दिसम्बर 2017

सही ई-संपर्क बनाएं

भारत के सबसे बड़े ई-कॉमर्स खिलाड़ी, एमजंक्शन सर्विसेज, ई-नीलामियों से आगे बढ़कर बी2बी ई-कॉमर्स सेवाओं के एक अग्रणी सेवाप्रदाता बन गए हैं

बहुत से लोगों को यह मालूम नहीं है कि भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी न तो अमेजन है और न फ्लिपकार्ट। यह एक बहुत कम विख्यात कंपनी एमजंक्श्न है जिसने वित्तीय वर्ष 17 में रु.1.3 ट्रिलियन का कारोबार किया है। केक पर सजी हुई सफेद सतह? अपनी समकक्षी अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों से अलग, एमजंक्शन अपने संचालन के पहले ही वर्ष से लाभ में रही है।

टाटा स्टील तथा स्टील ऑथारिटी ऑफ इंडिया के बीच 50:50 के संयुक्त उपक्रम के रूप में 16 वर्ष पूर्व स्थापित, एमजंक्शन स्टील के लिए दुनिया के सबसे बड़े ई-बाजार का संचालन करने करते हैं। वर्षों से, इसका ई-नीलामी प्लेटफॉर्म पारदर्शिता तथा ईमानदार अभ्यासों के जरिए भारत के स्टील तथा कोयला बाजार को सहायता पहुंचाता रहा है। विगत कुछ वर्षों के दौरान, इसने व्यवसाय के नए क्षेत्रों में प्रवेश किया है, जिसके तहत महत्वपूर्ण दूरसंचार स्पेक्ट्रम की नीलामी शामिल है। और अभी, ई-व्यवसाय क्षेत्र में अपनी ठोस साख के बावजूद, एमजंक्शन कम महत्वपूर्ण बना हुआ है, यह बहुत कुछ जानबूझकर चुने हुए अपने छोटे अक्षरों वाले नाम की तरह है।

एमजंक्शन की बहुत कुछ सफलता के दो मुख्य पहलू बताए जा सकते हैं: इसके व्यवसाय क्षेत्र में विविधता लाने के लिए तत्परता तथा एक व्यवसाय मॉडल जो प्रौद्योगिकी तथा सेवा के उपयुक्त संतुलित मिश्रण पर आधारित है। कंपनी ने धातु जंक्शन के रूप में शुरुआत की थी, जो स्टील की ऑनलाइन नीलामी के लिए एक प्लेटफॉर्म था। इसके बाद जल्द ही, कोलकाता में मुख्यालय वाली इस कंपनी अपने ई-नीलामी प्लेटफॉर्म का विस्तार अन्य क्षेत्रों में किया जैसे, कोयला, खनिज, सेकंडहैंड गाड़ियां तथा बेकार पूंजी परिसंपत्तियां।

इसे 2007 में नया नाम दिया गया, जब इसके पुराने नाम में सम्मिलित क्षेत्रों की बजाय इसके कार्यक्षेत्र काफी ज्यादा विस्तृत हो गए। तब से, यह कंपनी भारत के ई-बाजार क्षेत्र में अग्रणी भूमिका में बनी रही है। इस वर्ष, इसने एक सार्वजनिक क्षेत्र की खनन कंपनी के लिए 1.1 बिलियन रुपए की हीरे की नीलामी को संपन्न किया, जिसमें पहली बार सोशल मीडिया के माध्यम से बोलीदाताओं तक पहुंच बनाकर बोलीदाता आधार को विस्तृत बनाने का कार्य किया गया। एमजंक्शन के सीईओ विनय वर्मा कहते हैं, “हमारी सबसे बड़ी ताकत यह है कि हम अपने ग्राहकों की जरूरतों को समझते हैं’ और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए नवाचारी समाधान विकसित करने के लिए प्रौद्योगिकी का प्रभावी इस्तेमाल करते हैं।”

