नवम्बर 2017

'टाटा फुटबॉल अकैडमी भारतीय फुटबॉल की पोषण भूमि है'

स्पोर्ट्स, खासकर फुटबॉल के साथ टाटा स्टील का पुराना रिश्ता है। उदीयमान फुटबॉल खिलाड़ियों के वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण हेतु कंपनी ने 1987 में जमशेदपुर में टाटा फुटबॉल अकैडमी (TFA) की स्थापना की। TFA ने अपने 30-साल के इतिहास में 200 फुटबॉल चैंपियनों के विकास में योगदान दिया है; 135 खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है जबकि विभिन्न आयु वर्गों के 19 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय टीम की कप्तानी की। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए टाटा स्टील ने हाल ही में इंडियन सुपर लीग की जमशेदपुर फ्रेंचाइजी के लिए बोली हासिल की और जून 2017 में जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (FC) की स्थापना की। क्लब ISL 2017 में पदार्पण करने को तैयार है।

जमशेदपुर FC के सीईओ मुकुल विनायक चौधरी, भारतीय फुटबॉल के लिए TFA के योगदानों तथा ISL 2017 के लिए जमशेदपुर FC के चयन और प्रशिक्षण के पीछे की रणनीति के बारे में tata.com को बताया।

कैसे जमशेदपुर FC इंडियन सुपर लीग (ISL) में अपने पहले सीजन की तैयारी कर रहा है?
टीम अच्छे स्वरूप में हैं और कुल मिलाकर संतुलित है। बहुत ही मजबूत कोर ग्रुप तैयार करने के लिए ISL ड्राफ्ट में हमने कुछ बेहतरीन उपलब्ध भारतीय प्रतिभाओं को लिया है। तब से, हमने कुछ अनुभवी विदेशी खिलाड़ियों को साइन किए हैं, जैसे- समीग डॉटी, केर्वेंस बेल्फोर्ड, मेमो और तीरी। ये सभी खिलाड़ी ISL में खेलने के अनुभवों से लैस हैं और हमारा विश्वास है कि वे बेहतरीन माहौल का निर्माण करेंगे और अपने भारतीय समकक्षों के साथ भरपूर मूल्य वर्धन करेंगे।

  • टॉप प्रीमियर लीग क्लबों को प्रशिक्षित करने में माहिर मैनचेस्टर युनाइटेड लीजेंड लस्टीव कोप्पेल को प्रधान कोच नियुक्त किया गया है
  • टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट सर्विसेस तथा टाटा फुटबॉल अकैडमी के अध्यक्ष सुनील भास्करण स्टीव कोप्पेल तथा अन्य के साथ जमशेदपुर FC लोगो का अनावरण करते हुए
  • ट्रिनडेड कॉनकेव्स (Trindade Goncalves) जैसे अनुभवी विदेशी खिलाड़ी भी जमशेदपुर FC के XI खेलने में सहभागी हैं
  • इंडियन सॉकर लीग के लगभग एक तिहाई खिलाड़ी पूर्व-टाटा फुटबॉल अकैडमी कैडेट रहे हैं

क्या आप मुंबई ISL ड्राफ्ट में अपने टॉप पिक्स (श्रेष्ठ चयन) के बारे में तथा इस बारे में कि कैसे वे टीम का मूल्य वर्धन करेंगे, इस बारे में कुछ बता सकते हैं?
सभी पोजिशनों पर खिलाड़ियों के चयन के रणनीति पर टेक्निकल टीम ने भरपूर होमवर्क किए। हमने युवा खिलाड़ियों और अनुभवी खिलाड़ियों के बेहतरीन संयोजन के जरिए वांछित पिक हासिल किए।

हमने एक्स-TFA कैडेट तथा अर्जुन अवार्ड से सम्मानित सुब्रत पॉल को लिया जिन्होंने पिछले दशक में लगातार भारत का प्रतिनिधित्व किया है। एक अन्य अनिवार्य चयन था इंडियन फुटबॉलर ऑफ द ईयर 2016, अनास एडाथोडिका। हमने तीन मौजूदा इंडियन इंटरनेशनल खिलाड़ियों बिकास जैरू, सुमीत पासी और जेरी माविह्मिंगथांग को भी शामिल किया। हमारे अन्य चयन अनुभवी मिडफील्ड धुरंधर महताब हुसैन तथा असीम विश्वास वांछित अनुभव लेकर आए जबकि सिद्धार्थ सिंह, सौविक चक्रवर्ती और फारुख चौधरी ने युवा खिलाड़ियों के रूप में स्क्वैड में संतुलन के तत्व जोड़े।

कुल मिलाकर, ड्राफ्ट हमारी योजना के मुताबिक रहा और हम प्री-सीजन के दौरान कठिन मिहनत करेंगे और आगे आने वाले कठिन ISL के लिए तैयार होंगे।

जमशेदपुर FC के लिए पूर्व मैनचेस्टर युनाइटेड स्टार स्टीव कोप्पेल की मौजूदगी की क्या भूमिका है?
मैनचेस्टर युनाइटेड लीजेंड स्टीव कोप्पेल का खिलाड़ी और कोच के रूप में बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। क्रिस्टल पैलेस, मैनचेस्टर सिटी और रीडिंग जैसे टॉप प्रीमियर लीग के साथ पिछले दो दशकों में उन्होंने हेड कोच के रूप में सफलतापूर्वक काम किए हैं।

