अप्रैल 2015 | फिलिप चाको

'हमारी तंदुरूस्ती के लिए विश्व बाज़ार अहम है'

टाटा ग्लोबल बेव्हरेजेज (टीजीबी) अपने वैश्विक व्यापार को और भी गतिशील बनाने के लिए ब्रांडों को और सबल बनाते हुए, नवप्रवर्तन करते हुए उनकी रफ्तार तेज़ करना चाहती है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजोय कुमार मिश्रा

से साक्षात्कार के अंश क्या टीजीबी अपने चाय, कॉफी और बोतलबंद पानी के मुख्य व्यापार पर अगले पांच वर्षों में ध्यान केन्द्रित कर पाएगी ?
जी हां, टीजीबी प्राकृतिक पेयों चाय, कॉफी और जल को अपना केन्द्रबिंदु बनाए रखेगी। हमारा मानना है कि इन श्रेणियों में अगे और वृद्धि एवं विस्तार की प्रबल संभावनाएं हैं। उदाहरण के तौर पर, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिआ के बाज़ारों में हमने जिस विभाग में प्रवेश किया है इसमें पोड (सिंगल सर्व) विभाग शामिल है, भारत में पेय जल, ग्रीन टी और प्रादेशिकताओं के अनुसार विशेषताएं वाले चाय विभाग में तथा ऑस्ट्रेलिआ में टेटली टी मास्टर्स जैसी अधिमूल्य चाय विभाग में- हमने ये सारे कदम, नये अवसरों में बढ़ाये हैं। हम विश्व की सबसे बड़ी दूसरे क्रम की चाय कंपनी हैं और हमारे समग्र पोर्टफोलिओ में कॉफी एवं जल का हिस्सा भी बढ़ाते रहेंगे।

टीजीबी ख़ास कर के अपने कॉफी के व्यापार अंकों को और आगे बढ़ाने तत्पर है। इसके लिए कंपनी की योजनाएं क्या रहेंगी और अंकों को आगे ले जाने की इस यात्रा में क्या भारत एक मुख्य बाज़ार होगा ?
अमेरिका में एट ओ क्लॉक कॉफी, रशिया में ग्रांड कॉफी, ऑस्ट्रेलिआ में हाल ही में मैप कॉफी के अधिग्रहण के रूप में तथा भारत में स्टार बक्स कॉफी के द्वारा, टीजीबी की उपस्थिति उन स्थानों पर बनी हुई है ही। भारत में हमारी सहायक कंपनी टाटा कॉफी के माध्यम से कॉफी उगाने के व्यापार में भी हमारा हिस्सा है।

अमेरिका में एट ओ क्लॉक कॉफी के ग्रीन माउन्टेन कॉफी रोस्टर्स के माध्यम से हमने तेज़ी से विकसते जा रहे पोड्स बाज़ार में प्रवेश किया है। ऑस्ट्रेलिआ में मैप कॉफी का अधिग्रहण करने से टीजीबी के पोर्टफोलिओ में कॉफी की बढ़ोतरी हुई है। रशिया में हम ग्रांड कॉफी ब्रांड का वितरण सबल बना रहे हैं और भारत में स्टारबक्स स्टोअर्स जो कॉफी इस्तेमाल करते हैं वो टाटा कॉफी बाग़ानों से प्राप्त की गई होती है, वे विशेष रूप से रची गई इन्डिया एस्टेट ब्लेन्ड का स्टॉक भी रखते हैं। टाटा कॉफी बाग़ानों में मूल्य श्रृंखला एवं अपने इन्स्टंट कॉफी व्यापार में भी आगे की ओर बढ़ रही है।

कंपनी के अच्छे स्वास्थ्य के लिए टीजीबी के वैश्विक व्यापार का हिस्सा कितना महत्वपूर्ण है ? अंतर्राष्ट्रीय कद और शक्ति बढ़ाने के सामने कौन सी चुनौतियां हैं ?
टीजीबी के राजस्व का 65 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भारत से बाहर के बाज़ारों से आता है, जिसका अर्थ है कि हमारे व्यापार की तंदुरूस्ती के लिए विश्व बाज़ारें अहम हैं। इस संदर्भ में, दुनिया के कुछ हिस्सों में मेक्रोइकनॉमिक हिस्सा चुनौती भरा रहा है, आर्थिक रूप से जो उतारचढ़ाव होते हैं उनका प्रबंधन करना आवश्यक बन जाता है।

हमारे ब्रांडों को सशक्त करना, उपभोक्ताओं के लिए उन्हें उपयुक्त बनाए रखना और हमारा वितरण सुचारू बनाए रखना- ये सारी बातें महत्व रखती हैं। कई विकसित बाज़ारों में हमारा अनुभव है कि विकास नये विभागों से आता नज़र आ रहा है जैसे कि पोड्स और विशेष फ्लैवरयुक्त चाय, और इसके साथ ही आरोग्य एवं सुखाकारी पर भी ध्यान केन्द्रित हुए जा रहा है। टीजीबी के लिए यह एक चुनौती है और साथ ही मौका भी है कि उपभोक्ताओं के बर्ताव तथा इस्तेमाल करने के तरीके पर आधारित नई सोच अपना कर के बाज़ारों में प्रवेश करने के नये मार्ग खोजे जाएं। कॉफी और जल की श्रेणी में हमारे सामने चुनौती है कि हम जिन मुख्य भौगोलिक बाज़ारों में पहले से हैं ही, वहां गति तेज़ की जाए।

यह साक्षात्कार, टाटा रिव्यू के अप्रैल 2015 अंक का एक हिस्सा है जहां टाटा की 14 कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों ने अपनी अपनी कंपनी के बारे में बात करते हुए बताया कि बीते वर्ष में उनकी कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा और भविष्य को ले कर उनकी क्या योजनाएं हैं:
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज': टीसीएस में बात हमेशा टीम की ही होती है'
जगुआर लैन्ड रोवर 'अगले 12 महीनों में 12 महत्वपूर्ण उत्पाद एक्शन प्रस्तुत करेंगे'
टाटा इन्टरनैशनल: 'व्यापार करने वाली कंपनी के लिए स्केल आवश्यक है'
टाटा स्टीलः नवप्रवर्तन द्वारा चालित
टाटा स्टील युरोपः 'युरोप के राष्ट्र हमारी सफलता का आधार बने रहेंगे'
टाटा मोटर्स (वाणिज्यिक वाहनें) 'हम हमारे उपभोक्ताओं को वास्तविक मूल्य से रूबरू करवाएंगे'
टाटा मोटर्स (यात्री वाहनें): 'हमारी योजना प्रत्येक वर्ष में दो नये वाहन प्रस्तुत करने की है'
टाटा केमिकल्सः '2016 का वित्तीय वर्ष हमारे लिए पुनर्गठन का वर्ष होगा'
टाइटन कंपनीः 'लाइफस्टाइल स्पेस में अवसरों की तलाश करना जारी रखेंगे'
टाटा कम्युनिकेशंसः 'मानसिकता महत्वपूर्ण है'
रालिस इन्डियाः 'हमारे क्षेत्र की सर्वाधिक मूल्यवान कंपनियों में स्थान हासिल करना चाहते हैं'
टाटा टेक्नोलॉजेजः 'हमें अंतरिक्ष और रक्षा में अवसर नज़र आते हैं'
वोल्टासः 'हमें उम्मीद है कि ताक़तों को हम ज़रिआ बनाएंगे...'
टाटा प्रोजेक्ट्सः व्यापार के नये क्षेत्र, नये अवसर