नवम्बर 2015 | क्रिस्टाबेले नोरोन्हा

'लोग हमारे सबसे अहम संपत्ति हैं'

सितम्बर 2014 में इंडियन होटल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में पदभार संभालने के बाद सेराकेश सरना कंपनी के काफी प्रतिष्ठित होटल ब्रांड ताज ग्रुप को वित्तीय रूप से लाभकारी बनाने इसकी वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। श्री सरना, जिनके पास इस उद्योग में काम करने का तीन से अधिक वर्षों का अनुभव है, मुख्य जिम्मेदारी वाले स्थान पर होने की चुनौतियों, अपने लक्ष्य क्षेत्रों तथा धारणीय भागीदार मूल्य निर्मित करने पर चर्चा करते हैं। उनकी बातचीत का संपादित अंश:

संचालन जिम्मेदारी लेने के एक वर्ष बाद इंडियल होटल्स के साथ आपका क्या अनुभव रहा है? अपने पिछले कामों में आपको जो चुनौतियां झेलनी पड़ी थीं, उनसे ये चुनौतियां कैसे अलग हैं?
पिछला वर्ष असाधारण था। ताज, भारतीय आतिथ्य का एक सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है। मेरे लिए एक महान संस्कृति से गहरी विरासत वाली दूसरी महान संस्कृति में जाने का एक अवसर है।   पिछले 112 वर्षों में हमने अपने संस्थापक श्री जमशेदजी टाटा के विश्वास को आगे बढ़ाया है कि किसी व्यवसाय का उद्देश्य उस समाज की उन्नति से जुड़ा है, जिसमें यह संचालित होता है। द हयात (श्री सरना ने आइएचसीएल में शामिल होने से पहले हयात में आम किया था) और द ताज अपने माहौल, भूगोल, पैमाने तथा आकांक्षा को लेकर अलग हैं,इसमें अच्छे या बुरे होने का सवाल नहीं है; ये बस अलग-अलग हैं।  हम वैश्विक रूप से मौजूदगी वाले ब्रांड बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं, बल्कि एक वैश्विक रूप से प्रतिष्ठाप्राप्त ब्रंड करने की ख्वाहिश रखते हैं।  

ताज होटल्स के विकास के लिए आपके लक्ष्य क्षेत्र क्या हैं?
सच कहूं तो मैं तीन लक्ष्य क्षेत्रों को देख रहा हूं। पहला है हमारे पास जो परिसंपत्ति पोर्टफोलियो हैं उनमें से सर्वोत्तम को बाहर लाना, प्रदर्शन के लिहाज से; तथा गुणवत्ता बनाए रखने के लिए, फीजिकल और अन्य तरीके से, जहां इस बात को ध्यान में रहना चाहिए कि हमें पिछले दशक या उससे अधिक समय में कई गिरावटों का सामना करना पड़ा है। दूसरी है वृद्धि। हमें गुणवत्तापूर्ण प्रॉजेक्ट की एक कतार खड़ी करनी होगी, क्योंकि आप अपने ग्राहकों से संरक्षण की उम्मीद नहीं रख सकते हैं, यदि आपके पास डिस्ट्रिब्यूशन फुटप्रिंट नहीं है, जो आपके ऑपरेशंस का विस्तार कर सके। इसके अलावा, बिना विकास के आप सर्वोत्तम प्रतिभा के साथ काम नहीं कर सकते और उन्हें अपने साथ जोड़ कर नहीं रख सकते हैं। बाजार में बने रहने के लिए तथा संपोषण के लिए विकास जरूरी होता है।  

