जुलाई 2015 | क्रिस्टाबेले नोरोन्हा

'हमारा लक्ष्य आक्रामक विकास'

टाटा ग्लोबल बेवरिजेज (TGB) के वैश्विक प्रसार योजना में मध्य पूर्व का एक अहम स्थान है। इस कंपनी के उत्पाद इस क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक समय से बेचे जा रहे हैं तथा इसने कड़ी प्रतियोगिता का मुकालबा किया है, हाल के समय में इसने राजस्व में वृद्धि लाने का उल्लेखनीय प्रयास किया है।

TGB के मध्य पूर्व के प्रबंध निदेशक, 39 वर्षीय डैनी फिने , जिन्होंने टेट्ली में 15 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है, वर्ष 2013 में जिम्मेदारी संभाली। इस साक्षात्कार में वह TGB के प्रॉजेक्ट्स तथा संभावनाओं पर बात करते हैं।

मध्य पूर्व में TGB की यात्रा के बारे में हमें बताएं।
टाटा टी तथा कानन देवन टी ने विदेशों में काम करने वाले 5 करोड़ भारतीयों का लक्ष्य रखा है और ये 1980 के दशक से गल्फ कॉपरेशन काउंसिल (GCC) में अपने उत्पाद बेचते रहे हैं। हाल ही में टेट्ली ने बाजार में GCC उतारा है और यह ब्रांड रईस अरब उपभोक्ताओं को लक्ष्य बनाता है।

मध्य पूर्व के किस बाजार में TGB परिचालित करता है?
हम खाड़ी क्षेत्र के छह देशों पर केंद्रित करते हैं: सउदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ओमान, कतर तथा बहरीन सउदी अरब उनमें सबसे बड़ा और प्रवेश करने में सबसे कठिन मार्केट है।

मध्य पूर्व में TGB के कौन से प्रमुख ब्रांड हैं? वे प्रतियोगिता के लिहाज से कैसे तुलना करते हैं?
वर्तमान में हम चाय के तीन ब्रांडों को बेच रहे हैं। कानन देवन बड़ी संख्या में यहां रहने वाले केरल के लोगों के बीच प्रसिद्ध है तथा टाटा टी प्रीमियम बाकी भारतीय कर्मचारियों के लिए है। इस सेग्मेंट में वैश्विक तथा भारतीय ब्रांडों के बीच प्रतियोगिता है। हमारा बड़ा व्यवसाय है खुली काली चाय को कार्टन तथा पाउचों में बंद कर बेचना। हमारे ब्रांड्स हर उस जगह पर मौजूद हैं, जहां भारतीय लोग चाय खरीदते और पीते हैं, जिनमें आधुनिक सुपरमार्केट्स, ग्रॉसरी आउटलेट्स, थोक विक्रेता तथा इस क्षेत्र में फैली भारतीय शैली की कई दुकानें शामिल हैं।

टेट्ली टॉप इंटरनेशनल ब्रांड के रूप में उभर रहा है। आरंभ में हमने अनोखा ‘ड्रॉस्ट्रिंग’प्रारूप उतारा, जो चाय के शौकीनों के लिए अधिक सुविधाजनक है। हमारे वितरण का लक्ष्य बड़े अंतर्राष्ट्रीय तथा घरेलू स्वामित्व वाले आधुनिक हाइपरमार्केट्स तथा सुपरमार्केट्स हैं, जैसे कि फ्रांस का कैरेफोर और सउदी अरब का पांडा।

इस क्षेत्र में कारोबार करने में कैसी चुनौतियां सामने आती हैं?
चाय के बाजार में वर्तमान में उस कंपनी का दबदबा होता है, जिसका बाजार हिस्सेदारी 70 फीसदी हो। यह हमारे लिए दोधारी तलवार की तरह है। यह एक कड़े प्रतियोगी को अंदर आने और अलग उत्पाद स्थिति का इस्तेमाल कर बाजार में अपनी हिस्सेदारी स्थापित करने का मौका पेश करता है इसका यह भी अर्थ है हमारा प्रतियोगी प्रभावशाली, उच्च निवेश स्तर तथा मजबूत स्थिति वाला है, जिस कारण नए प्रवेशकर्ताओं के लिए ग्राहकों तक पहुंचना कठिन हो जाता है। हमें अपने वेट के ऊपर पंच करना होता है और चुनौती देनी होती है, जो चाय ब्रांड व्यवहार में ‘सामान्य’ है।

ऐसा हम पेट्रोल स्टेशन फोरकोर्ट्स जैसे स्थानों में उपभोक्ताओं को समझाकर करते हैं, जहां हमारी प्रोमोटर टीम इंधन भरवाने के लिए खड़े वाहनों के चालकों को टेट्ली चाय के गर्मागर्म कप परोसती है। इस प्रयास ने काफी धूम मचाया है, जहां उत्सुक स्थानीय लोग चाय पीने के लिए प्रोमोटरों का ध्यान आकर्षित करते दिखते हैं।

यहां किस प्रकार का ब्रांड प्रोमोशन काम करता है?
प्राइस-ऑफ प्रोमोशन, फ्री एक्स्ट्रा चाय तथा फ्री गिफ्ट प्रोमोशंस यहां काफी लोकप्रिय होते हैं। चूंकि हम अपेक्षाकृत एक नया ब्रांड हैं, इसलिए हम कम्प्लीमेंट्री फूड कैटगरी में अग्रणी ब्रांडों के साथ सहयोग स्थापित करते हैं (ट्रायल्स तथा बिक्री को बढ़ाने के लिए)। हमने सउदी अरब की नम्बर 1 वाष्पीकृत दुग्ध ब्रांड लूना के साथ सफल प्रोमोशन चलाया है।

मेरा मानना है कि TGB के DNA में आविष्कारी प्रयास घुला हुआ है। भारत के मार्केटिंग मिक्स में टाटा टी हमेशा से एक अग्रणी ब्रांड रहा है और आविष्कारी प्रयास करने का टेट्ली का भी एक लंबा इतिहास रहा है। यह हमारे लिए काफी उपयुक्त है।

क्या आप अगले कुछ वर्षों में तेज विकास की उम्मीद रखते हैं, खासकर खाड़ी के बाजार में?
हां, GCC क्षेत्र में हम टेट्ली ब्रांड के लिए एक आक्रामिक विकास का लक्ष्य रख रहे हैं। हमारा लक्ष्य है पांच वर्षों में नम्बर 2 के स्थान पर काबिज होना। यह एक बड़ी चुनौती है पर टेट्ली ब्रांड के पास क्षमता है और TGB यह करने में सक्षम है और ऐसा करने की मंशा रहता है।

क्या इस क्षेत्र में निर्माण या प्रॉसेसिंग इकाइयां स्थापित करने की कोई योजना है?
फिलहाल, इस क्षेत्र में हम जो भी चाय बेचते हैं उनमें से अधिकतर भारत से पैक कर आती है, जिसमें एक छोटा हिस्सा युनाइटेड किंगडम से भी आता है। हमें स्थानीय उत्पादन की बात सोचने से पहले उल्लेखनीय स्तर पर लोगों तक पहुंच बनानी होगी।

यह आलेख मध्य पूर्व तथा उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र में टाटा समूह के परिचालनों पर विशेष रिपोर्ट का एक हिस्सा है, जो टाटा रिव्यू के जुलाई 2015 अंक में प्रकाशित है:
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