जून 2017

तात्कालिक जरूरतों के लिए नवाचार करना

ऊर्जा, पानी तथा परिवहन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत अगले दशक में जबरदस्त बाजार अवसर पेश करेगा, डॉ गोपीचंद कटारगड्डा, समूह चीफ प्रौद्योगिकी अधिकारी टाटा सन्स ने कहा

उत्पादों व सेवाओं का प्रभावी मुद्रीकरण करने के लिए जिन बाजारों में हम काम करते हैं उनके लिए एक गहरी समझ की जरूरत होती है। टाटा में हमारे बाज़ार और उपस्थिति वैश्विक है। यह लेख अगले दशक में विशेष रूप से भारत में अवसर पर फोकस करता है।

जबकि भारत अपनी नवाचार यात्रा पर है, मूर्त मानव और पर्यावरणीय लाभ देने के लिए भारतीय कारपोरेशन और सरकार को पहले ऊर्जा, पानी, परिवहन, स्वास्थ्य सेवा और खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण आंतरिक बाजार जरूरतों पर फोकस करना चाहिए।

  • ऊर्जा: भारत को अपनी जनसंख्या के लिए अवसरों के पर्याप्त अवसर स्तर प्रदान करने के लिए प्रति व्यक्ति 0.5 किलोवॉट बिजली पैदा करने की जरूरत पड़ेगी। आबादी के लिए वर्तमान अनुमानों के आधार पर 2025 में, भारत को अपनी उत्पादन क्षमता को 280 गीगीवॉट से लगभग 2.5 गुना बढ़ा कर 710 गीगावॉट करना होगा। 0.5 किलोवॉट प्रति व्यक्ति की ऊर्जा जरूरत यूरोपीय औसत की लगभग आधी और अमरीकी औसत की चौथाई है। पारेषण और वितरण क्षमता को इसी के अनुसार अपग्रेड करना होगा [Ref i].
  • पानी: भारत को उपयोग करने योग्य पानी की क्षमता को प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 1000 से 2000 घन मीटर तक पहुंचाना होगा। 1,700 घन मीटर प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष पानी से कम पानी को पानी की कमी माना जाता है। इस समय, यूएसए अपने नागरिकों को हर साल 8,000 घन मीटर पानी प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष प्रदान करता है। साथ ही भारत को अपनी वर्तमान जरूरतों को ही पूरा करने के लिए शहरी क्षेत्रों में सीवेज उपचार सुविधाओं को भी दोगुना करना होगा।
  • परिवहन: ऐसा अनुमानित है कि भारत हर साल 1000 यात्री तथा माल ढ़ोने वाले लोकोमोटिव अगले 10 दस सालों तक जोड़ेगा और यात्री तथा भाड़ा एयरक्राफ्ट बाजार 2025 तक US$100 बिलियन प्लस हो जाएगा [Ref iii]. परिवहन के संबंध में भारतीय सरकार का लक्ष्य आटोमोबाइल विनिर्माण को मेक इन इंडिया पहल का मुख्य चालक बनाने का लक्ष्य है, क्योंकि इसे आशा है कि यात्री वाहन बाजार तीन गुना होकर 2026 तक 9.4 मिलियन इकाई हो जाएगा (जैसा कि ऑटो मिशन योजना 2016-26 में दर्शाया गया है)। कार्यकुशलता, उत्सर्जन नियंत्रण तथा हल्का भार भारत में वाहनों की अगली पीढ़ी को चलाना जारी रखेगा।
  • स्वास्थ्य सेवा: स्वास्थ्य सेवा पर सीआईआई-मेकेन्सी रिपोर्ट के अनुसार भारत को स्वास्थ्य सेवा पर अपने व्यय को जीडीपी के 4 प्रतिशत से 5.5 प्रतिशत पर ले जाना होगा। यह रिपोर्ट भारत की स्वास्थ्य सेवा के लिए 2022 के लिए स्पष्ट लक्ष्य प्रस्तुत करती है।
  • खाद्य सुरक्षा: अपनी शहरी जनसंख्या के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 2,100 किलोकैलोरी तथा ग्रामीण जनता के लिए 2,400 किलोकैलोरी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की आपूर्ति को संभव करने के लिए भारत को अभिनव, विविधकृत खाद्य योजनाओं और आपूर्ति श्रंखला का विकास करना होगा [Ref v].
  • डिजिटल उपभोक्ता के लिए उत्पाद व सेवाएं: ऐसी आशा है कि 2030 तक एक बिलियन से अधिक भारतीय ऑनलाइन होंगे [Ref vi]. डिजिटल उपभोक्ताओं को ऐसे कनेक्टेड उपभोक्ताओं के रूप में निर्धारित करना जो उत्पादों व सेवाओं की खरीदारी के लिए अपनी इंटर-कनेक्टिविटी का उतना ही लाभ उठाते हैं जितना कि उनकी इंटरनेट कनेक्टिविटी का, यह एक ऐसा क्षेत्र है विस्फोटक नवाचार के लिए पक कर तैयार बैठा है। मोबाइल वॉलेट से लेकर डिजिटल लॉकर तक डिजिटल उपभोक्ता हमारी जानकारी वाले कॉमर्स को बदल कर रख देगा।