एमजंक्शन के व्यवसाय इंजन के केंद्र में इसका अपना खास ई-नीलामी प्लेटफॉर्म है जो इसके विक्रेताओं तथा खरीदारों के विस्तृत समुदाय को मूल्य की खोज करने में सहायता प्रदान करता है। तथापि, एमजंक्शन की भूमिका केवल एक नीलामी सेवाप्रदाता तक सीमित नहीं है। यह कंपनी इसकी सहायक सेवाओं की एक विस्तृत श्रेणी भी मुहैया कराती है जैसे ई-वित्तीयन, निरीक्षण, सामान परिवहन तथा जानकारी सेवाएं जिससे व्यवसाय को बेहतर प्रक्रिया कुशलता के साथ संचालित करने में सहायता मिलती है।

उदाहरण के लिए, यह ‘बायजंक्शन’ का संचालन करता है, जो एक ऑनलाइन अधिप्राप्ति प्लेटफॉर्म है और 100 ग्राहकों को सेवा प्रदान करता है और जिसके पास 80,000 वेंडरों का आधार है। “चूंकि हम कई कंपनियों तथा उद्योगों के साथ काम करते हैं, इसलिए हम बाजार, आपूर्तिकर्ताओं’ के कार्यनिष्पादन, तथा इस प्रकार के अन्य विषयों के बारे में विस्तृत लेनदेन डेटा बनाते हैं। हम अपने ग्राहकों को लागत कम करने में सहायता प्रदान करने के लिए अपनी विशेषज्ञताओं का इस्तेमाल करते हैं। यह हमें अन्य ई-नीलामी सेवाप्रदाओं में खास बनाता है, ” श्री वर्मा स्पष्ट करते हुए कहते हैं।

एमजंक्शन किस प्रकार ई-नीलामी को पारदर्शी तथा सही बनाता है

एमजंक्शन का पहला चरण है उन व्यक्तियों कामूल्यांकन करना जो किसी खास ई-नीलामी में रुचि ले सकते हैं और उनतक पहुंचना। “यह सॉफ्टवेयर आमंत्रित किए जानेवालों तथा आयोजित की जानेवाली ई-नीलामी से संबद्ध सभी पक्षों की एक सूची प्रस्तावित करता है, ” एमजंक्शन के सीईओ, विनय वर्मा कहते हैं। ई-नीलामी के नियमों तथा शर्तों के बारे में सभी संबद्ध पक्षों को बताया जाता है। बोली के लिए सामानों तथा सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में सूचना सभी के साथ साझा की जाती है।

इसमें भाग लेनेवाली कंपनियां अपनी बोलियां ऑनलाइन दाखिल करती हैं। यद्यपि सभी कंपनियां सबसे अच्छी बोली के मूल्य को देख सकती हैं, लेकिन वे अन्य बोलीदाताओं की पहचान नहीं जान सकतीं। भागीदारों को यह आजादी है कि वे सबसे अच्छी बोली की तुलना में अपनी बोली को अच्छा बनाने के लिए उसमें संशोधन कर सकते हैं। इससे विक्रेताओं को लाभ होता है क्योंकि उन्हें सबसे अच्छा दाम मिलता है। इस प्रणाली का खुलापन भी ई-नीलामी प्रक्रिया को गतिशील और पारदर्शी बनाता है।

एक ई-नीलामी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसी भी कंपनी, चाहे वह खरीदार हो या विक्रेता, उसे कोई अनुचित लाभ नहीं मिलता। “ई-नीलामी में कोई गुप्त बोली नहीं है और न कोई पसंदगी है, ” श्री वर्मा कहते हैं। कंपनी ने किसी संगठन को अनुचित लाभ पहुंचाने से रोकने के लिए प्रणालियां तथा तंत्र स्थापित किए हैं। और यही एमजंक्शन का सबसे बेहतर फार्मूला है।


