मार्च 2017 | सिंथिया रोड्रिग्स

सफलता के लिए महिलाओं का मार्गदर्शन

विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्रों में 'मिलियन वूमन मेंटर्स' पहल के लिए टीसीएस का अग्रणी समर्थक है

इतिहास के अधिकांश हिस्से में,” अनन्य वर्जीनिया वूल्फ कहती हैं, “महिला गुमनाम थी।” और इसके अधिकांश हिस्से में यह ऐसा ही रहा है।

मिलियन वूमन मेंटर्स पहल ने लिंग, जातीयता और वेतन समानताओं के मामलों पर राष्ट्रीय ध्यानाकर्षण पर फोकस किया है

देशों, संस्कृतियों तथा देशों में महिलाओं ने बाधाओं का सामना किया है, अक्सर पेशेवर रूप से प्रगति करने के अपने अधिकार को बाधित करके। यह समय के साथ बदल गया है; हर जगह महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए कठोर श्रम किया है, केवल कारपोरेट और राजनीतिक क्षेत्रों में नहीं। बल्कि प्रगति बेहद धीमी रही है।

विकसित समाजों में यह स्थिति बेहतर नहीं है। यूएस के वाणिज्य, अर्थशास्त्र और सांख्यिकी प्रशासन के विभाग के अनुसार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्रों में केवल लगभग 24 प्रतिशत जॉब महिलाओं के पास हैं — इनको सामूहिक रूप से एसटीईएम कहते हैं — जबकि अमरीकी कार्यबल में उनकी हिस्सेदारी 48 प्रतिशत है।

यूएस में हाल के सालों में एसटीईएम विषयों व जॉब के लिए लड़कियों के चुनाव की संख्या में कमी आयी है। कम उम्मीदवारों का अर्थ है कि एसटीईएम उद्योगों में नारी रोल मॉडलों में कमी।

इस एसटीईएमकनेक्टर के असंतुलन को कम करने के लिए, एसटीईएम शिक्षा से संबंधित संस्थानों के कंसोर्शियम और यूएस में मानव पूंजी के भविष्य और नेशनल गर्ल्स कोलैबोरेटिव प्रोजेक्ट ने साथ आकर मिलियन वूमन मेंटर्स (एमडब्लूएम) पहल को शुरु किया। एसटीईएमकनेक्टर के सीईओ एडी फ्रेज़र द्वारा जनवरी 2014 में यूएस में उस पहल को शुरु किया जिसमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) संस्थापक सदस्यों में एक थी। उद्देश्य सरल था: महिलाओं व लड़कियों के एसटीईएम कार्यक्रमों व कैरियरों में सफल होने के लिए रुचि व आत्मविश्वास को बढ़ाना।

“एमडब्लूएम की स्थापना के पीछे का विचार कार्रवाई के लिए आवाज़ लगाना और उपयुक्त रोल मॉडलों की कमी को संबोधित करना था,” टीसीएस की कार्यबल प्रभावशीलता की मुखिया, बालाजी गणपति ने समझाया। “लाखों पेशेवर महिलाओं और पुरुषों से एसटीईएम कार्यक्रमों व कैरियरों में सफल होने के लिए रुचि व आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए मार्गदर्शकों के रूप में शामिल होने के लिए शपथ हासिल करना लक्ष्य था।”

ऊंचे लक्ष्य
यह पहल तीन वर्षों में मिलियन शपथों तक पहुंचने के लक्ष्य के साथ शुरु हुई। “01 दिसम्बर 2016 को हमने एक मिलियन शपथों को प्राप्त किया,” श्री गणपति ने जोड़ा, जो एमडब्लूएम लीडरशिप काउंसिल के उप प्रमुख के रूप में सेवा की थी जो इस पहल को दिशा प्रदान करती है। “हम अब इस शपथ को दो मिलियन तक पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं, जबकि साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि पहली एक मिलियन शपथ प्रभावपूर्ण दिशानिर्देशन संबंध की ओर ले जाए।”

मिलियन वूमन मेंटर्स आंदोलन को पुरुष व महिला दोनो रोल मॉडलों की जरूरत है, जो इसके लक्षित समूहों को प्रेरित कर सके