कल का भारत: हिसाब लगाना

0.5

2025 तक प्रति व्यक्ति जरूरी किलोवॉट बिजली

प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष जरूरी घन मीटर पानी

2,000

1,000

अगले 10 बरसों में भारत द्वारा जोड़े गए यात्री तथा भाड़ा लोकोमोटिव

2022 तक भारत द्वारा स्वास्थ्य सेवा पर जरूरी खर्च, जीडीपी के प्रतिशत में

5.5

2,100

शहरी जनसंख्या के लिए जरूरी प्रति व्यक्ति प्रति दिन किलोकैलोरी

2030 तक ऑनलाइन होने वाले भारतीयों की संख्या

1,000,000,000


अपनी मितव्ययिता और स्थिरता के सांस्कृतिक लाभ का उपयोग करते हुए अपनी बाजार जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत में अभिनव इतिहास में विशेष स्थान बनाने की क्षमता है। जीवविज्ञान, कंप्यूटिंग तथा सामग्रियों के प्रतिच्छेदन पर उभरते शोध क्षेत्रों में, उद्योग आर&डी को दोगुना होना चाहिए और सरकार को उद्योग को प्रत्यक्ष आर&डी अनुदान देना चाहिए।

 

  • डवलप्मेंट, एनर्जी सिक्योरिटी ऐंड क्लाइमेट सिक्योरिटी: इंडियाज़ कन्वर्जिंग गोल्स; राजन गुप्ता व हरिहर शंकर, लॉस अलामॉस नेशनल लाइब्रेरी, लॉस अलामॉस, न्यू मैक्सिको, यूएसए; और संजय जोशी, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन, नई दिल्ली, भारत
    http://globalenergyobservatory.org/docs/analysis_papers/Gupta_ORF_Conf_final(v10).pdf
  • इंडियाज़ वॉटर क्राइसिस: कॉसेस ऐंड क्योर्स, ऐन इंटरव्यू बिद कृति एस पारिख बाई सोनिया लूथरा ऐंड अमृता कुंडू; दी नेशनल ब्यूरो ऑफ एशियन रिसर्च, अगस्त 2013
    http://www.nbr.org/research/activity.aspx?id=356#.UvikV2KSwXY
  • इंडिया ट्रांसपोर्ट रिपोर्ट: मूविंग इंडिया टू 2030; नेशनल ट्रासपोर्ट डवलप्मेंट पॉलिसी कमेटी, 2014
    http://planningcommission.nic.in/reports/genrep/NTDPC_Vol_01.pdf
  • इंडिया हेल्थकेयर: इन्सपायरिंग पॉसिबिलिटीज़, चैलेन्जिंग जर्नी; बाई कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) ऐंड मेकिन्जी & कंपनी, दिसंबर 2012
  • एस्टिमेटिंग दी रेंज ऑफ फूड-इन्सिक्योर हाउसहोल्ड्स इन इंडिया; शरद टंडन, मॉरिस आर. लैंड्स; यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ ऐग्रीकल्चर, मई 2012
  • दी ग्रेट रेस: ऑनलाइन रिटेलिंग इन इंडिया; दी इकोनॉमिस्ट, 5 मार्च 2016