जुलाई 2015 | नितिन राव

सिग्नल स्पष्ट हैं

टाटा स्काई ने पहले ही समझ लिया था कि ग्राहक सेवा की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है और डायरेक्ट-टू होम टेलीविज़न व्यवसाय में संभवतः यह अकेली अंतर पैदा करने वाली चीज़ है

भारत डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) टेलीविज़न सेवा सेक्टर एक तरह से कमॉडिटी परक व्यवसाय है। टेलीविजन सामग्री ऑपरेटर द्वारा उपभोक्ताओं को प्रदान की जाने वाली सामग्री विशिष्ट नहीं है, यही टेक्नोलॉजी सभी कंपनियों के पास उपलब्ध है, वितरक समान है और मूल्यों में भी कोई वास्तविक अंत नहीं है।

टाटा स्काई के लिए ग्राहकों को सेवा मामलों में सही संदेश भेजना महत्वपूर्ण है
तो 10 मिलियन से अधिक उपभोक्ताओं के साथ, सेक्टर का सबसे बड़ा खिलाड़ी टाटा स्काई किस तरह से प्रतिस्पर्धियों से अलग खड़ा होता है? “अपने प्रस्तावों को भिन्न रखने के लिए हमें बेहतर ग्राहक सेवा पर निर्भर होना होता है,” हरित नागपाल, कंपनी के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी निदेशक।

टाटा स्काई उपभोक्ताओं के साथ अपनी वेबसाइट (जिसमें चैट मोड भी शामिल है), टेक्स्ट मैसेजिंग सिस्टम तथा 24x7 कॉल सेंटर के माध्यम से जुड़ती है। इसने ग्राहकों की शिकायतों की नियमित रूप से निगरानी करने तथा इनकी संख्या को समय के साथ तेजी से घटाने के लिए प्रक्रियाओं को स्थापित किया है। “हमारी सेवाएं तथा प्रक्रियाएं ऐसी होनी चाहिए कि ग्राहक को हमें कभी कॉल न करना पड़े,” श्री नागपाल कहते हैं। पिछलें चार वर्षों में टाटा स्काई ने अपने सदस्यों की संख्या दोगुनी कर ली है, लेकिन ग्राहकों की शिकायतों में इसी स्तर की वृद्धि नहीं हुई है।

टाटा स्काई में ग्राहक की आवाज़ को गंभीरता से लिया जाता है। प्रत्येक वरिष्ठ निदेशक तथा कार्यकारी, जिनमें वित्त, टेक्नोलॉजी, ग्राहक सेवा, मार्केटिंग, वाणिज्यिक तथा मानव संसाधन प्रकार्यों के मुखिया शामिल हैं, अक्सर ग्राहकों की शिकायतों को सुनने के लिए काल सेंटर मे धमकते रहते हैं।

वॉकिंग द टॉक, श्री नागपाल उन कुछ मुख्य कार्यकारियों में से हैं जो अपनी ईमेल आईडी को गोपनीय नहीं रखते हैं। “जब आपके पास 10 मिलियन से अधिक सदस्य हों तो सर्वेश्रेष्ठ प्रक्रियाएं भी गलत हो सकती हैं और हर रोज़ कुछ लोग ऐसे होंगे जो नाखुश हैं... आपको ऐसे लोगों को रिलीफ वाल्व प्रदान करना होता है।”

यह मुख्य लेख का सारांश है, जो टाटा समूह की ग्राहक-केन्द्रित संस्कृति के बारे में कवर स्टोरी का एक हिस्सा है, जिसे टाटा रिव्यूके जुलाई 2015 संस्करण में शामिल किया गया है।
टाटा में ग्राहक केन्द्रीयता पर चेयरमैन का संदेश
हरीश भट्ट: यह संस्कृति का हिस्सा है
डॉ राल्फ स्पेथ: आनंदित करने के लिए डिज़ाइन किया हुआ
आर मुकुंदन: एक नया समीकरण उभर रहा है
भास्कर भट्ट: किसी वृत्त के केन्द्र में
जगुआर लैंड रोवर: पहिए पर कौन है?
टाइटन कंपनी: स्टाइल में वज़न
टाटा मोटर्स: लॉन्ग ड्राइव के लिए तैयार
टाटा मोटर्स: एक स्वस्थ जुनून
टाटा ग्लोबल बेवरेजेस: कनेक्शन स्वादिष्ट है
टाटा केमिकल्स: पुल निर्माण के लिए होते हैं
टाटा पावर: स्नेह सृजन भी
टाटा कम्युनिकेशन्स: गुनगुनाने के लिए एक टेलीकॉम धुन
रैलीस: अच्छी हवा की कटाई
जुस्को: एक अलग कार्रवाई
टाटा स्टील: स्टील से बने बंधन