसे अधिक दिखा है। वर्तमान में टाटा स्टील और टीसीएस 650 से अधिक अंकों (टीबीईएम स्कोर) के दायरे में आते हैं और उन्हें उद्योग में अगुआ माना जाता है। यह समूह के लिए निर्मित उनके ब्रांड मूल्य से प्रतिबिंबित होता है।

550-650 अंकों के स्कोर के दायरे में 14 कम्पनियां हैं, the ‘उभरता नेता’ बस कुछ वर्षों की ’अवधि में वे औद्योगिक नेता के रूप में उभरेंगे। हमारी अन्य ‘अच्छा ’ प्रदर्शन करने वाली श्रेणी में अन्य 26 कम्पनियां हैं। इन कम्पनियों ने मॉडल को ऐसे अपनाया है कि अगले पांच या उतने ही वर्षों में वे औद्योगिक नेता बनकर उभरेंगी।

टीबीईएक्सजी के कार्यकारी अध्यक्ष एस पद्मनाभन समूचे टाटा समूह पर व्यापारिक उत्कृष्टता के प्रभाव के विषय में बताते हैं

व्यापारिक वातावरण में बदलावों के चलते टीबीईएम समय के साथ कैसे विकसित हुआ है?
इसके कई पहलू हैं। प्रथम यह कि टीबीईएम माल्कम बाल्ड्रिज मॉडल से उत्पन्न है, जो बदलते बाजार और आर्थिक स्थितियों के आधार पर विकसित हुआ है। चूंकि हम एक लाइसेंसधारी हैं, ये बदलाव टीबीईएम में प्रतिबिंबित होते हैं।

दूसरा पहलू यह है कि पिछले चार वर्षों के दौरान हमने कुछ मौलिक सुधार किए हैं। टीबीईएम पहल का महत्व अब बोर्ड स्तर पर भी दिखाई देता है। अन्य बदलाव कम्पनी द्वारा सुधार योजना को लागू करने में अपनाए तरीकों में नजर आ जाते हैं। टीबीईएक्सजी अब और गहरे संबंधों का प्रस्ताव देता है जैसे गहराई से संलग्न होना, क्षमताओं का निर्माण करना और विशिष्ट क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करना।

टीबीईएम जैसे गहन और सर्वव्यापक पहल को अपनाने में कम्पनियों को किस तरह चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
टीबीईएम के मूल्यों को शुरुआती चरण में अपनाने में कम्पनियों को शुरू में समय और संसाधनों में निवेश करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें व्यापारिक अनिवार्यता और मजबूत प्रक्रियाओं को स्थापित करने के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई होती है।

कुछ परिपक्व चरण पर पहुंची कम्पनियों के समक्ष बाहरी वातावरण में बदलावों के प्रबंधन जैसी चुनौतियां होती हैं।

और अधिक विकसित कम्पनियां जैसे टीसीएस और टाटा स्टील के लिए स्थिति कुछ भिन्न होती है। इन परिपक्व कम्पनियों के लिए चुनौती होती है प्रक्रिया से मूल्य को प्राप्त करने के मार्ग और तरीकों को खोजना।

व्यापारिक उत्कृष्टता की यात्रा में टीबीईएक्सजी टाटा कम्पनियों के साथ कैसे संलग्न होता है?
टीबीईएम आंकलन किसी सामान्य स्वस्थ्य जांच की तरह काम करता है, जिसकी सभी को आवश्यकता होती है लेकिन हर किसी की विशिष्ट आवश्यकता के अनुरूप ही समाधान को अनुकूल बनाया जाता है। इसका विस्तार व्यापक है — एक ओर हमारे पास विशाल स्थापित कम्पनियां है जैसे कि जैगुआर लैंड रोवर और टाटा स्टील और दूसरी ओर नए उद्यम हैं जैसे टाटा सी एलआइक्यू, टाटा आइक्यू और टाटा डिजिटल हेल्थ। एक आकार एक समाधान का सिद्धांत ’यहां काम नहीं करता।

समूह में आंकलन की क्षमता का विकास करना चुनौतिपूर्ण है?
हमारी चुनौती अधिक से अधिक लोगों को शामिल करना नहीं है। कई लोग इसमें शामिल होना चाहते हैं, वे टीबीईएम आंकलन प्रक्रिया को मिनि-एमबीए की तरह देखते हैं। हमारी चुनौती है हमारे पास उपलब्ध प्रतिभा का उपयोग करना। उससे भी बड़ी चुनौती है टीम लीडर का निर्माण करना। टीम लीडर की कुशलता आंकलन प्रक्रिया की सफलता में बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।

