मार्च 2016 | प्रियंका होसंगड़ी

कप से छलकती रचनात्मकता

पेय उद्योग की सबसे सराहनीय कंपनी बनने की इच्छा के साथ, टाटा ग्लोबल बेवरीजेज ने अभिनव प्रकार के पेयों की एक पूरी श्रृंखला पेश की है

बेवरीजेज व्यवसाय दिनों दिन जटिल हो गया है। एक ओर जहां इस क्षेत्र में नए-नए प्रकार और प्रारूप विकसित होते रहे हैं ‘स्वास्थ्य पेय के एक विशिष्ट उदाहरण के रूप में’ बदलते स्वाद और रुचि के अनुरूप उत्पाद उपलब्ध कराना टाटा ग्लोबल बेवरीजेज (टीजीबी) जैसी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती होती है।

टीजीबी उत्पादों की लगभग 250 मिलियन सर्विंग्स दुनिया भर में रोजाना उपभोग की जाती है

इस चुनौती से निबटने में कंपनी अच्छी तरह सक्षम है जिसके लिए प्रॉडक्ट इनोवेश्न और विकास की इसकी विरासत का धन्यवाद। जनवरी 2015 में, कंपनी के अग्रणी चाय ब्रांड टेटली ने ब्रिटेन में चार ‘सुपर ग्रीन चाय’ पेशे किए। प्रमाणित स्वास्थ्यवर्धक गुणों के लिए ज्ञात अतिरिक्त विटामिन के साथ ये ब्रांड के लोकप्रिय उत्पाद थे।

‘नई श्रृंखला बाजार में अच्छा कर रही है और नए ग्राहकों को लुभा रही है’, टीजीबी के ग्लोबल चीफ मार्केटिंग ऑफिसर कहते हैं। ‘इससे टेटली का फ्रेंचाइज ब्रिटेन में ग्रीन टी सेग्मेंट में नंबर 2 की स्थिति पर आ गया है’। अपने सुपर ग्रीन टी की सफलता से उत्साहित होकर कंपनी ने टेटली सुपर फ्रूट्स पेश किया है, जो विटामिन युक्त फलों और जड़ी-बूटियों से बने उत्पाद हैं।

हर किसी के लिए चाय
चाय प्रेमियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता कंपनी के लिए व्यवसाय के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ‘चाय को इसके स्वास्थ्य सकारात्मकता का फायदा मिला है खासकर ग्रीन टी और फल आधारित तथा हर्बल चाय के लिए। कुदरती पेय के लिए ग्लोबल बेवरीजेज का एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी होने के नाते टीजीबी का ध्यान हमारे उत्पादों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले समग्र स्वास्थ्य फायदों पर केन्द्रित है।’

सुपर ग्रीन टी और सुपर फ्रूट्स टीजीबी के ओर से नवीनतम प्रस्तुति है। अन्य इस प्रकार है: कनाडा में टेटली सिग्नेचर कलेक्शन, भारत में टाटा टी फ्यूजन और एक्टी ग्रीन, महाराष्ट्र में टाटा टी गोल्ड मिक्सचर और टी ग्लूको प्लस (एक किफायती अ-कार्बनीकृत एनर्जी ड्रिंक) जैसे क्षेत्रीय उत्पाद ऐसे हैं जिन्होंने कंपनी को उसकी ग्राहक-केन्द्रित विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद की है।

टीजीबी अभी हाल में टाटा कॉफी ग्रांड के साथ भारत के ब्रांडेड कॉफी सेग्मेंट में कदम रखा है। इसकी अनुषंगी कंपनी टाटा कॉफी की सहभागिता में विकसित यह पेय एग्लोमिरेटेड और फ्रीज-ड्रायड कॉफी का मिश्रण है। भारतीय बाजार के लिए यह एक नया उत्पाद है जो नीले रंग की अनोखे पैक में आता है और इसका विकास भारतीय रुचि को ध्यान में रखकर किया गया है।

कुछ नया करने की टीजीबी की संस्कृति बहुत गहरी है। अनोखे टीबैग स्वरूप से लेकर ग्राहकों से जुड़ने के विशिष्ट तरीकों तक, कंपनी की अभिनवता इसे इसके प्रतिस्पर्धियों से अलग खड़ा करता है। चाय, कॉफी और पानी जैसे कुदरती पेयों के लिए दुनिया के सबसे पसंदीदा एंटरप्राइज बनने के टीजीबी के अपने लक्ष्य में भी अभिनवता (नवप्रवर्तन) की बड़ी भूमिका है।

सही मिश्रण
कंपनी को आगे का मार्ग प्रशस्त करने के लिए अपने प्रयासों और रणनीति को पुनर्संयोजित करना पड़ा। ‘संवृद्धि के लिए हमने अपनी महत्वाकांक्षा के स्तर को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है और इसके लिए हमने एक सुस्पष्ट रणनीति निर्धारित की है।