वे कंपनियां जो इस परियोजना में साझीदार के रूप में शामिल हुई हैं उनको एक दिशानिर्देश शपथ लेनी थी, कर्मचारियों को मार्गदर्शकों के रूप में शामिल करना था, लड़कियों व महिलाओं की सेवा करने वाली अलाभकारी संस्थाओं के साथ काम करना था, उन्हें अपने संबंधित आंतरिक व वाह्य दिशानिर्देशन कार्यक्रमों को बढ़ाना था, एसटीईएम शिक्षा व रोजगार संबंधी डेटा को एकत्र करना था और पहल को राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर बढ़ाने के लिए अपनी सीख को साझा करना था।

इस काम के स्कोप व तीव्रता ने पेप्सिको, बीपी, सिस्को, सोडेक्सो, वालमार्ट तथा जॉन्सन & जॉन्सन जैसी विख्यात कारपोरेट इकाइयों को साझीदार के रूप में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय अलाभकारी साझीदारों में मेन्टर्ड पाथवेज़, गर्ल स्काउट्स, नेशनल 4-एच काउंसिल, अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटी वूमन, ओक रिज एसोसिएटेड यूनीवर्सिटीज़ एंड गर्ल्स इंक शामिल हुए। मार्च 2016 में 20 अमरीकी सेनेटरों और कांग्रेस के लीडरों के द्वि-पक्षीय समर्थन के साथ उनकी संख्या बहुत अधिक बढ़ी। एमडब्लूएम आंदोलन के हिस्से के रूप में 39 यूएस राज्य का भी हिस्सा हैं, जिसमें दो गवर्नर और 17 राज्यपालों ने अपने राज्यों टीमों में मानद पदों के रूप में सेवा की है।

एसटीईएम कैरियर की दिशा में युवा महिलाओं को गाइड करने के लिए मार्गदर्शकों को हर वर्ष 20 घंटों का योगदान देने की जरूरत है। एमडब्लूएम ने विभिन्न प्रकार के संसाधन एकत्र किए हैं जिनमें मार्गदर्शन यात्रा में समर्थन के लिए हैंडबुक्स, प्रशिक्षण कोर्स और गाइड शामिल हैं। वे अलाभकारी संस्थाएं जो युवा सेगमेंट की सेवा करते हैं, उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम हैं जो मार्गदर्शन प्रयास के लिए आगे की संरचना व तत्व प्रदान करते हैं।

मार्गदर्शकों तथा लाभार्थियों के बीच परस्पर संवादों की प्रकृति आमने-सामने की आभासी हो सकती है, और उसमें इंटर्नशिप व कार्यस्थल मार्गदर्शन का प्रारूप हो सकता है। एमडब्लूएम, एसटीईएम आयोजनों, समर कैंप तथा कैरियर काउंसलिंग जैसी गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया है।

बड़ा योगदान
एक ऐसी कंपनी के रूप में जिसके पास सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनेक सफलताएं और सामाजिक उत्थान के लिए सशक्त प्रतिबद्धता है, टीसीएस ने खुद को एसटीईएम अध्ययनों तथा कैरियरों को लेने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित करने के इस कार्य के साथ तेजी से जोड़ लिया। वैश्विक रूप से यह कंपनी महिलाओं की सबसे बड़ी नियोक्ताओं में से एक है, इसमें 1,19,000 से अधिक महिला कर्मचारी हैं, जिनकी संख्या पिछले एक दशक में दस गुना हुई है।

टीसीएस ने 2014 में 15,000 मार्गदर्शन संबंधों को कायम करने की आरंभिक शपथ के साथ अपनी प्रतिबद्धता की शुरुआत की। विशेष रूप से नस्लीय अल्पसंख्यकों की लड़कियों के लिए सामुदायिक आउटरीच के माध्यम से और महिलाओं के लिए आंतरिक प्रतिभा प्रबंधन कार्यक्रमों के आयोजन से किया गया। अगले लगभग तीन वर्षों में, टीसीएस ने अपनी शपथ को न सिर्फ पूरा किया बल्कि उससे बेहतर किया, और इसने कुल मिलाकर 55,000 से अधिक मार्गदर्शन संबंध स्थापित किए। टीसीएस उत्तरी अमरीका, यूके व यूरोप के अध्यक्ष सूर्यकांत ने इस पहल क लिए कार्यकारी प्रायोजक के रूप मे काम किया।

