संस्थान

भारत का तानाबाना मज़बूत करने टाटा ने जो प्रयास किए हैं, उनका प्रभाव अनेक प्रकार से हुआ है। राष्ट्र निर्माण के लिए टाटा का जो मूल विचारबिंदु था और हमेशा रहेगा वो यह कि शिक्षा, अनुसंधान, ज्ञान और बौद्धिक संपदा के असाधारण संस्थानों बनाए जाएं और उनका वहन किया जाए।

आईआईएससी या भारतीय विज्ञान संस्थान ने देश को कई नोबल विजेता वैज्ञानिक दिए हैं, इसने बहुत से महान भारतीय वैज्ञानिकों को प्रशिक्षित किया है और देश के कुछ बेहतरीन वैज्ञानिक संस्थानों को संवारने में सहायता की है। बेंगलुरु में 375 एकड़ के परिसर में स्थित इस विख्यात संस्थान में 40 विभाग और केन्द्र हैं जो विज्ञान, इंजीनियरिंग और तकनीक की सभी शाखाओं में अनुसंधान व विकास तथा शिक्षण कार्य में संलग्न हैं। www.iisc.ernet.in  

भारत में ईको-तकनीक अभियान का अगुवा जेआरडीटेक (JRDTEC) एमएस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन, चेन्नई का अंग है। 1996 में स्थापित यह संस्थान पर्यावरण की रक्षा करने वाले धारणीय विकास का प्रचार और प्रोत्साहन तथा साथ ही उस पर निर्भर रहने वाले लोगों को लाभान्वित करने के कार्यों में संलग्न है। www.mssrf.org  

विज्ञान के क्षेत्र में भारत को समुन्नत करने और देश की वैज्ञानिक अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रेरित होकर वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा और टाटा समूह के अध्यक्ष स्वर्गीय जेआरडी टाटा ने 1945 में बॉम्बे [अब मुंबई] में टीआईएफआर की स्थापना की।
www.tifr.res.in  

1936 में स्थापित टीआईएसएस एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सामाजिक-कार्य शिक्षण के क्षेत्र का अग्रणी संस्थान रहा है। पोस्ट ग्रेजुएट और डॉक्टोरल पाठ्यक्रम उपलब्ध कराने वाले इस संस्थान ने सामाजिक नीति और नियोजन, मध्यस्थता रणनीतियों और मानव संसाधन विकास के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं।
www.tiss.edu  

टाटा मेमोरियल सेंटर कैंसर पर शोध और उसके उपचार का एक संपूर्ण केन्द्र है। वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र का यह एक महत्वपूर्ण स्थल है जहां प्राथमिक चिकित्सा के लिए आने वाले 60 प्रतिशत रोगियों का निःशुल्क उपचार किया जाता है।

भारत में कोलकाता स्थित टाटा मेडिकल सेंटर कैंसर शोध, निदान और उपचार का एक अत्याधुनिक केंद्र है।
www.tmckolkata.com