दिसम्बर 2016 | संगीता मेनन

'स्टारबक्स भारत में न होता अगर यह टाटा के साथ न होता'

हम मिले सुमित्रो घोष से मुंबई के टोनी बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित व्यस्त स्टारबक्स आउटलेट पर, और बातचीत की शुरुआत ‘यहां कोई सरप्राइज नहीं’ कॉफी के साथ शुरू हुई! चूंकि शहर के वित्तीय केंद्र में मौजूद ऑफिसों के व्यस्त अधिकारीगण अपने प्रिय पेय पर बैठकर सौदे और समयसीमाएं तय करते हैं, इसलिए टाटा स्टारबक्स, स्टारबक्स और टाटा ग्लोबल बीवरेजेज (टीजीबीएल) के बीच 50-50 का एक संयुक्त उद्यम, के मुख्य कार्यकारी, हमारे साथ आउटलेट के कोने में छिपे एक छोटे से प्रशिक्षण कक्ष में कॉफी का स्वाद लेने की परंपरा निभाते हुए बैठते हैं।

श्री घोष ने हमें अपने तालु साफ कर लेने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि हम इंडियन एस्टेट ब्लेंड का वास्तविक स्वाद ले पाएं, जिसे पूर्णता के लिए टाटा कॉफी के कूर्ग बगानों में उगाया और तैयार किया जाता है। “यह अकेला ऐसा देश है जहां स्टारबक्स स्थानीय रूप से कॉफी उगाते और तैयार करते हैं”, वे कहते हैं जब वे तीन छोटे कपों में कॉफी ढालते हैं और हमसे कहते हैं कि पहले कॉफी की सुगंध लें (स्वाद में मौजूद सुगंध) और तब इसकी चुस्की लें ताकि ‘यह आपके पूरे तालु और मुख में फैल जाए।’

“हम अपनी हर बैठक की शुरुआत कॉफी के स्वाद से करते हैं, क्योंकि यह सब कुछ कॉफी से जुड़ा हुआ, और लोगों को एक कप के आस्वादन की बारीकियों के बारे में बताने से संबंधित है”, श्री घोष कहते हैं, जिन्हें यूनाइटेड स्टेट्स में स्टारबक्स के साथ आठ वर्षों की सेवा के बाद जनवरी 2016 में टाटा स्टारबक्स के प्रमुख के रूप में लाया गया है। कॉफी का आस्वादन हो गया, वे बात करते हैं संगीता मेनन से, दुनिया के सबसे ज्यादा लोकप्रिय कॉफी चेन के भारत में अनुभव कितने और कैसे रहे हैं और यह एक चाय पीनेवाले देश के तालु पर कब्जा करने के लिए क्या योजना बना रहे हैं।

आपने तकरीबन आठ वर्ष स्टारबक्स के साथ अमेरिका में गुजारे हैं, और अब दस माह से भारतीय संयुक्त उद्यम के प्रमुख हैं। अब तक आपके कैसे अनुभव रहे हैं?
मैं स्टारबक्स से इनकी संस्कृति और अलग तरीके से अपने लोगों से व्यवहार करने की वजह से जुड़ा था, जो उन सब से बिल्कुल अलग था जो मैंने अमेरिका में अनुभव किया था। मैंने 2008 की मंदी के तुरंत बाद ही कंपनी में योगदान किया था, और यह शायद स्टारबक्स के इतिहास का सबसे बुरा समय था, जब हमें दो वर्षों में लगभग 900 स्टोर बंद करने पड़े थे। हालांकि, इस बिंदु के बाद, हमने व्यवसाय में एक व्यापक सुधार भी देखा। शेयर के दाम सबसे कम 6 डॉलर से सुधरे, और मंदी के दौरान बस 12000 स्टोरों के बाद, अब दुनियाभर में हमारे लगभग 25,000 स्टोर हैं।

गत वर्ष किसी समय, कंपनी ने मेरे सामने कुछ नए अवसर रखे, जिनमें सबसे रोमांचक अवसर भारतीय उद्यम की अगुवाई करने का था। मैं यहां जनवरी 2016 में आया और मुझे कहना चाहिए कि यह अबतक एक बेहतरीन सफर रहा है। हमारे पास टाटा और स्टारबक्स के जैसा एक अनूठा गठबंधन है। स्टारबक्स का ध्येय वाक्य है, ‘प्रकृति और मानवीय भावना की प्रेरणा, एक व्यक्ति, एक कप, एक समय पर एक भाईचारा।’ मैंने ऐसी कंपनियों के साथ काम किया है जिनके ध्येय वाक्य और सिद्धांत शानदार होते हैं, लेकिन जब कठिन समय आता है तो आप देखते हैं कि सिद्धांत एक तरफ रख दिए जाते हैं और सारा जोर धन कमाने पर लग जाता है। मैं स्टारबक्स जैसी किसी और कंपनी को नहीं जानता जिसे अपने लोगों और उस समाज की इतनी अधिक फिक्र है, जिसके लिए ये काम करते हैं, और किस तरह ये अच्छे और बुरे समय में एक दूसरे के साथ व्यवहार करते हैं। और टाटा के बारे में मैंने जितना सीखा और पाया है वह उन सिद्धांतों के बिल्कुल समरूप है जिनपर स्टारबक्स निर्भर करता है।