“लैंगिक, जातीय और वेतन समानताओं की चुनौतियों के संबोधित करने के लिए हम अपनी प्रौद्योगिकी और बुद्धिमता, मानव व वित्तीय पूंजी उपयोग करने के लिए तत्पर थे,” श्री गणपति ने कहा। “हमार लक्ष्य उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेतृत्व करना, साझीदारों की व्यापक वेराइटी के साथ एक साझेदारी का निर्माण करना और अंततः सुई को टिकाऊ तरीके से घुमाना था।”

एक प्रौद्योगिकी प्लेटफार्म — www.millionwomenmentors.org — जिसे टीसीएस द्वारा मुफ्त में बनाया गया था, एसटीईएम क्षेत्र में बेहतर लैंगिक विविधता लाने के इस महत्वाकांक्षी प्रयास का प्रमुख घटक है। इस प्लेटफार्म पर वर्तमान में 45 कंपनियां, 60 युवा-सेवी साझीदार और 39 अमरीकी राज्य मांग को पूरा करने के लिए आपूर्ति पक्ष के साथ संसाधन जोड़ रहे हैं।

“कोई कंपनी अपने मार्गदर्शकों को अलाभकारी संगठनों के लिए प्रस्तुत कर सकती है, जिसके लिए वह अपने मार्गदर्शकों की उपस्थिति के अनुरूप क्षेत्रों व विशिष्ट स्थानों की प्राथमिकता तय कर सकती है,” श्री गणपति बताते हैं। “इसके दूरी ओर, कोई राष्ट्रीय अलाभकारी साझीदार अपने पूरे देश में ज़िप कोड के आधार पर क्षेत्रीय तथा स्थानीय सहयोगियों के लिए मार्गदर्शकों की जरूरत को प्रदर्शित कर सकती है। इस टेक प्लेटफार्म द्वारा प्रदत्त यह ‘मार्गदर्शन बाज़ार स्थल’ और सहारा, हमारे अलाभकारी साझीदारों की जरूरतों को कंपनी के संसाधनों से मिलान प्रदान करती है।”

प्रगति मापना
यह टीसीएस प्लेटफार्म ली गयी शपथों के सापेक्ष प्रगति को दर्ज करता है जिसके लिए कंपनियों और अलाभकारी साझीदारों की मार्गदर्शन मीट्रिक्स को एकत्र किया जाता है। यह प्लेटफार्म राज्य टीमों के वैयक्तिक पेजों को भी होस्ट करता है, जो अपने गठबंधन बना सकते हैं और उनकी सफलताओं के बारे में बात कर सकते हैं।

इसके अलावा, टीसीएस ने एक प्रौद्योगिकी टीम को इसके लिए समर्पित कर रखा है जो नियमित रूप से इस प्लेटफार्म की कार्यक्षमताओं को अपडेट करती रहती है। इसने एक मिलियन से अधिक शपथों को संग्रहीत किया है, जिसके लिए कारपोरेशनों व युवा-सेवी संगठनों को मैच दिया है, राज्य व शहर स्तरीय गठबंधन व संवाद प्लेटफार्म प्रदान किया है और साझीदारों द्वारा अर्जित उनके परिणामों को रिपोर्ट करने में सक्षम किया है।

टीसीएस ने 2014 में एसटीईएमकनेक्टर की साझीदारी एक श्वेत-पत्र, एसटीईम में महिलाएं: क्षमता को साकार करना, प्रकाशित किया है। दो वर्षों के बाद, इसने ‘मार्गदर्शन में कारपोरेट सर्वश्रेष्ठ अभ्यास’ की पहचान के लिए उद्योग साझीदारों के साथ गोलमेज की मेजबानी की थी।

लैंगिक समावेशी होने के लिए टीसीएस ने महिलाओं व पुरुषों को मार्गदर्शक के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। यह कंपनी आईकनेक्ट (कैरियर मैनेजमेंट प्लेटफार्म), आईइन्सपायर (उच्च-क्षमता कर्मचारियों के लिए कार्यक्रम) के माध्यम से आंतरिक रूप से मार्गदर्शन संबंधों तथा टीसीएस गोआईटी व एसटीईएम कैरियर एक्सीलरेटर के माध्यम से बाहरी मार्गदर्शन को प्रोत्साहित करती है।