पारदर्शिता के नियम

एमजंक्शन को ई-नीलामी खिलाड़ी की भूमिका में कंपनियों के लिए एक रणनैतिक परामर्शदाता के रूप में कौन सी चीज अन्य कंपनियों पर एक ठोस बढ़त दिलाती है। कंपनी द्वारा ऑनलाइन लेनदेन डेटा से जानकारियां प्राप्त करने तथा बड़े डेटा का उपयोगकरने के लिए व्यवसाय कुशल उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। “हम कंपनियों को उनकी स्रोत रणनीति पर परामर्श देते हैं, कि कैसे वे ऑनलाइन नीलामी के लिए खुद को तैयार करें और किस मूल्य की वे अपेक्षा कर सकते हैं, ” श्री वर्मा स्पष्ट करते हुए कहते हैं। कंपनी अब इसका विस्तार करते हुए रखरखाव, मरम्मत तथा बड़े उद्यमों के लिए संचालन मद जैसे इलेक्ट्रोड तथा फास्टनर्स की आपूर्तिकर्ता बन गई है।

नीलामी कक्ष में बायोमेट्रिक सुरक्षा ने नीलामी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाया है

सफलताका तत्व कंपनी’का मजबूत ई-अधिप्राप्ति प्रबंधन प्लेटफॉर्म है, जो आपूर्तिकर्ताओं से जुड़ा है और अधिप्राप्ति-विषयक प्रक्रियाओं में सहायता करता है। अग्रणी संगठन जैसे हिंदुस्तान कॉपर, बीएचईएल तथा ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। यह सूचना सुरक्षा की उच्च स्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेषताओं से युक्त है। इस कंपनी को CMMI लेवल 5 रेटिंग प्रदान की गई है। श्री वर्मा स्पष्ट करते हुए कहते हैं, “हम समय-समय पर तीसरे पक्ष की विशेषज्ञ एजेंसियों के द्वारा अपने सॉफ्टवेयर तथा सिस्टम की जांच कराते रहते हैं। उनकी अनुशंसाओं तथा सुझावों के आधार पर, हम अपने प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म को और सुरक्षित बनाने के लिए कार्य करते हैं।”

गत कुछ वर्षों में, ई-बाजार में एमजंक्शन’की सफलता ने नए क्षेत्र खोले हैं। इसकी विशेषज्ञता से प्रभावित होकर, भारत सरकार द्वारा 2014 में एमजंक्शन को मोबाइल टेलीकाम स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए एक ई-नीलामी आयोजित करने के लिए आमंत्रित किया गया। “इससे पहले, स्पेक्ट्रम आवंटन में पारदर्शिता के अभाव के कारण ढेर सारी विवाद खड़े हुए थे। इसलिए भारत सरकार ने पारदर्शिता में वृद्धि करते हुए मूल्य निर्धारण के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया का उपयोग शुरू किया, ” श्री वर्मा कहते हैं।

“मार्च 2015 में स्पेक्ट्रम का आवंटन अबतक का सबसे बड़ा आवंटन था। सरकार के निर्देश थे कि ई-नीलामी प्रक्रिया को एक साथ चार स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी के लिए समायोजित किया जाए, ” उन्होंने आगे कहा। उस स्पेक्ट्रम आवंटन का मूल्य 1,000 बिलियन से ज्यादा था। एक और उच्च मूल्य का स्पेक्ट्रम ई-नीलामी आयोजन अक्टूबर 2016 में एमजंक्शन द्वारा आयोजित किया गया, जब इसने एक साथ सात स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी का आयोजन किया।

नए क्षेत्र

इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने से एमजंक्शन के लिए नए क्षेत्रों में प्रवेश का मार्ग खुला। इनमें से पहला था सरकार की ओर से तेल तथा गैस क्षेत्रों के लिए ई-बोली का संचालन करना। श्री वर्मा कहते हैं, “सरकार विभिन्न तेलक्षेत्रों को खोज तथा खुदाई के लिए आवंटित करने हेतु ई-नीलामी का उपयोग करने में सक्षम होगी, जिससे भारत’के तेल आयात बिल में सालाना 8 बिलियन डॉलर तक की कटौती हो सकेगी।”

ई-नीलामी का दूसरा क्षेत्र गेहूं और चावल की नीलामी था जिसे भारत खाद्य निगम द्वारा भंडारित किया गया है। एक बार फिर से, सरकार ने राज्यों को खाद्यान्न बेचने के लिए साप्ताहिक ई-नीलामी आयोजन हेतु एमजंक्शन से संपर्क किया।

