सितम्बर 2017

उस अतिरिक्त मील की यात्रा

ताज 51 बकिंघम गेट सुइट्स & रेजिडेंसेस तथा सेंट जेम्स कोर्ट के जेनरल मैनेजर दिग्विजय सिंह अपने काम और अपनी रुचि के बारे में बताते हैं

अपने शौक को जीते हुए: काम के अपने अतिव्यस्त शेड्यूल के बावजूद वह घुड़सवारी के लिए समय निकाल पाते हैं जो वह लगभग 20 साल की उम्र से करते आ रहे हैं

लंदन के दो प्रतिष्ठित ताज प्रॉपर्टीज के जेनरल मैनेजर के रूप में दिग्विजय सिंह लोग, उत्पाद और प्रक्रियाओं के जरिए सेवा के उच्चतम मानदंड स्थापित करने में यकीन रखते हैं। ऐसा वह अपने अतिथियों को खुश रखने के एक-सूत्री एजेंडे की दिशा में बारीकियों और ओनरशिप पर गहराई से ध्यान देने के जरिए करते हैं।

ताज समूह के साथ 25 वर्षों के अपने कार्यकाल के दौरान दिग्विजय सिंह ने विभिन्न ताज ब्रांडों के लिए अनेक युवा जेनरल मैनेजर तैयार किए। वह दोनों लंदन प्रॉपर्टीज के विकास में सहयोगी रहे हैं जो निष्कलंक सेवा, यादगार अनुभव और बारीकियों पर ध्यान का पर्याय बन चुके हैं। उनके प्रयासों की बदौलत 2017 ट्रिप एडवाइजर्स’ट्रैवलर्स’में 51 बकिंघम गेट ब्रिटेन श्रेष्ठतम होटलों में 9वें स्थान पर रहा।

एक स्थायी शौक

प्रतिष्टित होटलों के संचालन में अपने अतिव्यस्त कार्यक्रम और रोजाना की चुनौतियों के बावजूद दिग्विजय अपने शौकों के लिए समय निकाल लेते हैं। उनके शौकों में सबसे पहला है घुड़सवारी जो वह लगभग 20 साल की उम्र से करते आ रहे हैं।

वह कहते हैं, "वर्षों के दौरान मैंने कई बार अपनी हड्डियां तुड़वाईं लेकिन इससे मैं और अधिक मजबूत घुड़सवार बना। अश्वारोहण में दोनों ओर से सम्मान जरूरी होता है। आपको घोड़े को सही मायने में समझने के लिए उसके अंदर उतरना पड़ता है और अपने लिए उसके मन में विश्वास जगाना पड़ता है।"

“इस खेल की एथलेटिक प्रकृति से मैं तत्काल आकर्षित हो गया। मैंने इसकी शुरुआत तबेले में मदद करते हुए की और धीरे-धीरे बेहतरीन नस्ल के घोड़ों की ओर मुड़ा। लगता है घोड़ों से मेरा कोई नाता रहा है, क्योंकि मेरे लिए हर सुबह उनकी सवारी करना और क्रॉस-कंट्री दौरों पर निकलना एक आदत सी बन गई,” उन्होंने याद करते हुए कहा।

शिक्षा को समर्पित: उस स्कूल के बच्चों के साथ जिसे वह अपने पुश्तैनी गांव भारत में उत्तरप्रदेश के रोझौली में वंचित बच्चों के लिए चलाते हैं

तब से दिग्विजय सिंह का घोड़ों से एक स्थायी जुड़ाव विकसित हुआ और उन्होंने शोजंपिंग तथा क्रॉस-कंट्री अभियानों में हिस्सा लिए। जब लंदन आए तो सिल्वरलेज’पोलो क्लब से जुड़े और फिर आगे चलकर ब्रिटेन में पोलो के नियामक निकाय हर्लिंघम पोलो क्लब में शामिल हुए।

साथ ही दिग्विजय महारानी’के ऑफिसियल बॉडीगार्ड हाउसहोल्ड डिविजन के सिविलियन सपोर्ट राइडर भी हैं। ब्ल्यूज & रॉयल ट्रूप का हिस्सा, वह लंदन में हाउसहोल्ड कैवैलरी माउंटेड रेजिमेंट में मदद करते हुए महारानी’के घोड़ों के संचालन में भी सहायता करते हैं।

उद्देश्य को समर्पित

उनके व्यक्तित्व का एक अन्य पहलू है जिसके बारे में बहुत लोगों को मालूम नहीं है। दिग्विजय सिंह बच्चों’की शिक्षा के लिए गंभीरता से समर्पित हैं और अपने पुश्तैनी गांव भारत में उत्तरप्रदेश के रोझौली में वंचित बच्चों के लिए एक स्कूल चलाते हैं। इस गैर-लाभकारी स्कूल की स्थापना 1999 में दिग्विजय सिंह’के पिता ने की थी।

“दुनिया में’बच्चों को शिक्षा ग्रहण करते और उसमें खुशी प्राप्त करते हुए देखना सबसे सुंदर दृश्य होता है। मेरे परिवार’का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान बहुत मामूली है, लेकिन यह सोचकर हमें बहुत संतोष मिलता है कि किसी दिन शिक्षा से लैस ये बच्चे गरीबी की बेड़ियों को तोड़कर एक बहुत सुंदर जीवन जीएंगे,” वह कहते हैं।

दिग्विजय सिंह एक भद्र, जोशीले और दूसरों के परवाह करने वाले व्यक्ति हैं जिनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान और हर किसी के लिए विनम्र संबोधन होता है। काम करने का उनका उत्साह, चाहे वह अपने होटल के अतिथियों के लिए यादगार अनुभव हो या अपने अश्व-मित्रों की देखभाल या समाज सेवा की प्रतिबद्धता, दिग्विजय सिंह हर काम दिल से और बड़े सलीके से करते हैं।