अप्रैल 2016

रूपांतरण मोड में

आर मुकंदन, प्रबंध निदेशक, टाटा केमिकल्स बता रहे हैं कि किस तरह से नए उत्पाद व प्रौद्योगिकी स्थान, ऑपरेशनल बदलाव तथा युवा कर्मचारियों की जनसांख्यिकी कंपनी के रूपांतरण यात्रा के लिए पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं।

टाटा केमिकल्स में एक नई सुगबुगाहट है: क्या चल रहा है?
संगठनात्मक दृष्टिकोण से हम रूपांतरण के चरण में हैं। हम एक ऐसे सेगमेंट में उपस्थित हैं जिसे हम लाइफ सेगमेंट — रहन-सहन, उद्योग तथा कृषि जरूरत कहते हैं। हमारा विकास इंजान जीवन के लिए जरूरी व्यापार है, जिसमें उपभोक्ता उत्पाद प्रस्ताव, दैनिक घरेलू पौष्टिक जरूरतें शामिल हैं। हमारा प्रतिष्ठित टाटा नमक ब्रांड 600 मिलियन भारतीयों को छूता है। हमारा खाद्य व्यवसाय — दालें, बेसन तथा मसाले — साल दर साल 10-15 प्रतिशत की दर से बढ़ता रहा है, जिससे यह टाटा केमिकल्स का सबसे जीवंत हिस्सा बनाता है; यह हमारे सभी व्यवसायों में सबसे अधिक युवा भी है। वास्तव में हाल ही हमने हमने खाद्य पोर्टफोलियो को टाटा संपन्न के नाम से फिर से ब्रांड किया है। इस नए ब्रांड को बढ़ावा देने के लिए एक नया संचार अभियान ’गुडनेस की शुरुआत’ शुरु किया गया है।

औद्योगिक जरूरतों, अर्थात हमारे रसायन व्यापार में सोडा ऐश अभी भी हमारा नगद इंजन है। हम आशा करतेो हैं कि यह 2-3 प्रतिशत की दर से बढ़ना जारी रखेगा और वैश्विक मंदी के बावजूद मांग व आपूर्ति संतुलित है। उत्पादित नगद को हमें उस ऋण को चुकाने में सहायता करनी चाहिए जो इस व्यवसाय को 2006-08 के दौरान विस्तार देने के लिए एकत्र कर लिया था।

कृषि जरूरतों में हम बीज, खाद तथा फसल सुरक्षा खंड में उपस्थित हैं जिसमें पूरी फसल चक्र के कृषि इनपुट शामिल हैं और हम भारत की कृषि योग्य भूमि के 85 प्रतिशत क्षेत्र में उपस्थित हैं। इशके अंतर्गत सबसे तेजी से प्रगति करने वाला घटक, बीज खंड है जो साल दर साल 50 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। यह व्यापार का सबसे रोमांचक हिस्सा भी है क्योंकि हमारी सहायक कंपनी मेटाहेलिक्स, हाइब्रिड बीजों तथा बायोटेक्नोलॉजी जैसी प्रौद्योगिकियों में शामिल है। कीटनाशक तथा फसल सुरक्षा खंड जो हमारी सहायक कंपनी रैलीस के अंतर्गत आता है, तेजी बढ़ने वाला व्यापार है। इस खंड में हम थोक खादों में प्रमुख पूंजी निवेश से हट रहे हैं, क्योंकि यह सब्सिडी भुगतान विलंबों से प्रभावित है।

हम एक संगठनात्मक सांस्कृतिक विचार से बदलाव ला रहे हैं और कंपनी के भीतर वस्तु मनस्थिति से उपभोक्ता तता प्रौद्योगिकी मनस्थिति के इस सांस्कृतिक रूपांतरण में सहायता, निर्देश तथा सुविधा प्रदान करने के लिए हमने मुख्य रूपांतरण अधिकारी के पूर्णकालिक पद का सृजन किया है। रूपांतरण की इस प्रक्रिया को सक्षम करने के लिए हम अपनी कर्मचारी नीतियों को अधिक प्रगतिशील व समकालिक बना रहे हैं। हम ‘सिंपली 5’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल कर रहे हैं जो कागजी कार्यों, प्रशासनिक तथा ब्यूरोक्रेटिक अनुमोदन प्रक्रियाओं जैसी विलंब करने वाली बाधाओं को कम करने का प्रयास कर रहे हैं तथा कर्मचारियों की अग्रिम पंक्ति को ’बस निष्पादित करने’ व काम निपटाने में सक्षम करते हैं।