ज्ञान का आदान-प्रदान और प्रबंधन व्यापारिक उत्कृष्टता के लिए किस तरह महत्वपूर्ण हैं?
टाटा कम्पनियों में टाटा समूह का अथाह ज्ञान सन्निहित है और ज्ञान प्रबंधन समूह के लिए एक बड़ा अंतर प्रस्तुत कर सकता है। इस ज्ञान को बांटने के लिए हमने विभिन्न तंत्र निर्मित किए हैं।

टीबीईएक्सजी’s का लक्ष्य है वर्ष 2025 तक टाटा की कम से कम 25 कम्पनियों को औद्योगिक नेतृत्व प्राप्त करने में समर्थ बनाना‘। इस लक्ष्य को प्राप्त करने की राह में कौन-कौन सी चुनौतियां हैं?

हमारी दो कम्पनियां पहले से ही औद्योगिक अगुआ हैं। अन्य 14 कम्पनियां भी ‘उभरती औद्योगिक अगुआ’ बनने की दिशा में हैं, वे अगले कुछ वर्षों में आगे बढ़ेंगी। बाकी कम्पनियों के लिए हम अन्य तरीके तलाश रहे हैं। हमें इस बात का विश्वास है कि वर्ष 2025 तक टाटा की कम से कम 25 कम्पनियों को औद्योगिक नेतृत्व प्राप्त करने में समर्थ बनाने के लक्ष्य को हम हासिल कर लेंगे।

जेआरडी क्यूवी पुरस्कार जीतना
टाटा समूह और व्यापारिक उत्कृष्टता की यात्रा में मील का एक पत्थर है प्रतिष्ठित जेआरडी क्यूवी पुरस्कार जीतना, जिसका नाम पूर्व अध्यक्ष जेआरडी टाटा के नाम पर रखा गया है। टाटा व्यापारिक उत्कृष्टता मॉडल आंकलन में 650 अंक की सीमा को पार करने पर ही कम्पनियों को यह पुरस्कार मिलता है। वर्ष 2014 के पहले कम्पनियां या व्यापारिक इकाइयां 1,000 अंकों में से 600 अंक प्राप्त करने पर यह पुरस्कार प्राप्त करती थीं।

यह सामग्री टाटा समूह की कंपनियों में बिजनेस एक्सीलेंस की संस्कृति के बारे में टाटा रीव्यू के अक्टूबर-दिसंबर 2016 संस्करण की आवरण कथा का एक अंग है:
अवलोकन: लगातार सुधार
पांच टाटा कंपनियां बता रही हैं कि किस प्रकार बिजनेस एक्सीलेंस मूल्य निर्माण और व्यवसाय मॉडल को पुनर्गठित करने में सहायक रहा
टाटा स्टील: परिवर्तन का पथप्रदर्शन
टाटा स्टील में बिजनेस एक्सीलेंस प्रयासों से कंपनी को अनवरत रूप से एक ऐसे उद्योग के रूप में विकसित होने में सहायता मिली है जो विभिन्न मोर्चों पर परिवर्तनकारी प्रवृत्तियों द्वारा अग्रगामी हो रहा है
टाइटन कंपनी: लक्ष्य: हमेशा बेहतर की ओर
बिजनेस एक्सीलेंस ने टाइटन कंपनी को उभरने की शक्ति दी है, और इसका प्रमाण है एक बहुआयामी सफलता प्रकरण के रूप में इसका विकास
रैलिस इंडिया: श्रेष्ठतम बनने के लिए व्यवस्थित होना
रैलिस इंडिया की व्यावसायिक उत्कृष्टता के सफर में प्रक्रिया ही उसका पथप्रदर्शक और रक्षक है, जिसने कंपनी को फर्श से अर्श तक उठने में सहायता की है
टाटा पावर डेल्ही डिस्ट्रिब्यूशन: गुणवत्ता के लिए ऊर्जा की बचत
टाटा पावर डेल्ही डिस्ट्रिब्यूशन ने अपने संगठनात्मक ढांचे का पुनर्गठन करने, चुनौतियों से निबटने और एक असाधारण उद्यम के रूप में निर्मित होने के लिए बिजनेस एक्सीलेंस पर भरोसा किया है।

स्टीली एंड स्टर्डी (फौलादी और मजबूत)
टाटा स्टील प्रॉसेसिंग एंड डिस्ट्रिब्यूशन में बदलाव की प्रक्रिया में बिजनेस एक्सीलेंस एक उत्प्रेरक रहा है, एक उद्यम जो हर बढ़ते कदम के साथ और भी परिपक्व होता गया है