अप्रैल 2015 | संगीता मेनन

'लाइफस्टाइल स्पेस में अवसरों की तलाश करना जारी रखेंगे'

चूंकि भारतीय अर्थतंत्र ने करवट बदली है, टाइटन कंपनी ने नये उत्पाद एवं विज्ञापन अभियानों के माध्यम से विकास करने की योजना बनाई है। प्रबंध निदेशक भास्कर भट

से साक्षात्कार के कुछ अंश लगातार बढ़ती रहती प्रतियोगिता के समय में भी घड़ी व्यापार अपने बलबूते पर चलता रहा है। फिलहाल टाइटन क्या कर रही है और उसे कहां सुधार करने की आवश्यकता है ?
पिछले कुछ सालों से घड़ी व्यापार में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है, लेकिन टाइटन के सारे ब्रांडों को मिला कर देखें तो, संगठित बाज़ार का 65 प्रतिशत हिस्सा उसके पास है। हमारे पास विभिन्न ब्रांड का समूह है जिन्हें हमने रचा है और पाला-पोषा है। तदुपरांत, हमारा बिक्री एवं वितरण नेटवर्क काफी सबल है और वो हमें महत्वपूर्ण प्रतियोगितात्मक लाभ की स्थिति में रखता है।

कंपनी ने हेल्मेट और खुश्बू जैसे नये क्षेत्रों में भी पदार्पण किया है, इनका प्रदर्शन कैसा रहा है ?
हम जिस किसी भी श्रेणी में प्रवेश करें, हमारा इरादा उत्कृष्टता का, विश्व-स्तरीय बनने का तथा उपभोक्ताओं को भिन्न प्रकार का मूल्य प्रस्ताव उपलब्ध करवाने का होता है। 2013 में हमारे घड़ी और एसेसरीज़ विभाग ने दो नई श्रेणी में कदम रखे। फास्ट्रैक बेग के द्वारा हमने एसेसरीज़ व्यापार की शुरूआत की, हेल्मेट प्रस्तुत किए और स्किन नाम से इत्र ब्रांड पेश किया है। जिस बाज़ार में कम-गुणवत्ता, बिना ब्रांड वाली चीज़ें तथा महंगे विदेशी ब्रांड के बीच चुनाव करना हो, वहां निश्चित रूप से स्किन जैसे उत्पाद के लिए स्थान है। पर्फयुम फ्रांस में बनते और पैक किए जाते हैं लेकिन हमारे पर्फ्युमर पेरिस से भारत आए यह समझने के लिए कि भारतीयों किस प्रकार की खुश्बू पसंद करते हैं। हेल्मेट व्यापार में भी हम उसी प्रकार की सफलता का अनुभव कर रहे हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में असंगठित खिलाड़ियों का प्रभुत्व है और ऐसे में वहां खूब संभावनाएं हैं। टाइटन जीवनशैली विभाग में ऐसे अवसरों तथा श्रेणियों की खोज में लगी रहेगी जहां बड़े पैमाने पर
, गहरी पैठ नहीं की गई, मात्रा कम है और असंगठित है।

कंपनी के नज़रिए से देखते हुए, वर्ष 2015-16 से आपकी अपेक्षाएं क्या हैं ?
हमारा मानना है कि इस वर्ष के पूर्वार्ध में तो काफी कुछ अनिश्चितता की स्थिति बनी रहेगी। जब तक मुद्रास्फीति और बेरोज़गारी का समाधान प्रभावक तरीके से न किया जाए, उपभोक्ताओं की ओर से मांग निर्बल रहेगी। लेकिन फिर भी, मांग में कुछ उल्लेखनीय सुधार होने के संकेत मिले हैं।

यह साक्षात्कार, टाटा रिव्यू के अप्रैल 2015 अंक का एक हिस्सा है जहां टाटा की 14 कंपनियों के मुख्य कार्यकारियों ने अपनी अपनी कंपनी के बारे में बात करते हुए बताया कि बीते वर्ष में उनकी कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा और भविष्य को ले कर उनकी क्या योजनाएं हैं:
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज': टीसीएस में बात हमेशा टीम की ही होती है'
जगुआर लैन्ड रोवर 'अगले 12 महीनों में 12 महत्वपूर्ण उत्पाद एक्शन प्रस्तुत करेंगे'
टाटा इन्टरनैशनल: 'व्यापार करने वाली कंपनी के लिए स्केल आवश्यक है'
टाटा स्टीलः नवप्रवर्तन द्वारा चालित
टाटा स्टील युरोपः 'युरोप के राष्ट्र हमारी सफलता का आधार बने रहेंगे'
टाटा मोटर्स (वाणिज्यिक वाहनें) 'हम हमारे उपभोक्ताओं को वास्तविक मूल्य से रूबरू करवाएंगे'
टाटा मोटर्स (यात्री वाहनें): 'हमारी योजना प्रत्येक वर्ष में दो नये वाहन प्रस्तुत करने की है'
टाटा केमिकल्सः '2016 का वित्तीय वर्ष हमारे लिए पुनर्गठन का वर्ष होगा'
टाटा ग्लोबल बेव्हरेजेज: 'हमारी तंदुरूस्ती के लिए विश्व बाज़ार अहम है'
टाटा कम्युनिकेशंसः 'मानसिकता महत्वपूर्ण है'
रालिस इन्डियाः 'हमारे क्षेत्र की सर्वाधिक मूल्यवान कंपनियों में स्थान हासिल करना चाहते हैं'
टाटा टेक्नोलॉजेजः 'हमें अंतरिक्ष और रक्षा में अवसर नज़र आते हैं'
वोल्टासः 'हमें उम्मीद है कि ताक़तों को हम ज़रिआ बनाएंगे...'
टाटा प्रोजेक्ट्सः व्यापार के नये क्षेत्र, नये अवसर