मैं अक्सर कहा करता हूं कि स्टारबक्स भारत में इतनी देर से क्यों आया। “ऐसा नहीं है कि स्टारबक्स ने इससे पहले इसके बारे में नहीं सोचा था, पर स्पष्ट कहें तो, उन्हें अपने समान विचारों वाला भागीदार नहीं मिला। जब आप किसी बाजार में घुसते हैं तो सबसे बड़ा फैसला जो आप करते हैं, वह एक सही भागीदार तलाशना है। टाटा में यह सारी बातें मौजूद हैं। मैं कहूंगा कि स्टारबक्स भारत में नहीं आता अगर यहां इसे टाटा का साथ न मिलता।

भारत में टाटा स्टारबक्स जैसे कॉफीहाउस की काफी ज्यादा संभावनाएं मौजूद हैं, लेकिन इस देश में अपनी राह बना रहे किसी भी उद्यम के सामने हमेशा उसकी अपनी चुनौतियां मौजूद होती ही हैं। आप इस बाजार की मांगों के सथ कैसे निबट रहे हैं?
भारत नई चीजों को पसंद करता है, लेकिन यहां नए होने का एक समय होता है। भारत में किसी भी ब्रांड के लिए यह एक चुनौती है कि वह ग्राहक को आश्वस्त करे कि यहां उसे रुकना है, कि यह उसके लिए आज और हमेशा के लिए भी उपयुक्त है। अगर आप भारत में हमारी साढ़े-तीन साल की प्रगति देखें, तो हम यह साबित कर रहे हैं कि स्टारबक्स और टाटा यहां एक लंबी पारी खेलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अभी हम यहां छः शहरों में मौजूद हैं, और अगले चरण में और शहरों में विस्तार के इच्छुक हैं। हालांकि हम उन शहरों में भी अपना विस्तार करना जारी रखेंगे जहां हम पहले से मौजूद हैं- मुंबई तथा दिल्ली में हमारे ज्यादातर स्टोर हैं- हम नए शहरों और वैकल्पिक प्रकारों की तलाश भी कर रहे हैं, जैसे बिजनेस सेंटरों पर छोटे स्टोर खोलना। हम नए अवसर तलाशने के लिए बाजार से संपर्क के क्रम में वास्तविक रूप से लचीला रुख अपने का प्रयास कर रहे हैं। हम इस वित्तीय वर्ष तथा भविष्य में भी बड़े कीर्तिमान कायम करने की आशा रखते हैं।

स्टारबक्स रिजर्व रोस्टरी में कर्मी

हम आबादी का अध्ययन कर रहे हैं और ऐसे शहर तलाश रहे हैं जहां अपनी उपस्थिति का विस्तार कर सकें। हम यह तलाश करने में काफी आकलन करते हैं कि हमारा लक्षित जनसंख्या वर्ग कौन सा और कहां मौजूद है। लेकिन ग्राहकों की तलाश करना इस बाजार में हमारी चुनौती नहीं है, वास्तविक चुनौती सही अवसंरचना और सही स्थल की तलाश करना है। अमेरिका में एक स्टोर शुरू करने में छः-नौ माह का समय लग सकता है और हमें सामान्यतः औसतन 1.5 अवसरों में एक सही स्थान मिल ही जाता है; भारत में इसी काम में 12-18 महीनों का समय लगता है और सही स्थान की तलाश के लिए चार से पांच स्थान देखने होते हैं।

लोग अक्सर चीन में हमारे विकास के साथ यहां की तुलना करते हैं और हमसे पूछते हैं कि हमारे पास यहां 500 स्टोर क्यों नहीं हो पाए हैं। मुझे यह कहना पड़ता है कि चीन एक 15 साल पुराना व्यवसाय है। भारत स्टारबक्स के इतिहास में एक सर्वाधिक तेजी से विकासशील बाजार है। यह विश्व में हमारा एक सबसे अधिक प्राथमिकता वाला बाजार है।