ग्लोबल मार्केटिंग टीम ने, जिनके पास दुनिया के विभिन्न हिस्सों में व्यवसाय के अवसर तलाशने का जिम्मा है, टीजीबी के विक्रय प्रयासों में सुधार लाने हेतु गठित की गई है। इस मुहिम में भी नवप्रवर्तन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ‘हम इस दिशा में सोच रहे हैं कि किस प्रकार ऐसी प्रकिया बनाई जाए जिससे बड़ी उपलब्धि हासिल हो और नवप्रवर्तन की प्रक्रिया तेज हो। बड़ी उपलब्धि का अर्थ है अधिक ग्लोबल इनोवेशन और तेज का अर्थ है बाजार में तेजी से पहुंचना

यदि अधिक लॉन्च किए जाने वाले उत्पादों की बढ़ती संख्या एक संकेतक है तो यह स्पष्ट है कि टीजीबी की स्थिति मजबूत है। कंपनी ने इस साल भारत में तीन महत्वपूर्ण लॉन्च किए हैं। महाराष्ट्र में टाटा टी गोल्ड मिक्सचर, टाटा टी फ्यूजन और टाटा कॉफी ग्रांड’ और यह इसके द्वारा हासिल पिछले पांच साल की उपलब्धि से अधिक है।

श्री आनंद और उनकी टीम जानते हैं कि उनकी प्राथमिकताएं क्या हैं। ‘हमने अपने सर्वोच्च बाजार और ब्रांड निर्धारित कर लिए हैं जिनपर हम ध्यान देना चाहते हैं, साथ ही हमारे पोर्टफोलियो में विभिन्न ब्रांडों की भूमिका भी’, वह कहते हैं। ‘हम खुद को विकास उन्मुख साधनों और प्रारूपों से लैस कर रहे हैं।’

भारत में टीजीबी का ध्यान महाराष्ट्र में अपनी स्थिति मजबूत करने पर है, जो कि देश का एक सबसे बड़ा चाय बाजार है। ग्रामीण बाजारों का महत्व टीजीबी के राडार पर हमेशा महत्वपूर्ण रहा है, जिसे हम गांव चलो अभियान के जरिए आगे बढ़ा रहे हैं, जो एक ग्रामीण वितरण कार्यक्रम है जिससे कंपनी को अंतिम मील तक प्रभावी ढंग से चलने की सक्षमता प्राप्त होती है।

सफलता का मिश्रण
बाजार में इतने सारे ब्रांडों के बावजूद टीजीबी के उत्पाद प्रतियोगिता में कैसे टिक पाते हैं? ब्रांड की संस्थापना महत्वपूर्ण होती है, श्री अहमद कहते हैं। ‘ब्रांड की पहचान’ अपने मूल्यों और व्यक्तित्व के साथ’ वह विभेदक कारक है जो विज्ञापन, पैकेजिंग और कीमत निर्धारण की रणनीति को तय करता है।’

ग्राहक जानते हैं कि टाटा टी अपनी श्रेष्ठ गुणवत्ता और मूल्य के कारण भारत का सबसे बड़ा पैकेज्ड टी ब्रांड है। यह ब्रांड सामाजिक सरोकारों से अपने जुड़ाव के कारण भी सबसे अलग है, उदाहरण के लिए ‘जागो रे’ एक सफल सामाजिक विपणन मंच बना जिसका लक्ष्य भारत के युवा वर्ग रहे। ब्रांड को मजबूत करने का एक अन्य उदाहरण है टेटली का दुबारा लॉन्च होना। ब्रांड का लोगो और उसका स्थान बदल दिया गया है। ‘टेटली संपर्क जोड़ता है, यह आपके रोज-रोज के जीवन में मुकुराहट के पल लाता है’, श्री अहमद कहते हैं।

मार्केटिंग और विज्ञापन के इस महत्वपूर्ण मिश्रण ने कंपनी के लिए एक विशिष्टता की दुनिया रची है। ‘दुनिया के विशालतम चाय बाजारों में एक भारत में टाटा टी का बाजार में सर्वाधिक हिस्सेदारी है, घरों तक इसकी सर्वाधिक पहुंच है, यह जागरुकता लाने में अव्वल है और इसका वितरण भी सबसे व्यापक है, श्री अहमद कहते हैं। ‘इससे यह स्पष्ट होता है कि विज्ञापन और विपणन की हमारी रणनीति कारगर है।’ गौरवशाली इतिहास, प्रमाणित व्यवसाय मॉडल और प्रदर्शित नवप्रवर्तन की क्षमता के साथ टीजीबी का भविष्य उज्ज्वल है।

टीजीबी पर एक नजर

  • कंपनी के सुप्रसिद्ध ब्रांड में शामिल हैं टेटली, टाटा टी, ऐट ओ’क्लॉक कॉफी, गुड अर्थ टी और हिमालयन वाटर।
  • यह भारत की अग्रणी और दुनिया की नंबर 2 चाय कंपनी है।
  • दुनिया भर में टीजीबी के 250 मिलियन कप का रोजना उपभोग किए जाते हैं।
  • कंपनी की बिक्री का बासठ प्रतिशत आय भारत के बाहर के बाजारों से पैदा होती है।
  • टिकाऊपन या धारणीयता पर टीजीबी का मजबूत बल होता है और यह एक नैतिक मूल्यों वाली आपूर्ति श्रृंखला है जो अपने व्यवसाय का विकास उचित रीति से करता है।