जुलाई 2016 | सिंथिया रोड्रिग्स

भव्यता बहाल करना

जब 2014 में तूफान ने हुमायूं के मकबरे के गुंबद को नष्ट कर दिया तो इतिहास का एक हिस्सा खो गया था। हम उन फोटो का संग्रह लाएं हैं जो आपको ये बताएंगी कि टाइटन ने किस तरह से इस राजसी स्मारक को अपनी गौरवशाली चमक फिर से वापस हासिल करने में मदद की

  • मुगल शासक हुमायूं का शानदार मकबरा हमें मुगल साम्राज्य की भव्यता को याद दिलाता है। 1572 ईस्वी में निर्मित यह बागीचे वाला मकबरा तब तक उपेक्षा की स्थिति में बरबाद हो रहा था जब तक कि आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर ने टाटा ट्रस्ट्स के सक्षम समर्थन से इस मकबरे को सफलता के साथ पुनःस्थापित किया तथा उस ऐतिहासिक परिसर को पुनर्जीवन प्रदान किया जहां पर यह स्थित है।
  • 30 मई, 2014 को एक 150 किमी/घंटे से अधिक की गति वाले तूफान ने पूरी दिल्ली में बरबादी फैला दी जिससे इसके गुंबद का शीर्ष टुकड़े-टुकड़े हो गया और यह 70 फीट नीचे आ कर गिर पड़ा। गुंबद का मूल शीर्ष, मरम्मत करके हुमायूं के मकबरे के व्याख्या केन्द्र में प्रदर्शित किया जाएगा।
  • गुंबद के शीर्ष की गौरवशाली चमक की अनुपस्थिति में हुमायूं का मकबरा अपूर्ण लगता था।
  • टाइटम कंपनी ने 99.4 शुद्धता की कॉपर शीट का विनिर्माण व स्थापना की – शुद्धता का वह ग्रेड जो यह सुनिश्चित करेगा कि लगाई जाने वाली सोने की परतें समय के साथ खराब न होंगी या उखड़ेंगी नहीं। एक दूसरे से जुड़ने वाले 11 कॉपर वेसल्स को बनाने में लगभग 300 किग्रा कॉपर लगा। इस काम को शाहजहांनाबाद की एक कार्यशाला में अंजाम दिया गया था जो कि दिल्ली के पास का एक क्षेत्र है जहां पर तांबे के कारीगरों की छठी पीढ़ी रहती है।
  • स्वर्णकारों ने साफ तांबे के वेसल्स पर मरकरी लगाया और उन पर सोने की परत चढ़ाई। लगाई गयी मरकरी तत्काल उड़ जाएगी जिससे कि सोने की पत्तियों की छः परतों को तांबे के साथ मजबूती से तथा अभिन्न रूप से जोड़ने में सक्षम करेगी। इस सोने को टाइटन कंपनी द्वारा प्रदान किया गया था तथा गिल्डिंग को टाइटन के होसूर, तमिलनाडु में स्थित आभूषण संयंत्र में किया गया था।
  • बढ़इयों ने 22 फीट लम्बे पेड़ के तने को तैयार किया जिससे गुंबद के शीर्ष के लिए ढ़ांचा तैयार किया गया। इसे मूल अष्टभुजीय प्रोफाइल में तैयार किया गया तथा पेड़ के लट्ठे के आधार से लेकर गुंबद के शीर्ष तक तांबे की पतली पत्ती से लपेटा गया जिससे कि तड़कने से बचा जा सके।
  • मचान के शीर्ष पर, सिर को घुमा देने वाली चढ़ाई को धता बताते हुए कारीगरों ने इस तैयार गुंबद को इसके स्थान पर रखा।
  • गुंबद के ऊपर स्थित, 22 फीट लंबे पेड़ के लट्ठे के मूल के साथ, 18 फीट ऊंचे पॉलिश किया गया गुंबद का यह शीर्ष शानदार लगता है, जो कि हुमायूं के मकबरे की अतीत की चमक को पुनः स्थापित करता है। मुगलों को इस पर नाज़ होता।