हालांकि मजबूत मार्गदर्शन संबंध निर्माण केवल इतनी सहायता ही सकर सकते हैं। क्योंकि समस्या और गहरे स्तर पर छिपी है इसलिए अधिक मजबूत कदम उठाने की जरूरत है जिससे कि उन संरचनात्मक, भावनात्मक तथा सामाजिक बाधाओं को दूर किया जा सके जिनका महिलाएं एसटीईएम शिक्षा व कैरियर अपनाते समय सामना करती हैं। श्री गणपति कहते हैं: “लैंगिक रूढ़िवादिता को पाठ्यक्रमों, पाठों व शिक्षाशास्त्र और संगठनात्मक संस्कृति व नीतियों में संबोधित करने की जरूरत है जिससे कि यह धारणा टूट सके कि एसटीईएम जॉब महिलाओं के लिए कम अनुकूल होते हैं।”

इसे संभव करने के लिए एमडब्लूएम आंदोलन को यह सुनिश्चित करना होगा माता-पिता तथा अभिभावक एसटीईएम शिक्षा व कैरियर के उन लाभों को समझने में सक्षम हों जो उनकी लड़कियों को हासिल होंगे। अधिक महत्वपूर्ण रूप से इसे पुरुषों व महिलाओं दोनो के रोल मॉडलों के विविधतापूर्ण सेट को स्थापित करने की जरूरत है जो संगठनों के भीतर मौजूद किसी तरह की शीशे की दीवारों की रोकथाम के लिए काम करते हुए युवा महिलाओं को प्रेरित व प्रायोजित कर सकें।

सांस्कृतिक प्रतिस्थापन
इस पहल के परिणाम अभी से महसूस किए जा रहे हैं। एमडब्लूएम ने लैंगिक, जातीय तथा वेतन असमानताओं के मामले पर राष्ट्रीय ध्यानाकर्षण पर फोकस किया है। “मानसिक स्थिति और संस्कृति में परिणामी प्रतिस्थापन से संगठनों के भीतर नीति तथा प्रक्रिया परिवर्तन होंगे,” श्री गणपति बताते हैं।

कंपनियां पहले से ही महिलाओं के निमित्त मार्गदर्शन की ओर दीर्घकालीन गतिविधियों को अपना रही है। इसी बीच, बेहतर लैंगिक विविधता से हासिल लाभों को देखने के बाद — जिसमें ब्रांड छवि, नियोक्ता मूल्य प्रस्ताव, कर्मचारी रिटेंशन और संलिप्तता शामिल हैं — कंपनियां अपने रैंकों में परिवर्तन के लिए कठोर प्रयास कर रही हैं।

इनमें से अनेक कंपनियों ने अपनी महिला कर्मचारियों के लिए जरूरी पुश देने के लिए बाहरी कार्यक्रमों के साथ गठजोड़ किया है। उच्च-प्रभाव मार्गदर्शन को समर्थन देने वाले संलिप्तता मॉडल को सही करने के लिए अलाभकारी संगठन अब उद्योग के लीडरों के साथ काम कर रहे हैं।

जबकि काफी कुछ हासिल कर लिया गया है, लैंगिक रूढ़िवादिता समझने और व्यक्तियों, समाजों तथा संगठनों के स्तर पर मौजूद अनैच्छिक दुराग्रहों का सामना करने के लिए बहुत कुछ शेष है। एमडब्लूएम जैसी पहलें, जिनमें कार्यबल विविधता बढ़ाने में सरकारी संगठनों के साथ-साथ कंपनियां शामिल करने से महिलाओं की प्रतिभा तथा क्षमताओं से लाभ लेने मे प्रतिष्ठानों को सक्षम करने में दूरगामी रूप से प्रभावित होंगी।

महिलाओं द्वारा किए गए योगदान की पूरी श्रंखला को मान्यता देने से समुदायों, देशों तथा समग्र रूप से दुनिया के लिए केवल अच्छा उभर सकता है। ‘गुमनाम’ को उसका उचित अधिकार देने का यही सही समय है।

यह लेख टाटा रिव्यू के जनवरी-मार्च 2017 के संस्करण में पहली बार प्रकाशित हुआ था। ईबुक यहां पर पढ़ें