तीसरा तथा सबसे अहम फोकस एरिया है मानव पूंजी।  कार्य-जीवन संतुलन, लिंग विविधता, क्षतिपूर्ति तथा हिस्सेदारी अहम मुद्दे हैं, पर सबसे अहम है, नेतृत्व के दूसरे स्तर का निर्माण करना, ताकि संगठन के भविष्य तथा इसकी संस्कृति को सुरक्षित किया जा सके।  एक आदर्श परिदृश्य में, मैं बोर्ड को दो नाम के सलाह देना चाहूंगा, जो मुझे लगता है कि यदि मैं कल वहां नहीं रहूंगा, तो वे मेरी तर्ज पर कर काम करेंगे। आपको मौजूदा तथा आगामी सांगठिक क्षमता के निर्माण की आवश्यकता है, और इसे केवल संभावनाशील लीडरों, यानी ऐसे लोग जो संचालन कर सकें, जो न केवल विरासत को आगे बढ़ाएं बल्कि इसके साथ एक बेहतर कार्य भी करे, के विकास द्वारा ही किया जा सकता है।  

आप इसे कैसे हासिल करेंगे?
आपको परिसंपत्तियों की एक पाइपलाइन की आवश्यकता होती है, जो बिजनेस वैल्यू के विस्तार की आपकी प्रतिभा को बढ़ा सके।  सबसे पहला काम है कि आपके पास जो विरासत में मिली कॉरपोरेट कल्चर है वह अधिक व्यवसाय नतीजे दे सके और भविष्य में भी प्रतियोगी बनी रह सके, इसके लिए आप क्या और कैसे काम करते हैं। अभी मेरा काम है यह ध्यान देना कि हम इस संस्कृति को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करें, जो न केवल एक होटल चलाना और बेड्स लगाना और सुंदर लॉबी बनवाना नहीं है;  बल्कि इसमें उत्कृष्टता , तीव्रता तथा नम्र आत्मविश्वास के साथ मूल्य प्रदान करना शामिल है।  

राकेश सरना के मुताबिक, मुम्बई में स्थित ताजमहल पैलेस होटल 'एक शानदार' होटल है

इस वर्ष अप्रैल में आपने कहा था कि इंडियन होटल्स को लाभ की स्थिति में लौटने में दो वर्ष लग जाएंगे। इस मूल्यांकन का सबसे अच्छा स्वरूप क्या है?
दरअसल, लाभदेयता संयोजनों का मिश्रण होता है, जो विकास से आरंभ होकर, राजस्व, परिचालन स्तरों पर हमारी लागत संरचनाओं की समीक्षा और मार्जिंन्स में सुधार लाना है। हमारे संदर्भ में, जेनरल मैनेजर्स सर्वाधिक अहम कर्ता होते हैं। उन्हें संसाधन, अधिकार तथा संचालन की आजादी दी जानी चाहिए, क्योंकि वे अपने बाजार को अच्छी तरह से समझते हैं। मुम्बई में रहकर कोई यह नहीं दावा कर सकता है कि वह हरेक बाजार का विशेषज्ञ है; जो लोग काम करने में लगे होते हैं उन्हें जमीनी सच्चाई अच्छी तरह से पता होती है। बेहतर और धारणीय व्यवसाय नतीजों के लिए हमें त्याग किए बिना अधिकार सौंपने की जरूरत है।

अपने डेट-पुनर्संरचना प्रयासों के साथ क्या इंडियन होटल्स अपने सही मार्ग पर है? बाधाएं क्या हैं और विस्तार के लिए कंपनी के नई पूंजी पाने के कंपनी के उद्देश्य के साथ यह अवरोध बनता है?
निश्चित रूप से हम, पुनर्संरचना कर रहे हैं और अपने उधार को कम कर रहे हैं। प्रगति में मेरा विश्वास है और हमने कई प्रयास किए हैं, जो हमें वर्तमान स्थिति की तुलना में एक बेहतर स्थिति देंगे। हमारी स्थिति अब एक साल पूर्व की स्थिति से कहीं अच्छी है। अगले साल हम अपने अनुषंगियों की भारी पुनर्संरचना के मध्य में होंगे और अपने वित्तीय इंस्ट्रूमेंट्स का पुनरांकलन कर रहे होंगे। मेरा मानना है कि नौ से इक्कीस महीने में हम अपने सही रास्ते पर आ जाएंगे।