रसायन के व्यवसाय में हानि क्यों हो रही है?
हमने कुछ माह पहले ही केन्या तथा यूके के व्यापार को पुर्नगठित किया है। कठिन पुर्नगठन के बाद केन्या का व्यापार अब परेशानियों से बाहर है और इसने पिछली तीन तिमाही से लाभ अर्जित किया है। हम आशा करते हैं कि यूके का व्यापार इस तिमाही में ऋणात्मक से न्यूट्रल हो जाएगा तथा अगली तिमाही से धनात्मक हो जाएगा। हालांकि यूरोप में स्थिति अभी भी कठिन है। यूएस तथा भारत के रसायन परिचालन हमेशा ठीक तरीके से तुरुस्त रहे हैं। वैश्विक रूप से अकार्बनिक रसायनों में हम लीडरशिप स्थिति को बनाए हुए हैं तथा पूरी दुनिया में पी&जी, यूनीलीवर, असाही, एनएसजी पिकिंगटन, ओवेन्स-इलीनॉय आदि जैसे हमारे सभी प्रमुख ग्राहकों की पसंद बने हुए हैं।

खाद व्यवसाय में चिंता के क्या विषय हैं?
चिंताएं इसलिए पैदा होती हैं क्योंकि सब्सिडी वाली खादें नियमित व्यापार हैं और हमारी काफी सारी कार्यशील पूंजी इसमें फंसी रहती है जो कि वास्तव में लगभग रु.6,000 करोड़ है। इस क्षेत्र में लगातार बने रहने वाले इस व्यवसाय ने विनियमित तथा सब्सिडी चलित व्यवसाय में जारी निवेश के तर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सब्सिडी के राजनीतिक विषय होने के कारण, परिस्थितियों में हम निकट भविष्य में कोई परिवर्तन देख नहीं पा रहे हैं। हमने तय किया है कि हम खाद व्यवसाय में कोई पूंजीगत निवेश नहीं करेंगे। हालांकि, हम यह सुनिश्चित करते हैं कि इस क्षेत्र में किसी बड़े निवेश को रोके हुए भी, प्रौद्योगिकी तथा लोगों की सुविधाओं के मामले में संयंत्र अद्यतन बने रहें।

ग्राहक अनुकूलित खाद सेगमेंट के बारे क्या सोचा जा रहा है?
ग्राहक अनुकूलित या विशेषज्ञता खादों में अच्छी मांग है क्योंकि फसल उत्पादन को बहुगुना कर देती हैं। लेकिन पूरे खाद व्यवसाय की तुलना में यह एक छोटा हिस्सा है। टाटा केमिकल्स, विशेषज्ञता वाले कृषि इनपुट व्यापार में रु.600 करोड़ की कीमत का व्यापार करती है तथा इसमें काफी संभावनाएं हैं। यह सेगमेंट हर साल, चक्रवृद्धि रूप से 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। इसके अलावा, इस सेगमेंट सब्सिटी वाला कोई तत्व शामिल नहीं है। यह हमारे लिए बढ़ने वाला एक सेगमेंट है।

क्या उपभोक्ता सेगमेंट आप कोई नया उत्पाद जारी करेंगे?
खाद्य क्षेत्र में हम हाल ही में मसालों में प्रवेश किया है जिसमें पंजाब व उत्तरी भारत में आरंभिक प्रवेश हो रहा है। हमें अच्छी प्रतिक्रिया हासिल होने की खुशी है। पूरे भारत में इसे इस वर्ष जारी कर दिया जाएगा। चावल तथा आटा जैसी मुख्य सामग्रियां, व अन्य मूल्य वर्धित उत्पादों के भी परीक्षण किए जा रहे हैं। खाद्य सेगमेंट में हमारी दीर्घकालीन उपस्थिति के सहज विस्तार में ये सब शामिल हैं। आपकी मेज पर रखे भोजन में स्वाद जोड़ने वाली कंपनी से लेकर हम एक ऐसी कंपनी होंगे जो आपकी मेज पर भोजन प्रदान कर रही होगी।