इसी प्रकार की ई-नीलामी का आयोजन वनोपजों जैसे काष्ठ, जड़ी-बूटी तथा पौधे के लिए किया गया, जो भारत में काफी ज्यादा हैं। “निजी क्षेत्र को प्राकृतिक संसाधनों के आवंटन की प्रक्रिया का आयोजन विगत में विवादग्रस्त रहा है। यही कारण है कि हमने एक ऐसी प्रणाली के निर्माण की अवधारणा बनाई, जिसके मूल में पारदर्शिता, कुशलता तथा समान अवसर प्रदान करने की सुविधाएं निहित हैं, ” श्री वर्मा कहते हैं।

एमजंक्शन ऑनलाइन वित्तीय समाधान के क्षेत्र में भी सक्रिय है। इसका ‘फाइनांसजंक्शन’ खंड बड़े बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ जुड़ा है जो आपूर्ति श्रृंखला वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। कंपनी द्वारा बड़े संगठनों को वाणिज्यिक दस्तावेज जारी करने में भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। एसएआईएल ने 24 बिलियन की उगाही में वाणिज्यिक दस्तावेज जारी करने के लिए इस प्लेटफॉर्म का उपयोग किया।

एक अन्य क्षेत्र जहां एमजंक्शन का इस्तेमाल किया जाता है वह इसकी विश्लेषण दक्षता है। कंपनियां अपने उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचानेवाले चैनल सहयोगियों के साथ अपने संबंधों को विशेषीकृत तथा मजबूत बनाने के लिए नए तरीकों की तलाश करती हैं। यह कंपनी, अपने विश्लेषण आधारित निष्ठा कार्यक्रमों के माध्यम से, अपने ग्राहकों को तकनीक तथा प्रक्रियाओं का उपयोग कर नए तरीकों से विशेषीकृत करने में सहायता करती है।

अपने साझा सेवा केंद्र के माध्यम से ग्राहकों के लिए कार्यालय अधिप्राप्ति सेवाएं मुहैया कराना इसका एक और व्यवसाय क्षेत्र है। “हम कई संगठनों के लिए अधिप्राप्ति संचालन का प्रबंधन करते हैं, जिससे उन्हें अपनी अधिप्राप्ति टीम बनाने के झमेले से मुक्ति मिल जाती है। अपने अधिप्राप्ति कार्मिक तथा बाजार की जानकारी साझा कर, हम यह सुनिश्चित करते हैं कि वे ज्यादा-से-ज्यादा लाभकारी सौदा कर सकें, ” श्री वर्मा स्पष्ट करते हुए कहते हैं।

व्यवसाय के हर क्षेत्र में प्रतियोगियों की मौजूदगी के होते हुए भी, एमजंक्शन एक ऐसी अनूठी कंपनी है जो विभिन्न तरह के ई-वाणिज्य क्षेत्रों में सक्रिय है। इससे इसे 900-कार्मिक वाली मजबूत कंपनी के रूप में विकसित होने और इस क्षेत्र में अग्रणी स्थान बनाने में सहायता मिली है और इससे भारत सरकार के लिए ई-नीलामी और राज्य-स्वामित्व वाले संसाधनों के लिए पसंदीदा एजेंसी के रूप में इसकी साख मजबूत हुई है।

भारत में सुविधाजनक रूप से स्थापित होने के बाद, अब एमजंक्शन विदेशों में अपना विस्तार कर रहा है। इसने सितंबर 2017 में दुबई में अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय कार्यालय प्रारंभ किया है। इससे कंपनी को मध्यपूर्व के अपने ग्राहकों के साथ नजदीक आने में सहायता मिलेगी, जहां इसके कई ग्राहक पहले से मौजूद हैं। वर्तमान में यह यूरोप में टाटा कंपनी के साथ एक उच्च-मूल्य का करार कर रही है। इसकी आगे विश्व के अन्य विकसित बाजारों में अपना विस्तार करने की भी योजना है। ई-बाजार में इसका अबतक का रिकार्ड देखते हुए, यह एमजंक्शन के लिए मुश्किल भी नहीं होना’ चाहिए।