मीडिया में चर्चा चल रही है कि तत्काल उद्देश्य और दीर्घकालिक विजन के साथ इंडियन होटल्स की रणनीति, कर्मचारी तथा सांगठनिक संरचना में बदलाव लाने की तैयारी चल रही है। क्या आप हमें एक साफ तस्वीर दे सकते हैं।
मैं केवल तीन-चार वर्षों का वक्त देख सकता हूं। सबसे पहले, मुझे यह देखना होगा कि हम वैश्विक रूप से प्रतिष्ठित बनें और जो बाजार हमारे लिए मायने रखते हैं हम उनमें टिके रहें और उनके मेहमान हमारे साथ बने रहें। इस संबंध में हमें परिसंपत्तियों के निर्माण की जरूरत है, जो समग्र रूप से और वित्तीय रूप से मूल्य हासिल कर सकें।

इस दिशा में आरंभिक कदम था सांगठिक पुनर्संरचना करना। ताज समूह के भारत के बाहर 15 होटल तथा भारत में इसके 116 होटल हैं। क्षेत्रीय पुनर्संरचना के तहत, हरेक क्षेत्र के प्रमुख के अधीन 20-30 होटल हैं, जिसमें कई वर्ग के होटल शामिल हैं, जैसे कि लक्जरी, लेश्जर तथा बिजनेस तथा कई ब्रांड। मानव पूंजी के लिहाज से हमें कार्य-जीवन संतुलन तथा पारस्परिक सम्मान के साथ लैंगिक विविधता लाने पर ध्यान देना होगा।  

क्या आप कार्य-जीवन संतुलन में गंभीरता से विश्वास करते हैं?
निश्चित रूप से मैं कार्य-जीवन संतुलन में भरोसा रखता हूं, पर हरेक व्यक्ति के पास उसकी व्याख्या का अपना-अपना रास्ता होता है। कुछ लोगों के लिए इसका अर्थ है कि मैं एक हफ्ते के लिए बाहर जा रहा हूं, मैं काम से छुट्टी ले रहा हूं।  मेरे लिए यह थोड़ा अलग है।  मैं अपनी दुनिया से कटना नहीं चाहता हूं।  मैं सहज रहता हूं और शांत रहता हूं और मुझे यह पता होता है कि मैं लोगों के लिए उपलब्ध हूं।  निश्चित रूप से, मेरी रफ्तार थोड़ी कम हो जाती है।  

कार्य-जीवन संतुलन का अर्थ केवल तभी है, जब आपके पास काम हो। मुझे रविवार को बैठ कर अधूरे कामों के बारे में सोचना बुरा नहीं लगता है; यह मुजे खुशी देता है, क्योंकि मैं इसे काम करना नहीं मानता हूं।  वास्तव में, मेरे जीवन का यह हिस्सा मुझे वह हर कुछ देता है, जो आज मेरे पास है: यानी मेरे तन पर कपड़े और परिवार की खुशियां। निश्चित रूप से मुझे एक दिन की छुट्टी चाहिए होती है, पर इसका यह अर्थ नहीं है कि मैं पूरी तरह से अपनी दुनिया से कट जाऊं। मैं छुट्टियों पर जाता हूं, पर वहां भी सुबह तथा शाम को कुछ घंटे काम कर लेता हूं। मुझे संपर्क में बने रहना अच्छा लगता है।  