केरला ब्लास्टर्स के साथ ISL 2016 में मैनेजर के रूप में अपने पहले सीजन में उन्होंने उन्हें सफलतापूर्वक फाइनल तक पहुंचाया। पेशेवर फुटबॉल में उनका गहन तकनीकी ज्ञान, विशाल अनुभव और पिछले प्रदर्शनों ने प्रथम टीम कोच के रूप में उन्हें एक सरल विकल्प बना दिया।

स्टीव कोप्पेल की महत्ता और टाटा समूह के सिद्धांत और दर्शन के बीच सामंजस्य के साथ हम फील्ड में प्रदर्शन करेंगे।

जमशेदपुर का समृद्ध फुटबॉल इतिहास रहा है। क्या आप हमें बीते वर्षों में स्पोर्ट्स और फुटबॉल के साथ टाटा स्टील के जुड़ाव की यात्रा के बारे में बताएंगे?
टाटा कई दशकों से स्पोर्ट्स और खासकर फुटबॉल के साथ जुड़े रहे हैं। इस खूबसूरत खेल के साथ हमारा जुड़ाव 80 की दशक के शुरुआती दिनों से है जब हमने साओ पाओलो (ब्राजील), बोचम (जर्मनी) और PSV ऐन्धोवेन (नीदरलैंड) के टॉप इंटरनेशनल फुटबॉल क्लबों के सहभागिता में सुपर सॉकर सिरीज का प्रायोजन किया था। टाटा फुटबॉल अकैडमी की शुरुआत 1987 में हुई थी और यह भारतीय फुटबॉल की पोषण भूमि रही है, जिसके 137 खिलाड़ियों ने विभिन्न स्तरों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है जिसमें से 19 खिलाड़ियों ने टीम की कप्तानी भी की। TFA भारतीय फुटबॉल का फीडर रहा है और यह आगे भी अपनी इस भूमिका का निर्वाह करना जारी रखेगा।

TFA के बहुत सारे कैडेट्स राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं और कई सारे खिलाड़ी ISL में खेल रहे हैं। क्या आप सफलता की कुछ महत्वपूर्ण कहानियां साझा करेंगे?
हम यह देखकर बहुत खुश हैं कि ISL के एक तिहाई खिलाड़ी पूर्व-TFA कैडेट्स हैं। हमारे गोलकीपर सुब्रत पॉल स्वयं TFA कैडेट रहे हैं और उन्होंने कई वर्षों तक उच्चतम स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। जैसा कि पहले बताया गया, TFA ने 137 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं, उनमें से कुछ के नाम हैं- रेनेडी सिंह, क्लिफोर्ड मिरांडा, सैयद रहीम नबी, राइनो एंटो, रॉबिन सिंह, उदंत सिंह, नारायण दास, प्रणय हाल्दार, आल्विन जॉर्ज, हरमनजोत सिंह खाबरा, दीपक मंडल आदि। इनमें से कई खिलाड़ी अभी नेशनल टीम के लिए खेल रहे हैं और ISL, I-लीग, फेडरेशन कप, IFA शील्ड आदि प्रमुख राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में जीत हासिल की है। हाल ही में, आल्विन जॉर्ज और उदंत सिंह ने AFC Cup 2016 फाइनल्स खेले हैं।

TFA में प्रतिभा को पहचानने और उसे तैयार करने की प्रक्रिया में क्या खास है जो विश्व-स्तरीय खिलाड़ियों का निर्माण करता है?
TFA में हम देश भर में स्काउट करते हैं और विशुद्ध प्रतिभा के आधार पर चयन करते हैं। हम अपने सुयोग्य कोचों के पैनल के जरिए स्क्रीनिंग के अनेक राउंड का आयोजन करते हैं जो हमारे पूर्व-निर्धारित शारीरिक और तकनीकी मानकों के आधार पर खिलाड़ियों की तलाश करते हैं। अगले चार वर्षों में, हम कैडेट्स को उनके ग्रेजुएट होने के समय तक टॉप फुटबॉल पेशेवर खिलाड़ी बनाने के लिए उनके पोषण और फिटनेस पर बल देते हुए उन्हें फुटबॉल खेल की समग्र ट्रेनिंग देते हैं। इसके अलावा, हम उनकी शिक्षा और समग्र व्यक्तित्व विकास पर विशेष बल देते हैं।

एक फुटबॉल अकैडमी से आगे खुद की ISL टीम की स्थिति तक आने की यात्रा में टाटा स्टील खेल के हर स्तर से जुड़े रहे हैं। भविष्य के लिए क्या योजनाएं हैं?
दीर्घकालीन लक्ष्य है जनजातीय समुदायों के साथ जुड़ना और ऐसे स्थानीय खिलाड़ियों को तैयार करना को क्लब और देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। जमशेदपुर FC के साथ, हम ग्रासरूट फुटबॉल, यूथ फुटबॉल, वूमन फुटबॉल, एज ग्रुप टूर्नामेंट, लोकल लीग, कोच प्रशिक्षण, रेफ्री प्रशिक्षण, अवसंरचना विकास तथा प्रशासन, प्रबंधन और परिचालन में सर्वोत्तम कार्यव्यवहारों के क्रियान्वयन के साथ समग्र फुटबॉल ईको-सिस्टम को सुधारने को इच्छुक हैं। अंतिम रूप से, जमशेदपुर और झारखंड के लोग ISL से लाभान्वित होंगे।