टाटा स्टारबक्स द्वारा प्रारंभ की गई कॉफीहाउस संस्कृति- जो आधारित है- रोमांस, प्रेरणा तथा थियेटर के दर्शनों पर- विशिष्ट रही है। इस संस्कृति को किस प्रकार भारतीय रुझानों के अनुकूल बनाया जा रहा है, खासतौर पर युवा और ट्रेंडी पीढ़ी के लिए?
जब मैं यहां आया, मैंने एक बाजार देखा जो बहुत तेजी से विकास कर रहा है। शुरू में, हमने जो गति रखी वह शुरुआती चरण के लिए उपयुक्त थी। हमने इसे बढ़ाना जारी रखा जब हमने बाजार का अध्ययन कर इसकी समझ हासिल कर ली। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए मैं अब जो अवसर देखता हूं, वह यह सुनिश्चित करना है कि हमारे स्टोर एक निश्चित मानक स्तर पर कार्य करें, अगर हम और ज्यादा लाभदायक आउटलेट बढ़ाते हैं तब भी। अगर हम आगे बढ़ते हैं तो हमें लगातार नए प्रयोग करते रहने होंगे।

हमने बीते वक्त में विभिन्न बाजारों से यह सीखा है कि हमें स्थानीय स्वाद को समझना होगा और अपने उत्पादों को उनके लिए थोड़ा अनुकूलित करना होगा। अगर आप इस बाजार में हमारी भोजन तालिका देखें, तो हमने थोड़ा सा भारतीयकरण किया है; आप अमेरिका या अन्य किसी भी एशियाई बाजार में अल्फांसो फ्राप्पूचीनो नहीं पा सकते। दूसरी ओर, स्टारबक्स जेली ड्रिंक, जो अन्य एशियाई बाजारों में काफी ज्यादा लोकप्रिय हैं, हमारे भारतीय ग्राहकों के लिए किसी काम के नहीं हैं। दिलचस्प रूप से, भारत में यह चुनौती है कि कुछ ग्राहकों को पश्चिमी ब्रांड चाहिए होता है जबकि औरों को भारतीय स्वाद भाता है। हमें दोनों तरह के लोगों का खयाल रखना पड़ता है।

स्टारबक्स की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि हम बेहद नवाचारी हैं और हम कई सारे प्रस्ताव लाते हैं; उनमें से कुछ काम करते हैं और कुछ नहीं। यह कंपनी उद्यमिता और नवाचार के आधार पर निर्मित है।

अधिक कार्यव्यस्तता और कर्मचारियों के कम उपयोग के लिए विख्यात ऐसे उद्योग में, टाटा स्टारबक्स ने अपने कर्मचारियों के लिए कुछ आकर्षक लाभों की घोषणा की है। आपने ऐसा करने की जरूरत क्यों महसूस की?
हमने अभी 1,300 से ज्यादा कर्मचारी लगाए हुए हैं- हम उन्हें पार्टनर कहते हैं- हमारे 84 स्टोरों में, और उनके साथ अतिरिक्त सहायक कर्मी भी हैं। हम खुशदिल, मेहनती और सकारात्मक लोगों को काम पर रखते हैं जो ग्राहकों के साथ संपर्क करने के लिए तत्पर हों और तब हम उन्हें सिखाते हैं ताकि वे उत्पाद के बारे में अच्छी तरह समझ लें। हमारे पार्टनरों की एक प्रतिबद्ध और जोशीली टोली है, जो दुनिया के सबसे बेहतरीन पार्टनरों के समान या उनसे भी बेहतर हैं। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे हमारे साथ काम करना पसंद करें। यही वजह है कि हमने अपने पार्टनरों के लिए, उनके वेतन में बिना किसी बदलाव के, पांच दिनों का कार्य सप्ताह लागू किया है। हमने पार्ट-टाइम तथा फ्लैक्सी टाइम के विकल्प भी प्रस्तावित किए हैं, ताकि महिला कर्मचारियों के लिए टाटा स्टारबक्स में काम करने का प्रस्ताव आकर्षक हो सके, और इससे विविधता लाने के हमारे उद्देश्य की भी पूर्ति होती है।

टाटा इस बारे में काफी सावधान है कि यह कैसे अपने कर्मचारियों का चुनाव करता है, जिन्हें यहां पार्टनर कहा जाता है

हम अपने कर्मचारियों के लिए सीखने के अवसर पैदा करते हैं। भारत में हमारे परिचालन प्रमुख ने वहां कार्य प्रबंधन की बारीकियों को समझने के लिए हाल ही में अमेरिका में पांच माह बिताए हैं। हम 10-11 पार्टनरों के समूह को कूर्ग के कॉफी बगानों को समझने के लिए ले जाते हैं, जबकि पार्टनरों के अन्य समूहों को सुमात्रा भेजा जाता है जहां वे उस बाजार में कॉफी संस्कृति को समझ सकें जहां से हम काफी मात्रा में कॉफी मंगवाते हैं।