आप मौजूदा माहौल में, खासकर पर्यटन के संदर्भ में सरकारी नीतियों तथा प्रयासों की कैसी भूमिका देखते हैं?
सरकार ने भारत को एक वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए कई उपाय किए हैं। भारत में हमारे पार कई प्रकार के पर्यटन उत्पाद पोर्टफोलियों है, जैसे कि क्रूज, ऐडवेंचर, मेडिकल, स्वास्थ्य, स्पोर्ट्स, ईको-टूरिज्म, विश्व विरासत स्थल तथा धार्मिक पर्यटन। हमें पर्यटन और बिजनेस यात्रियों को ‘अतुल्य भारत’ आने के लिए प्रोत्साहित करना होगा; और उन्हें ताज में हमारे मेहमान बनने के लिए आकर्षित करना होगा।  इस दिशा में हमारी मार्केटिंग टीम ने कई प्रयास चालू किए हैं, जिसमें डिजिटल से लेकर ताज ब्रांड को मजबूत बनाना भी शामिल है।

हम ‘एक्सपीरिएंस इंडिया सोसाइटी’ और ऐसे ही कई अन्य संगठनों के भी सदस्य हैं, जो भारत को एक पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देता है और मार्केटिंग करता है।

इंडियन होटल्स अपने भारतीय ग्राहकों की जरूरयों की पूर्ति करेगा? क्या किसी बदलाव की योजना है? आप गेटवे तथा जिंजर ब्रांड की विकास को कैसे देखते हैं?
घरेलू पर्यटन भारतीय पर्यटन अर्थव्यवस्था में तीन चौथाई का योगदान देता है। जब स्थान तथा रेंज और उत्पाद पेशकश की गुणवत्ता की बात आती है तो घरेलू पर्यटक प्रायः अधिक समझदार होते हैं। इसके अलावा वे अपने पैसे की पूरी वसूली चाहते हैं।

गेटवे होटल& रिजॉर्ट्स एक पूर्ण-सेवा, उच्चस्तरीय आतिथ्य ब्रांड है, जो बिजनेस तथा अवकाश की तलाश वाले लोगों के लिए है। इसका हॉलमार्क है, आधुनिक तथा नवीन अनुभूतियों की इच्छा रखने वाले यात्रियों को आराम, मेल-जोल तथा लोचशीलता प्रदान करना।

हमारे ज्यादातर नए पाइलाइन गेटवे के जरिए तथा चेन्नई में स्थिति एक शानदार होटल के जरिए आते हैं। दूसरी ओर जिंजर जिंजर वैल्यू सेग्मेंट के लिए है। यह मुख्यतः ऐसे यात्रियों पर लक्षित है, जो सरलता और सेल्फ-सर्विस की ख्वाहिश रहते हैं।

वर्ष 2020 के अंत तक और उसके बाद आप इंडियन होटल्स को कहां देखते हैं?
वर्ष 2020 तक इंडियल होटल के पास परिसंपत्तियों तथा प्रतिभा के लिहाज से एक स्थिर पाइपलाइन होनी चाहिए। यह इतना आसान नहीं होगा। हमें कुछ कड़े फैसले लेने होंगे, ताकि अपने पोर्टफोलियों को रेखित किया जा सके। दूसरी ओर, हमें अपने कुछ होटलों के लिए जिन्हें नवीनीकृत करने की जरूरत है, फंडों की आवश्यकता है।

इन सभी अवरोधों के बावजूद हमारे लोग हमारी अहम संपत्ति बने रहेंगे। ताज के 26,000 कृत्संकल्पित, प्रतिबद्ध तथा प्रेरित लोग इस बात का ध्यान रखते हैं कि उनकी दुनिया हमारे मेहमानों से आरंभ हो और समाप्त होती है। मैं प्रायः अपने वरिष्ठ सहकर्मियों को कहता हूं कि हमारे लोग, ‘बेलमैन, लॉन्ड्री अटेंडेंट तथा अन्य’ जो हमारे मेहमानों के संपर्क में रहते हैं, हमारे सच्चे ब्रांड संरक्षक हैं, क्योंकि जब वे हमारे मेहमानों की सच्चे लगन के साथ देखभाल करते हैं, तो इस जरा अलग तरीके से करते हैं।