जुलाई 2017

'टाटा समूह 150 सालों से भी अधिक समय से मॉडल रहा है'

एंटरप्राइज में टाटा समूह कैसे इनोवेशन के मोर्चे का अगुवा रहा है यह बताते हुए टाटा सन्स के ग्रुप चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर डॉ. गोपीचंद कत्रागड्डा कहते हैं

हौंगकौंग ने हाल ही में टेक्नोलॉजी समित ‘राइज’ के 2017 संस्करण की मेजबानी की। राइज का निर्माण वेब समिट के पीछे रही टीम द्वारा किया गया है जो छह साल की छोटी अवधि में यूरोप का सबसे बड़ा टेक कॉनफ्रेंस बन गया। पिछले साल इसने दुनिया के 136 देशों से 53,000 प्रतिभागियों को आकर्षित किया। राइज स्वतंत्र सम्मेलनों (कॉनफ्रेंस) का केंद्र है जहां प्रत्येक सम्मेलन का अपना स्टेज, शेड्यूल, प्रदर्शनी स्थल, वर्कशॉल, नेटवर्किंग कार्यक्रम आदि होते हैं।

टेक्नोलॉजी समिट राइज 2017 में टाटा समूह कैसे इनोवेशन के मोर्चे का अग्रणी रहा है यह बताते हुए टाटा सन्स के ग्रुप चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर डॉ. गोपीचंद कत्रागड्डा

टाटा संस के ग्रुप चीफ टेक्नॉलॉजी ऑफिसर डॉ. गोपीचंद कत्रागड्डा राइज 2017, जहां दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों के वक्ता जुटे, के सम्मानित वक्ताओं में से एक थे। 

डॉ कत्रागड्डा ने इस विषय पर व्याख्यान दिया ‘एंटरप्राइज में नवप्रवर्तन (इनोवेशन) को आप किस रूप में परिभाषित करते हैं: एक सीटीओ संदर्भ’। अपने व्याख्यान के क्रम में उन्होंने कहा, ‘150 सालों से टाटा समूह पायनियरिंग का मॉडल रहा है। समूह के आय का 66 प्रतिशत वापस समाज को लौटाया जाता है। व्यवसायी, निर्माता, आईटी सेवा के प्रमुख हस्ताक्षर के रूप में टाटा समूह अग्रणी रहा है, और अब यह अग्रणी इनोवेटर (नवोन्मेषक) बनने की ओर अग्रसर है।’

डॉ कत्रागड्डा ने आगे कहा कि समूह को डिजिटल क्षेत्र, वाहन उद्योग, कंज्यूमर प्रॉडक्ट, विनिर्माण, तकनीक, रक्षा, ऊर्जा अवसंरचना, संचार तथा अन्य क्षेत्रों में अपना पुनर्गठन करना पड़ा, क्योंकि इसे बदलते समय के साथ बदलना था।

डॉ कत्रागड्डा ने इस अवसर का उपयोग इस तथ्य को रेखांकित करने में किया कि समूह द्वारा अपने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, बढ़ती जनसंख्या के लिए आहार जुटाने, धरती के स्वास्थ्य को बचाने और भविष्य के लिए सामग्री के अनुसंधान करने के लिए अनुकरणीय कार्य किए हैं।