जुलाई 2015 | गायत्री कामथ

पुल निर्माण के लिए होते हैं

ग्राहक की अपेक्षा से अधिक मूल्य प्रदान करने का प्रयास करना ही टाटा केमिकल की सफलता का रहस्य है

एक मजबूत ग्राहक जुड़ाव ने टाटा केमिकल्स को मिठापुर (बच्चों के नृत्य की सेटिंग) छोटी सी शुरुआत से एक ऐसी कंपनी में रूपांतरित किया जो हर वर्ष 600 मिलियन उपभोक्ताओं तक पहुंचती है
टाटा केमिकल्स, दिल से एक ऐसी कंपनी है जो सोडा ऐश तथा नमक जैसे जिंस उत्पादों की बहुत बड़ी मात्रा का उत्पादन करती है। फिर यह दुनिया की अकेली ऐसी कंपनी कैसे बनी जो अपने सोडा ऐश के लिए प्रीमियम वसूलती है? इसने अपने टाटा साल्ट ब्रांड को ऐसे ‘सुपरब्रांड’ में बदल डाला जो हर साल पचास करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। इसका उत्तर उस तरीके में निहित है जिस तरह से टाटा केमिकल्स अपने ग्राहकों को पेश आती है।

ज़ारिर लांगराना, केमिकल व्यवसाय (भारत) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, कहते हैं कि कंपनी की ग्राहक केन्द्रीयता यात्रा लगभग 15 बरस पहले शुरु हुई थी, जब भारतीय बाज़ार खुला। वे कहते हैं कि, “भारत, दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी बाज़ारों में से एक बन गया।” “हमारे ग्राहकों को विकल्पों से खराब कर दिया गया। हमें हमारे व्यवसाय को देखने के नज़रिये को बदलना पड़ा।”

अपनी स्थिति को वापस हासिल करने की लड़ाई में, टाटा केमिकल्स ने अपनी ग्राहक प्रक्रियाओं की ओवरहॉलिंग शुरु की। सभी ग्राहकों को दो वर्टिकल्स में वर्गीकृत किया गया था: मुख्य काते (लगभग 25) और चैनल खाते। मुख्य खातों में केवल बड़े ग्राहक शामिल थे लेकिन कुछ मध्यम आकार के भी थे। तर्क यह था कि मुख्य खातों की विशिष्ट जरूरतें जैसे अनुकूलित उत्पाद, तात्कालिक डिलेवरी, विशिष्ट पैकिंग जरूरतें आदि-आदि, थीं जिनको टाटा केमिकल्स पूरी करेगी। ये खाते मुख्य खाता प्रबंधकों द्वारा सेवित होते हैं।

टाटा केमिकल्स, ग्राहकों को प्रदत्त मूल्य को मापने पर भी फोकस करती है और उतने ही महत्व के साथ अपने ग्राहको को इसे बताती भी है। कंपनी, ग्राहक के लिए व्यापार लाभों वाली मीट्रिक्स की बहुत व्यापक श्रंखला का उपयोग करती है। “हम इन मीट्रिक्स को मापते तथा हमारे प्रतिस्पर्धियों की मीट्रिक्स से इनकी तुलना करते हैं, हम उन ग्राहक मूल्यों की माप करते हैं जिनको हम प्रदान करते हैं तथा ग्राहक हमारे काम में उन मूल्यों को देख सकते हैं,” श्री लांगराना बताते हैं।

ग्राहक दृष्टिकोण
टाटा केमिकल्स की टीम ने सिस्टम ऑप्टिमाइजेशन के लिए अच्छी पहल दर्शायी है और हमेशा हमारे जैसे ग्राहकों की मासिक डिलेवरी शेड्यूल संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रयास किए हैं। संबंध, साझीदारी में विकसित हो गए हैं...

स्वामीनाथन आइज़नहावर, ऑपरेशंस निदेशक, सेंट गोबेन इंडिया

यह मुख्य लेख का सारांश है, जो टाटा समूह की ग्राहक-केन्द्रित संस्कृति के बारे में कवर स्टोरी का एक हिस्सा है, जिसे टाटा रिव्यूके जुलाई 2015 संस्करण में शामिल किया गया है।
टाटा में ग्राहक केन्द्रीयता पर चेयरमैन का संदेश
हरीश भट्ट: यह संस्कृति का हिस्सा है
डॉ राल्फ स्पेथ: आनंदित करने के लिए डिज़ाइन किया हुआ
आर मुकुंदन: एक नया समीकरण उभर रहा है
भास्कर भट्ट: किसी वृत्त के केन्द्र में
जगुआर लैंड रोवर: पहिए पर कौन है?
टाइटन कंपनी: स्टाइल में वज़न
टाटा मोटर्स: लॉन्ग ड्राइव के लिए तैयार
टाटा मोटर्स: एक स्वस्थ जुनून
टाटा ग्लोबल बेवरेजेस: कनेक्शन स्वादिष्ट है
टाटा पावर: स्नेह सृजन भी
टाटा कम्युनिकेशन्स: गुनगुनाने के लिए एक टेलीकॉम धुन
रैलीस: अच्छी हवा की कटाई
टाटा स्काई: सिग्नल स्पष्ट हैं
जुस्को: एक अलग कार्रवाई
टाटा स्टील: स्टील से बने बंधन