हमने काम करने के लिए एक शानदार जगह बनाई है और हमारे यहां काम छोड़ने की दर अब भी काफी कम है। हम अपने पार्टनरों को महत्व देते हैं और उनके साथ सम्मान तथा गरिमापूर्ण व्यवहार करते हैं। हमारे स्टोर का चमत्कार मुख्य रूप से दो तथ्यों पर आधारित है: पहला, हमारे पास बेमिसाल किस्म की कॉफी, चकित कर देनेवाले पेय और खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें आप कहीं और नहीं पा सकते; दूसरा- और यह तो सच में एक चमत्कार है- हमारे पार्टनर अपने यहां आनेवाले ग्राहकों के साथ जो खास रिश्ता बना लेते हैं। यही वजह है कि हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे लोग हमारे साथ काम करना पसंद करें।

टाटा स्टारबक्स, टाटा समूह के कौशल विकास कार्यक्रम टाटा स्ट्राइव के साथ सहभागिता कर रहा है। इसमें क्या शामिल है?
यह एक शानदार प्रयास है और हमें गर्व है कि हम इसमें भाग ले रहे हैं। टाटा स्ट्राइव ने टाटा और स्टारबक्स दोनों के सामने कई प्राथमिकताएं रखी हैं। इसके एक भागीदार के रूप में, हम एक त्वरित-सेवा रेस्तरां’ प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाने में सहायता करने के लिए अपनी क्षमताओं का उपयोग कर रहे हैं। हमने मुंबई और हैदराबाद स्थित टाटा स्ट्राइव प्रशिक्षण केंद्रों पर बनावटी स्टोर स्थापित किए हैं, और पांच वर्षों में लगभग 3,000 युवाओं को प्रशिक्षित करने की आशा करते हैं। और हमें आशा है कि हम उनमें से अनेकों को अपने यहां काम देंगे।

किसी कार्यक्रम या सहयोगी स्वयंसेवी संगठन में निवेश करना एक बात है, लेकिन यह उससे अलग है। हम युवाओं की तलाश करने, उन्हें प्रशिक्षित करने और उन्हें नौकरी प्राप्त करने में सहायता के लिए निवेश कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि इस प्रकार के और कितने कार्यक्रम चल रहे हैं, जिनमें एक संपूर्ण चक्र को सम्मिलित किया गया है, जैसा टाटा स्ट्राइव ने किया है।

टाटा बीवरेजेज के भारतीय बगानों की एक कॉफी सिएटल पहुंच गई है। क्या आप इसे और समझा सकते हैं?
हम सचमुच रोमांचित हैं कि टीजीबीएल के नेल्लोर एस्टेट में एकल रूप से उगाई हुई कॉफी जल्द ही सिएटल स्थित प्रतिष्ठित स्टारबक्स रिजर्व रोस्टरी में उपलब्ध होगी। स्टारबक्स रिजर्व रोस्टरी में केवल दुर्लभ कॉफी ही बेची जाती है, जो सिएटल में 15,000 वर्गफीट में मौजूद एक स्टोर है, जहां स्टारबक्स दुनिया भर से लाए गए अपने सुरक्षित दुर्लभ कॉफियों को तैयार करते हैं। यह दुनिया की बेहतरीन विली वोनका कॉफी के जैसा है और यह सुखद है कि हम एक भारतीय कॉफी को वहां परोस रहे हैं।

टाटा स्टारबक्स भारत में टीवाना खास किस्म की चाय पेश करने जा रहे हैं। चाय-कॉफी की यह जुगलबंदी कैसे कामयाब हो पाएगी?
हां, हम भारत में टीवाना ब्रांड लाने जा रहे हैं (जनवरी 2017 से)। इस ब्रांड ने अमेरिका में अच्छा प्रदर्शन किया है, जहां इसे एक शुद्ध और उत्तम कोटि की चाय में आकर्षक मिश्रणों के साथ, स्टारबक्स के स्टोर्स में बेहतर तरीके से शामिल किया गया है। भारत में, टीवाना से हमें चाय के दीवानों के लिए नए किस्म के उत्पाद पेश करने का अवसर मिलेगा। वास्तव में, हम टाटा ग्लोबल बीवरेजेज के साथ मिलकर एक अपनी एक खास पहचान की चाय बनाने जा रहे हैं जिसे हमारे टाटा स्टारबक्स के स्टोरों पर पेश किया जाएगा। अपनी प्रीमियम चाय और उससे मिलने वाले अहसासों के साथ, हम चाय के लिए भी ऐसा ही कुछ कर सकते हैं जैसा हमने कॉफी के साथ किया है।