वे कौन से नए सेगमेंट हैं जिनमें टाटा केमिकल्स के दाखिल होने की योजना है?
नैनोटेक्नोलॉजी तथा बायोटेक्नोलॉजी हमारे लिए रोमांचक क्षेत्र हैं। चेन्नई का बायोटेक्नोलॉजी संयंत्र न्यूट्रास्यूटिकल्स पर काम कर रहा है और हम बाजार में जल्दी ही न्यूट्रीशनल सॉल्यूशन का समूह जारी करने की आशा करते हैं। आज बाजार के कुछ बड़े ब्रांड को ओलिगोसैक्राइड्स की आपूर्ति करते हुए हम पहले ही बी2बी स्पेस में उपस्थित हैं। हमारे पास पाइपलाइन में और भी उत्पाद है, जैसे कि डाएट शुगर तथा वे कल्याण उत्पाद जो शारीरिक प्रकार्यों की श्रंखला को प्रभावित करते हैं। नैनोसिलिका प्रौद्योगिकी एक और ऐसा उत्पाद है जिसमें काफी संभावनाएं हैं।

पानी के व्यापार के क्षेत्र में क्या चल रहा है?
टाटा स्वच्छ जल शुद्धीकरण उपकरण एक विशिष्ट उत्पाद है क्योंकि यह बहते पानी या बिजली के बिना सुरक्षित तथा किफायती पीने का पानी प्रदान करता है। हमारा पानी का व्यवसाय रूपांतरण से गुजरा है। हम इसे वाणिज्यिक फोकस की बजाय सोशल उद्यम के रूप में चलाना चाहते हैं। टाटा ट्रस्ट तथा विभिन्न दूसरे एनजीओ के साथ मिल कर हम 30 पायलट परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं कि किस तरह से ग्रामीण बाजारों में दाखिल हुआ जाए।

रूपांतरण की इस यात्रा ने किस तरह से टाटा केमिकल्स के कर्मचारियों को प्रभावित किया है?
हम अपने कर्मचारियों की जनसांख्यिकी की विविधता के लिए लगातार प्रयास करते रहे हैं। युवा उपभेक्ता तथा प्रौद्योगिकी व्यवसायों में महिला कर्मचारियों की संख्या अधिक है; वास्तव में न्यूट्रास्यूटिकल्स व्यवसाय में 65 प्रतिशत तक महिला कर्मचारी हैं। इसे हम पूरी कंपनी में बदलने का प्रयास कर रहे हैं। हमारे परंपरागत व्यवसाय में भी कुछ अच्छी खहर है; उदाहरण के लिए यूपी के बबराला संयंत्र में हमारे पास दूसरी शिफ्ट में महिलाओं के काम करने की अनुमति है। गुजरात तथा पश्चिम बंगाल में भी हम ऐसा ही करने का प्रयास कर रहे हैं।

हमारा सबसे बड़ा रूपांतरण यह है कि हमारे कर्मचारी हर साल युवा होते जा रहे हैं। उनकी मनस्थिति भिन्न है और वे तेजी व चपलता में यकीन करते हैं। जिसके परिणामस्वरूप हम अब प्रक्रियाओं तथा नीतियों की संरचना पर पुनः विचार कर रहे हैं। इसको संबोधित करने के लिए जिन चीजों को हम कर रहे हैं उनमें से नीतियों तथा प्रौद्योगिकी का समामेलन इस तरह से करना शामिल है कि कर्मचारियों की कार्यविधि सरल हो जाए। ‘सिंपली 5’ एक ऐसा कार्यक्रम है जो ये करने का प्रयास करता है। दूसरे अन्य बदलावों में लचीला ऑफिस समय, माह में एक बार घर से काम का विकल्प, पितृत्व अवकाश, नए अलाउंस को बेंचमार्क करना, संयंत्र में यूनीफार्म मुक्त दिवस, मीटिंग-मुक्त दिवस, आदि शामिल हैं। इन बदलावों के प्रभाव हमें दिख रहे हैं, क्योंकि हमारा संलिप्तता अंक 7-8 प्रतिशत तक बढ़ गया है।